Tokens क्या है (What is Tokens In C Language)

जब आप कोई नई भाषा सीखते है तब आपको उस भाषा के बेसिक चीजों के बारे में पहले सीखना पड़ता है क्योकि बिना बेसिक जानकारी के आप बाकि चीजों के बारे में अच्छे से नहीं समझ सकते |

ठीक उसी तरह सी लैंग्वेज सीखने से पहले आज हम कुछ बेसिक जैसे कि – Tokens, keyword , identifiers आदि के बारे में बात करने वाले है |

आज हम विस्तार से जानेंगे कि C Tokens Kya Hai? (What is Tokens in C In Hindi) और टोकंस कितने प्रकार के होते है? ( Types of Tokens In Hindi ) तो चलिए जानते है कि Tokens Kya Hai?

What is Tokens In C Language - C Tokens in Hindi
C Tokens in Hindi

सी लैंग्वेज में टोकन क्या है (What is Tokens In C Language In Hindi)

सी लैंग्वेज में जब हम कोई प्रोग्राम लिखते है तो प्रोग्राम के हर लाइन में कुछ स्टेटमेंट होते है और हर स्टेटमेंट में कुछ वर्ड होते हैं और हर वर्ड का कुछ मतलब होता है आसान शब्दों में कहु तो हम प्रोग्राम को कई छोटे छोटे इकाइयों में बाँट कर लिखते है इनमे से सबसे छोटी इकाई Tokens कहलाती हैं.

Tokens सी लैंग्वेज की सबसे छोटी इकाई है जो सी लैंग्वेज में किसी प्रोग्राम को बनाने के लिए सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है |

इसको हम एक उदाहरण से समझते है – जब हम इंग्लिश में कोई Sentence लिखते है तो वो Sentence कई सारे Word से मिलकर बना होता है और हर Word का कुछ मतलब होता है | जिस तरह हम बिना किसी Word का उपयोग किये कोई Sentence नहीं बना सकते |

ठीक उसी तरह C Language में भी हम बिना Tokens का उपयोग किये कोई प्रोग्राम नहीं बना सकते क्योकि Tokens सी लैंग्वेज की सबसे छोटी इकाई है जो किसी प्रोग्राम को बनाने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है |

Tokens के प्रकार (Types of Tokens in Hindi)

Tokens छः प्रकार के होते है -:

  1. Keywords
  2. Identifiers
  3. Constants
  4. Strings
  5. Special Symbols
  6. Operators

आइये अब हम C Tokens In Hindi के इन सभी प्रकारों के बारे में एक एक करके डिटेल में जानते है -:

1. Keywords

सी लैंग्वेज में जब हम कोई प्रोग्राम लिखते है तो प्रोग्राम के हर लाइन में कुछ वर्ड होता है और हर वर्ड का कुछ मतलब होता है तो ऐसे वर्ड जो पहले से defined है उसे Keyword या Reserved word या  Predefined Word कहते है |

इनका अपना एक अलग महत्व और विशेषता होती है | चुकी Keywords, Predefined या Reserved होते है इसलिए इसका उपयोग किसी Variable के नाम के रूप में नहीं किया जा सकता | 

अगर हम किसी Keyword का उपयोग किसी Variable के नाम के रूप में करते है तो इसका मलबत, हम उस कीवर्ड की मीनिंग बदल रहे है जो की सी लैंग्वेज में अल्लोव (Allow) नहीं है |

हर Keywords का अपना एक निश्चित अर्थ है, और इसका अर्थ नहीं बदला जा सकता है | सभी Keywords का अर्थ कम्पाइलर को पहले से पता होता है इसलिए कम्पाइलर को अलग से इन कीवर्ड का मतलब बताने की जरुरत नहीं होती |  

सी लैंग्वेज कुल 32 Keywords सपोर्ट करती है  जो की निचे दिया गया है | Keywords को हम Lowercase Letter में ही लिखते है | 

autodoubleintstruct
breakelselongswitch
caseenumregistertypedef
charexternreturnunion
constshortfloatunsigned
continueforsignedvoid
defaultgotosizeofvolatile
doifstaticwhile
Keywords in C

2. Identifiers

आप अपनी डेली लाइफ में कई चीजें देखते होंगे जैसे कि कार, मोबाइल, घर, आपके दोस्त जैसे रमेश ,सुरेश आदि | इन सभी को आप एक अलग अलग नाम से जानते होंगे | एक बार सोचिए जरा ,अगर उनका नाम न हो तो आप उनके बारे में बात कैसे करेंगे | तो ऐसे में उनका नाम होना बहुत आवश्यक है, इसी नाम को ही हम Identifiers कहते हैं जिससे हम सभी को uniquely identify कर पाते है |

सी लैंग्वेज में Variable, Function, Array, Structure आदि का नाम देने के लिए Identifiers का  उपयोग किया जाता है | Identifiers यूजर डिफाइंड होता है | यूजर डिफाइंड का मतलब उपयोगकर्ता या यूजर निर्धारित करता है कि Variable, Function, Array, Structure आदि का नाम क्या होगा |

इनके नाम में सिर्फ uppercase letters, lowercase letters, underscore, और नंबर्स होते है | मगर दो Identifiers का नाम एक जैसा नहीं हो सकता | साथ ही Keywords का उपयोग हम Identifiers के रूप में नहीं कर सकते | 

Identifiers बनाने के कुछ नियम – :

  • Identifiers का पहला अक्षर अल्फाबेट, और अंडरस्कोर ही होगा |
  • इसमें केवल uppercase letters, lowercase letters, underscore, और नंबर्स का ही उपयोग किया जा सकता हैं | 
  • Identifiers के नाम में  व्हाइट-स्पेस नहीं होना चाहिए।
  • किसी कीवर्ड का उपयोग Identifiers के रूप में नहीं किया जा सकता | 
  • Identifiers की लंबाई 31 characters से ज्यादा नहीं हो सकती | 
  • आप जो भी Identifiers बनाये वो मीनिंगफुल होना चाहिए | 
  • Identifiers का नाम नंबर्स से शुरू नहीं हो सकता | 

3. String

String करैक्टर का एक Array है जो कि Null करैक्टर (\0) के साथ ख़तम होता है | Null करैक्टर (\0) बताता है कि String ख़तम हो गया है | String को हमेशा डबल क्वोट्स (“ “) के साथ लिखा जाता है | स्ट्रिंग की साइज उसमे उपस्थित Character की संख्या पर निर्भर करती है | 

String को हम इन अलग अलग तरीको से डिफाइन कर सकते है -:

  1. char string[20] = {‘M’,’a’,’a’,’t’,’e’,’r’,’p’,’r’ ,’o’ ,’g’ ,’r’ ,’a’ ,’m’ ,’m’ ,’i’ ,’n’ ,’g’ ‘\0’};
  2. char string[20] = “Masterprogramming”; 
  3. char string []    = “Masterprogramming”;

ऊपर दिए गए Examples में से पहले वाले Example में कम्पाइलर स्ट्रिंग को रैम में 20 बाइट मेमोरी Allocate करेगा जिसमे String को Character के रूप  रिप्रेजेंट किया गया है | दूसरे वाले Example में भी कम्पाइलर स्ट्रिंग को रैम में 20 बाइट मेमोरी Allocate करेगा और तीसरे वाले Example में स्ट्रिंग को कम्पाइलर रन टाइम में  मेमोरी Allocate करेगा | 

4. Operator

मैथ्स में आपने बहुत सारे Operator के बारे में पढ़ा होगा | Example के लिए जैसे की 2+4, इसमें 2 और 4 ओपेरंडस या डेटा कहलाते है और + को हम ऑपरेटर कहते  है | तो Operator बेसिकली कुछ ऑपरेशन परफॉर्म करते है और जो ऑपरेशन ऑपरेटर परफॉर्म करता है उसके लिए ऑपरेटर को कुछ डेटा या Operands की जरुरत होती है | बिना Operands के ऑपरेटर अपना कोई काम नहीं कर सकता | 

C Language में भी Operator ऐसे ही कुछ सिंबल होते है जिसकी मदद से हम कुछ ऑपरेशन परफॉर्म करते है | Operator जितने Operands पर कार्य करते है उसकी संख्या के आधार पर Operator को दो भागो में बांटा जा सकता है -:

  • Unary Operators
  • Binary Operators

Unary Operators

ऐसे ऑपरेटर जिनको ऑपरेशन परफॉर्म करने के लिए केवल एक ही Operands की जरुरत होती है उसे Unary Operators कहते है | उदाहरण के लिए increment और decrement ऑपरेटर में ऑपरेशन परफॉर्म करने के लिए केवल एक ही Operands की जरुरत होती है | increment operator (++), decrement operator (–) और sizeof, (type)* आदि Unary Operator है | 

Binary Operators

ऐसे ऑपरेटर जिनको कोई ऑपरेशन परफॉर्म करने के लिए एक से ज्यादा Operands की जरुरत होती है उसे Binary Operators कहते है | 

Binary Operators निम्न प्रकार के होते है -:

  • Arithmetic operators
  • Relational Operators
  • Logical Operators
  • Assignment Operators
  • Conditional Operators
  • Bitwise Operators

Operators के बारे में डिटेल्ड मे पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे 👉 Operators In C

5. Constant

Constant वे होते है जिनकी वैल्यू चेंज नहीं होती | एक बार वैल्यू डिक्लेअर करने के बाद उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता | Constant की वैल्यू फिक्स्ड होती है इसी को हम लिटरल्स (Literals) भी कहते है | 

Constant को हम दो तरह से डिक्लेअर कर सकते है -:

  • Using const keyword
  • Using #define pre-processor

Constant के बारे में विस्तार में यहाँ से पढ़े 👉 Constant In C

कांस्टेंट के प्रकार ( Types of Constant)

ConstantExample
Integer constant4, 111, 110, 34, etc.
Floating-point constant65.6, 67.8, 11.2, 2.0 etc.
Octal constant011, 088, 022, etc.
Hexadecimal constant0x1a, 0x4b, 0x6b, etc.
Character constant‘a’, ‘b’, ‘c’, etc.
String constant“C”, “C++”, “Python”, “Java”, “.net”, etc.
Constant In C

6. Special Character

सी लैंग्वेज में कुछ स्पेशल Symbols का उपयोग किया जाता है जिसका अपना एक विशेष अर्थ होता है तथा जिनका किसी और दूसरे उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता है |

निम्नलिखित  Special Symbols का उपयोग C लैंग्वेज में किया जाता है जिनका अपना एक विशेष अर्थ है और जिसे किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता है | 

  • Brackets[] -:  Opening और Closing ब्रैकेट्स [] का उपयोग Array एलिमेंट के रेफ़्रेन्स में किया जाता है यह सिंगल और मल्टिडीमेंसिअल सबस्क्रिप्ट को इंडीकेट करता है |
  • Parentheses() -: पैरेंथेसिस () का उपयोग सी लैंग्वेज में फंक्शन कॉल और फंक्शन डिक्लेरेशन में किया जाता है |
  • Curly Braces{} -: कर्ली ब्रेसेस {} का उपयोग कोड को स्टार्ट और एन्ड करने के लिए किया जाता है कर्ली ब्रेसेस {} कम्पाइलर को बताता है कि  कोड कहा से शुरू और कहा से ख़तम होगा | 
  • Comma (, ) -: Comma (, ) का उपयोग एक से ज्यादा स्टेटमेंट को अलग करने के लिए किया जाता है जैसे – फंक्शन कॉल में पैरामीटर को पृथक करने में, Printf() द्वारा किसी एक से ज्यादा वेरिएबल की वैल्यू को प्रिंट करते समय उन वेरिएबल को पृथक करने के लिए आदि कामों में | 
  • Semicolon(;) -: सेमीकोलन(;) का उपयोग प्रोग्राम में किसी स्टेटमेंट के समाप्त हो जाने पर किया जाता है सेमीकोलन कम्पाइलर को बताता है कि प्रोग्राम का वो स्टेटमेंट समाप्त हो गया है | 
  • Assignment operator(=) -: इसका उपयोग सी लैंग्वेज में किसी वेरिएबल में वैल्यू असाइन करने के लिए किया जाता है | 
  • Pre-processor (#) -:  इसका उपयोग  preprocessor directives के लिए किया जाता है ये सिंबल Pre-processor को बताता है कि प्रोग्राम के इस लाइन में हैडर फाइल का उपयोग किया जाना है | 

यहाँ तक आपको समझ आ गया होगा कि Tokens क्या है (What is Tokens in Hindi) और टोकन्स कितने प्रकार के होते हैं (Types of Tokens in C In Hindi)

वैसे आज इस पोस्ट में मैंने कुछ शब्दो (जैसे कि Variable , Function, Array, Structure आदि ) का उपयोग किया है, तो हो सकता है कि आपको इनका अर्थ अभी पता न होने के कारण आपको समझने में कुछ दिक्कत हुई हो | क्योकि आप अभी लैंग्वेज सीखना शुरूकर रहे है तो कुछ वर्ड का अर्थ आपको समझने में थोड़ी प्रॉब्लम होगी | पर जैसे-जैसे आप आगे पढ़ते जायेंगे सब चीजें क्लियर हो जाएगी | 

वैसे अभी मैं इन सभी का लिंक निचे दे रहा हूँ जहा से आप (Variable, Function, Array, Structure आदि ) इनके बारे में पढ़ सकते है और इनके बारे में कुछ आईडिया ले सकते है |

इन्हे भी पढ़े -:

Conclusion

दोस्तों आज के इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप Tokens Kya Hai? (What is Tokens in Hindi) और टोकन्स कितने प्रकार के होते हैं (Types of Tokens in Hindi) के बारे में अच्छे से जान गए होंगे |

दोस्तों आशा करता हु कि आपको ये पोस्ट पसंद आई होगी और आपको Tokens क्या है (What is Tokens in C In Hindi) और टोकन्स कितने प्रकार के होते हैं (Types of Tokens in C In Hindi) के बारे में काफी जानकरी हुई होगी |

दोस्तों अगर आपको ये पोस्ट पसंद आया हो तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे ताकि उनको भी Tokens क्या है (What is Tokens in Hindi) और टोकन्स कितने प्रकार के होते हैं (Types of Tokens in Hindi) के बारे में अच्छे से जानकारी प्राप्त हो सके |

अगर आप सी लैंग्वेज का Complete Tutorial चाहते है तो मेरे इस पोस्ट C Language Tutorial In Hindi को देखे यहाँ आपको C Programming Language के सभी टॉपिक्स step by step मिल जाएगी |

अगर आपको अभी भी C Tokens In Hindi से संबंधित कोई भी प्रश्न या Doubt है तो आप जरूर बताये मैं आपके सभी सवालों का जवाब दूँगा और ज्यादा जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते है |

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Jeetu Sahu is A Web Developer | Computer Engineer | Passionate about Coding, Competitive Programming and Blogging

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