Function क्या है? (What is Function in C in Hindi)

हेलो फ्रेंड्स, आज के इस आर्टिकल में हम Function in C Language के बारे में बात करने वाले है |

आज हम विस्तार से जानेंगे कि फंक्शन क्या है? (What is Function in C In Hindi) सी लैंग्वेज में फंक्शन कितने प्रकार के होते है? (Types of Function In C In Hindi ) और फंक्शन का उपयोग कैसे करते है?

तो चलिए बिना समय गवाए सबसे पहले जानते है कि Function Kya Hai ?

Function क्या है? (What is Function in C in Hindi)
Function क्या है? (What is Function in C in Hindi)

फंक्शन क्या है? (What is Function in C in Hindi)

सी लैंग्वेज में जब हम कोई प्रोग्राम बनाते है तो उस प्रोग्राम को हम कई सारे छोटे छोटे ब्लॉक में बाँट करके बनाते है और ये Block of Code ही Function कहलाते है | 

Function के अंदर कई सारे स्टेटमेंट होते है जो स्पेसिफिक टास्क को परफॉर्म करने का कार्य करते है | ये सेट ऑफ़ स्टेटमेंट जो कर्ली ब्रैकेट { } से क्लोज होते है ब्लॉक कहलाते है |

एक प्रोग्राम को जब हम ब्लॉक्स में बाँट करके बनाते है तो उस प्रोग्राम को रीड करना और जरुरत पड़ने पर उसको मॉडिफाई करना आसान हो जाता है |

Function बनाने से कोड को मैनेज करना भी आसान हो जाता है क्योकि यदि हमारे प्रोग्राम में कही एरर आता है तो उस एरर का हम आसानी से पता लगा सकते है और उसे ठीक कर सकते है | 

सी लैंग्वेज में जब आपने पहले कभी कोई प्रोग्राम बनाया होगा तब आपने उसमें main() नाम के फंक्शन का उपयोग जरूर किया होगा | ये main() फंक्शन हमारे प्रोग्राम में एक ही होता है और प्रोग्राम का execution भी इसी main() फंक्शन से होता है | 

हम चाहे तो अपने प्रोग्राम में इस तरह के कई सारे फंक्शन बना सकते है और अपने प्रोग्राम में उसे कहीं भी जरूरत पड़ने पर उपयोग कर सकते है | 

मगर क्या आपको पता है कि वास्तव में हम फंक्शन क्यों बनाते है? क्या बिना फंक्शन के हम प्रोग्राम नहीं बना सकते ? 

तो चलिए जानते है इन सभी के बारे में 

हमें फंक्शन की आवश्यकता क्यों है? (Why we need functions In C)

सी लैंग्वेज में जब हम कोई प्रोग्राम बनाते है तो प्रोग्राम में ऐसी कई सारी स्थितियां उत्पन्न हो सकती है जिसमे हमे एक ही कोड को बार बार उपयोग करने की आवश्यकता हो | इससे कोड का अनावश्यक दोहराव और कोड में Bug आने की सम्भावना होती है साथ ही प्रोग्रामर का एक ही कोड को बार बार लिखना बोरिंग लग सकता है |

ऐसे में सी लैंग्वेज हमे Functions के रूप यह सुविधा प्रदान करता है कि हम कई सारे स्टेटमेंट को एक ग्रुप में रखकर एक बार Declare और Define करे तथा आवश्यकता पड़ने पर उस function को कई बार कॉल करके उपयोग कर सके | 

Functions का उपयोग हम निम्न कारणों से भी करते है -: 

  • एक ही कोड को बार बार लिखने से बचने के लिए फंक्शन बनाया जाता है | 
  • Functions एक बार बनाने के बाद उसे हम अपने प्रोग्राम में उसके नाम के द्वारा जितनी बार जरूरत हो उतनी बार कॉल कर सकते है और उपयोग कर सकते है | 
  • फंक्शन बना कर हम कोड को कई सारे ब्लॉक में बाँट देते है जिससे Debugging करना आसान हो जाता है | 
  • फंक्शन बनाने से एक बहुत बड़े कोड को आसानी से पढ़ा और समझा जा सकता है |
  • Functions बनाने से एक ही कोड की डुप्लीकेट कॉपी नहीं बनती जिससे कोड का साइज कम हो जाता है | 

सी लैंग्वेज में functions दो प्रकार के होते हैं -: एक जो पहले से Library files में डिफाइन होता है और दूसरा यूजर प्रोग्राम बनाते समय खुद से Define करता है | 

आइये जानते है फंक्शन के प्रकारों के बारे में | 

फंक्शन के प्रकार (Types of Functions in C in Hindi)

सी लैंग्वेज में फंक्शन दो प्रकार के होते है -:

  1. Predefined Standard Library Functions
  2. User Defined functions

1. Predefined Standard Library Functions 

ऐसे फंक्शन जो पहले से लाइब्रेरी फाइल्स में Defined होते है Predefined Standard Library Functions कहलाते है इन फंक्शन को हम built-in functions के नाम से भी जानते है जिनका Declaration हैडर फाइल्स में होता है | 

printf(), scanf(), strcat() आदि Predefined Standard Library Functions के उदाहरण है जिनका Definition लाइब्रेरी फाइल्स में होता है और Declaration हैडर फाइल्स (जैसे studio.h, conio.h, string.h) में होता है |

इन हैडर फाइल्स को हम प्रोग्राम के शुरुआत में डिक्लेअर करते है ताकि लाइब्रेरी फाइल्स में पहले से जो डिफाइंड फंक्शन है उनको हम अपने इस प्रोग्राम में उपयोग कर सकें | 

For Example -: printf() फंक्शन का डिक्लेरेशन हैडर फाइल studio.h में है इसलिए printf() फंक्शन को उपयोग करने से पहले हमे studio.h हैडर फाइल को प्रोग्राम के शुरुआत में  #include<stdio.h> लिखकर include करना पड़ता है | 

2. User Defined functions

ऐसे functions जो पहले से defined नहीं होते तथा जिनको प्रोग्रामर या यूजर द्वारा प्रोग्राम में खुद से define किया जाता है, User Defined functions कहलाते है |

यूजर डिफाइंड फंक्शन का सिंटेक्स कुछ ऐसा होता है -:

Syntax of User defined Function 

return_type function_name( argument list )
{
   body of the function
}

ऊपर आप जो सिंटेक्स देख रहे है उसमे return_type,  function_name, argument list और body of the function जैसे कुछ वर्ड का उपयोग हुवा है | 

एक फंक्शन इन सभी से मिल मिलकर बना होता है | फंक्शन का एक return type होता है, नाम होता है और उसके पैरेंथेसिस () में हम कुछ arguments पास कर सकते है तथा फंक्शन की बॉडी, जो की कर्ली ब्रैकेट { } से क्लोज होती है उसमें हम स्टेटमेंट लिखते है |

आइये जानते है फंक्शन के इन पार्ट्स के बारे में |

Function के पार्ट्स (Part of Function In Hindi)

Return type

जब हमें फंक्शन का उपयोग करना होता है तो हम उसे उसका नाम लिखकर कॉल करते है | जब फंक्शन execute होता है और आखिर में जिस डेटा टाइप की वैल्यू फंक्शन रिटर्न करता है उस डेटा टाइप को हम इस जगह लिखते है | 

यदि फंक्शन कोई भी वैल्यू रिटर्न नहीं करता तो इस जगह हम void डेटा टाइप का उपयोग करते है और यदि फंक्शन कुछ वैल्यू रिटर्न कर रहा होता है तो हम int, float , double, char, जैसे डेटा का उपयोग करते है | 

Example without return value:

void hello()   //Here void is a return type
{  
printf("hello c");  
} 

इस example में फंक्शन किसी भी प्रकार का वैल्यू रिटर्न नहीं करता इसलिए Return type में void डेटा टाइप का उपयोग हुवा है | 

Example with return value:

int get()  //Here “ int ” is a return type   
{  
return 10;  
} 

इस example में फंक्शन int टाइप का वैल्यू रिटर्न कर रहा है इसलिए Return type में int डेटा टाइप का उपयोग हुवा है | 

Function name 

Function name एक identifier है जो उस Function का स्पेशल नाम होता है | हम प्रोग्राम में एक ही name को दो Function के साथ उपयोग नहीं कर सकते ऐसा करने पर प्रोग्राम में एरर आ सकता है | 

Function name मीनिंगफुल होना चाहिए ताकि उस फंक्शन के उद्देश्य को आसानी से समझा जा सके |

Example -:

addition( int var, int var) //Here "addition" is a Function name 
{
  statements; 
  statements; 
   …
   ...
}

Arguments  

Function के पैरेंथेसिस में हम वेरिएबल नाम के साथ उसका data types भी लिखते है | वैसे पैरेंथेसिस में कुछ लिखना या न लिखा उस Functions के बिहेवियर पर निर्भर करता है | 

जैसे कोई फंक्शन है जिसको अपना कार्य करने के लिए कुछ नंबर की जरूरत है तो हम उसके पैरेंथेसिस में वो वेरिएबल डिक्लेयर करके वेरिएबल बना देते है ताकि फंक्शन उस वैल्यू को इन वेरिएबल्स में रख सके | 

Example -:

Sum( int var, int var) //Here  “ int var, int var ” is a Function argument list
{
  statements; 
  statements; 
   …
   …
   Body of Function
}

Body of the function

Function के अंदर जितने भी स्टेटमेंट होते है वो कर्ली ब्रैकेट { } से कवर होते है जिसे हम ब्लॉक कहते है इसी ब्लॉक को उस फंक्शन की बॉडी कहा जाता है | 

चलिए इन सभी चीजों को एक उदाहरण के द्वारा और अच्छे समझते है |

Example 

#include <stdio.h>   //Header File 
int addition(int num1, int num2)  //Function declaration
/*
Here int is a return type, addition is a function name and int num1, int num2 is a argument list 
*/
int main()
{
     int var1, var2,var3;      //variable declaration
     printf("Enter number 1 : ");
     scanf("%d", &var1);
     printf("Enter number 2 : ");
     scanf("%d",&var2);

     var3= addition(var1, var2);  // Function Call
     printf (" Sum is : %d", var3);

     return 0;
}
int addition(int num1, int num2)   // Function Definition
{
     int sum;
     sum = num1+num2;      /* Arguments are used here*/
     return sum;
}

इस उदाहरण में addition फंक्शन का नाम है और addition से पहले जो int लिखा है वो उस फंक्शन का Return Type है यहाँ पर  रिटर्न टाइप में int इसलिए लिखा है क्योकि यह फंक्शन इन्टिजर टाइप का डेटा रिटर्न कर रहा है | फंक्शन के पैरेंथेसिस ( ) में जो int num1 और int num2 लिखा है वो फंक्शन का Arguments लिस्ट है | 

वैसे इस example को थोड़ा गौर से देखेंगे तो उसमे मैंने कमेंट करके Function declaration, Function Call, और Function Definition जैसे कुछ शब्दों का उपयोग किया है आइये जानते है इन सभी के बारे में | 

Function Aspects

Function में ये तीन मुख्य पहलू होते है जो आपको जानना जरूरी है -:

  1. Function declaration
  2. Function call
  3. Function definition

Function declaration

जब भी हम किसी फंक्शन का उपयोग अपने प्रोग्राम में करते है तब Function declaration के द्वारा सबसे पहले हमे कम्पाइलर को बताना पड़ता है कि हम इस नाम और इस टाइप का फंक्शन अपने प्रोग्राम में उपयोग करने वाले है | 

यदि हम बिना Function declaration के फंक्शन का उपयोग करने जाएंगे तो कम्पाइलर को कंपाइल टाइम में पता नहीं होगा कि ये कौन सा फंक्शन है जो इस प्रोग्राम में उपयोग हो रहा है इसलिए कम्पाइलर एरर दे देगा | 

तो जब भी हम अपने प्रोग्राम में Function का उपयोग करने वाले होते है तब हमे सबसे पहले उसका declaration करना पड़ता है | 

Syntax of function declaration

return_type function_name (argument list);

Example -:

int multiply(int var, int var) 

वैसे हम डिक्लेरेशन के समय फंक्शन पैरेंथेसिस () के अंदर उस फंक्शन में उपयोग होने वाले वेरिएबल का नाम न भी लिखे तो चलेगा मगर डेटा टाइप लिखना ही पड़ता है | 

Example -:

int max(int, int);

फंक्शन डिक्लेरेशन की जरुरत तब पड़ती है जब हम उस फंक्शन को प्रोग्राम में main() फंक्शन के निचे डिफाइन करते है  और या फिर ऐसे फंक्शन के उपयोग के टाइम डिक्लेरेशन जरुरी होती है जब वो फंक्शन किसी दूसरे फाइल्स में हो| 

Function call

सी लैंग्वेज में हम किसी भी फंक्शन को बिना कॉल किये उपयोग नहीं कर सकते | यदि हमे किसी फंक्शन का उपयोग अपने प्रोग्राम में करना है तो हमे उस फंक्शन का नाम लिख कर उसे कॉल करना पड़ता है और इसे ही Function Calling कहते है | 

जब किसी फंक्शन को कॉल किया जाता है तो प्रोग्राम का कण्ट्रोल उस फंक्शन के पास चला जाता है और उसके अंदर के कोड को execute करना शुरू कर देता है और जैसे ही फंक्शन का execution ख़तम हो जाता है प्रोग्राम का कण्ट्रोल फिर से उस जगह चला जाता है जहा से फंक्शन को कॉल किया गया होता है | 

Syntax of function calling

function_name (argument_list)

यहाँ हम फंक्शन के पैरेंथेसिस में कोई Arguments तब लिखते है जब हमे कोई वैल्यू उस फंक्शन को पास करना पड़ता है | यदि फंक्शन को किसी भी वैल्यू की जरुरत नहीं होती तो हम पैरेंथेसिस खाली रखते है | 

Example -:

Result = multiply();

Function definition

फंक्शन डेफिनेशन सेक्शन में हम प्रोग्राम में execute होने वाले वास्तविक स्टेटमेंट्स को लिखते है | 

प्रोग्राम का कण्ट्रोल फंक्शन डेफिनेशन वाले पार्ट में तब आता है जब फंक्शन को कॉल किया जाता है और फंक्शन के अंदर के स्टेटमेंट को execute किया जाता है  फिर यदि फंक्शन कोई वैल्यू रिटर्न करता है तो उस वैल्यू को वापिस उस जगह पास कर दिया जाता है जिनमे उस फंक्शन को कॉल किया होता है | 

Syntax of function definition 

return_type function_name (argument list) 
{
function body;
statements; 
statements;
….
}

Example

return_type function_name(Function arguments)
{  
//code to be executed  
} 

दोस्तों यहाँ तक आपको समझ आ गया होगा कि फंक्शन क्या है? (What is function in C in Hindi) कितने प्रकार के होते है? तथा फंक्शन को कैसे डिक्लेअर, डिफाइन और कॉल किया जाता है | 

आइये हम हम फंक्शन के कुछ और पहलुओं के बारे में बात करते है जिसे आपको जानना काफी जरूरी है | 

Different expect of function calling

एक Function या तो कोई वैल्यू रिटर्न करता है या फिर नहीं करता और Function के पैरेंथेसिस खली रहते है या फिर हम उसके अंदर हम कुछ arguments लिखते है | Function के इन पहलुओं को देखते हुए हम Function को चार प्रकार से बाँट सकते है | 

  1. Functions with no arguments and no return value.
  2. Functions with no arguments and a return value.
  3. Functions with arguments and no return value.
  4. Functions with arguments and a return value

1. Functions with no arguments and no return value

इस तरह के फंक्शन में हम पैरेंथेसिस के अंदर कोई भी arguments नहीं लिखते है तथा इनका रिटर्न टाइप void होता है क्योकि ये किसी भी प्रकार के वैल्यू रिटर्न नहीं कर रहे होते | 

Syntax 

void func (void) ;
main( ) .'
{
func ( ) ;
}
void func (void).
{
statement;
....
}

Example

#include<stdio.h>  
void addition(void);    //Function Declaration
void main()  
{  
    printf("\n Going to calculate the addition of two numbers : ");  
    addition();   //Function Calling
}  
void addition()   // Function Definition
{  
    int a,b;   

    printf("\nEnter two numbers \n");  
    scanf("%d %d",&a,&b);  
   
    printf("The sum is %d",a+b); 
 }  

Output -:

Going to calculate the addition of two numbers :
Enter two numbers
10
20
sum is 30

इस प्रोग्राम में हमने Function calling और function declaration के समय किसी भी प्रकार का arguments नहीं लिखा इसलिए फंक्शन डिक्लेरेशन के टाइम पैरेंथेसिस में हमने void डेटा टाइप का उपयोग किया है | 

चूँकि यह फंक्शन कोई भी वैल्यू रिटर्न नहीं कर रहा इसलिए हमने इस फंक्शन के रिटर्न टाइप में void डेटा टाइप लिखा है | 

2. Functions with no arguments and a return value

इस तरह के फंक्शन में हम पैरेंथेसिस के अंदर कोई भी arguments नहीं लिखते है मगर रिटर्न टाइप int, char, float, double कुछ भी हो सकता है ये रिटर्न टाइप फंक्शन किस टाइप का डेटा रिटर्न कर रहा है उस पर निर्भर करता है |  

Syntax

int func (void) ;
main( ) .'
{ 
  data_type var;
  …
  var = func () ;
  …
}
int func (void).
{
statement;
....
}

Example -:

#include<stdio.h>  
int addition(void);  
void main()  
{  
    int result;   
    printf("\nGoing to calculate the sum of two numbers:");  
    result = addition();  
    printf("%d",result);  
}  
int addition()  
{  
    int a,b;   
    printf("\nEnter two numbers");  
    scanf("%d %d",&a,&b);  
    return a+b;   
} 

Output -:

Going to calculate the addition of two numbers :
Enter two numbers
5
15
sum is 20

इस प्रोग्राम में हमने Function calling और function declaration के समय किसी भी प्रकार का arguments नहीं लिखा इसलिए फंक्शन डिक्लेरेशन के टाइम पैरेंथेसिस में हमने void डेटा टाइप का उपयोग किया है | 

चूँकि यह Function इन्टिजर टाइप का वैल्यू रिटर्न कर रहा इसलिए हमने इस फंक्शन के रिटर्न टाइप में int डेटा टाइप उपयोग किया है | 

3. Functions with arguments and no return value

इस तरह के फंक्शन में हम पैरेंथेसिस के अंदर arguments लिखते है मगर रिटर्न टाइप में void डेटा टाइप का उपयोग किया जाता है क्योकि यह फंक्शन किसी भी टाइप का वैल्यू रिटर्न नहीं करता | 

Syntax 

void func(int, int) ;
void main ( )
{
func(a,b) ;
....
}
void func( int c, int d)
{
statements;
....
....
}

Example

#include<stdio.h>  
void addition(int, int);  
void main()  
{  
    int a,b,result;   
    printf("\nGoing to calculate the sum of two numbers:");  
    
    printf("\nEnter two numbers:");  
    scanf("%d %d",&a,&b);  
    addition(a,b);  
}  
void addition(int a, int b)  
{  
    printf("\nThe sum is %d",a+b);      
}  

Output -:

Going to calculate the addition of two numbers :
Enter two numbers
15
25
sum is 40

इस प्रोग्राम में हमने फंक्शन कॉलिंग के समय इन्टिजर टाइप के दो वैल्यू फंक्शन को पास कर रहे है और फंक्शन डिक्लेरेशन के समय फंक्शन के पैरेंथेसिस में int डेटा टाइप के साथ दो वेरिएबल बना रहे है ताकि जो वैल्यू आ रहा है उनको इन वेरिएबल में स्टोर किया जा सके |  

चूँकि इस फंक्शन में फंक्शन कालिंग और फंक्शन डिक्लेरेशन के समय पैरेंथेसिस के अंदर इन्टिजर टाइप का arguments लिखा जा रहा है इसलिए हमने फंक्शन डिक्लेरेशन के समय भी दो int डेटा टाइप का उपयोग किया है | 

यह फंक्शन कोई भी वैल्यू रिटर्न नहीं कर रहा इसलिए हमने इस फंक्शन के रिटर्न टाइप में void डेटा टाइप का उपयोग किया है |

4. Functions with arguments and a return value

इस तरह के फंक्शन में हम पैरेंथेसिस के अंदर आर्गुमेंट लिखते है और रिटर्न टाइप में int, char, float, double डेटा टाइप में से किसी भी एक डेटा टाइप का उपयोग किया जाता है क्योकि यह फंक्शन कुछ वैल्यू रिटर्न करता है | 

मगर ये रिटर्न टाइप इस बात पर निर्भर करता है कि फंक्शन किस टाइप का डेटा रिटर्न कर रहा है | 

Syntax 

int func(int, int) ;
void main ( )
{  
data_type var;
var = func(a,b) ;
....
}
int func( int c, int d)
{
statements;
....
....
}

Example

#include<stdio.h>  
int addition(int, int);  
void main()  
{  
    int a,b,result;   
    printf("\nGoing to calculate the sum of two numbers:");  
    printf("\nEnter two numbers:");  
    scanf("%d %d",&a,&b);  
    result = addition(a,b);  
    printf("\nThe sum is : %d",result);  
}  
int addition(int a, int b)  
{  
    return a+b;  
}

Output -:

Going to calculate the addition of two numbers :
Enter two numbers
25
35
sum is 60

इस प्रोग्राम में हमने फंक्शन कॉलिंग के समय इन्टिजर टाइप के दो वैल्यू फंक्शन को पास कर रहे है और फंक्शन डिक्लेरेशन के समय फंक्शन के पैरेंथेसिस में int डेटा टाइप के साथ दो वेरिएबल बना रहे है ताकि जो वैल्यू आ रहा है उनको इन वेरिएबल में स्टोर किया जा सके |  

चूँकि इस फंक्शन में फंक्शन कालिंग और फंक्शन डिक्लेरेशन के समय पैरेंथेसिस के अंदर इन्टिजर टाइप का आर्गुमेंट लिखा जा रहा है इसलिए हमने फंक्शन डिक्लेरेशन के समय भी दो int डेटा टाइप का उपयोग किया है | 

चूँकि यह फंक्शन इन्टिजर टाइप का वैल्यू रिटर्न कर रहा इसलिए हमने इस फंक्शन के रिटर्न टाइप में int डेटा टाइप उपयोग किया है | 

फंक्शन उपयोग करने के लाभ (Advantages of function in Hindi)

फंक्शन बनाने के कई सारे लाभ है उनमें से कुछ निम्नलिखित है -:

  1. Function बना कर हम एक ही कोड को बार बार लिखे बिना अपने प्रोग्राम में कही भी उपयोग कर सकते है | 
  2. Function बना कर हम एक बहुत बड़े प्रोग्राम को ब्लॉक्स में बाँट सकते है जिससे प्रोग्राम को आसानी से समझा जा सकता है | 
  3. Function को हम अपने प्रोग्राम में जितनी बार चाहे उतनी बार कॉल कर सकते है | फंक्शन कॉल करने की कोई लिमिटेशन नहीं होती | 
  4. Function हमें एक ही कोड को प्रोग्राम में फिर से उपयोग करने की सुविधा प्रदान करता है | 
  5. Function बनाने से Debugging करना आसान हो जाता है | 
  6. प्रोग्राम को Function में बाँट कर उसे आसानी से मेंटेन कर सकते है | 
  7. यदि प्रोग्राम में कोई एरर आ जाता है तो उसे आसानी से पता लगा कर ठीक किया जा सकता है | 
  8. प्रोग्राम की साइज काम हो जाती है क्योकि एक ही कोड को बार बार नहीं लिखना पड़ता | 

Important Point about function 

  1. main() भी एक Function है | 
  2. हमारे प्रोग्राम में कई सारे Functions हो सकते है | 
  3. यदि हमारे प्रोग्राम में एक ही Function है तो वो main() Function ही होगा क्योकि सी लैंग्वेज प्रोग्राम main() से ही शुरू होता है | 
  4. हम एक Function को डिफाइन करने के बाद अपने प्रोग्राम में जितनी बार जरूरत हो उतनी बार कॉल कर सकते है | फंक्शन कॉल करने की कोई सीमा नहीं होती | 
  5. कोई भी Function किसी भी फंक्शन को कॉल कर सकता है | 
  6. जब कोई अपने खुद को ही कॉल करता है तो इसे Recursion कहते है जिसके बारे में हम अपने आगे के आर्टिकल में विस्तार से जानेंगे | 
  7. हर Function का अपना एक नाम होगा और उसके रिटर्न टाइप में या तो void डेटा टाइप होगा या फिर कोई दूसरा डेटा टाइप होगा | 
  8. किसी Function को प्रोग्राम में उपयोग करने से पहले उसे डिफाइन और डिक्लेअर करना जरूरी है | 
  9. किसी एक फंक्शन के अंदर किसी दूसरे फंक्शन का डेफिनिशन नहीं किया जा सकता | 
  10. प्रोग्राम में हर Function का नाम अलग अलग होना चाहिए | 
  11. Function को मेमोरी तभी मिलती है जब उसे कॉल किया जाता है जैसे ही फंक्शन का कार्य ख़तम हो जाता है फंक्शन अपना मेमोरी रिलीज़ कर देता है | 
  12. जब एक Function का डिक्लेरेशन main() Function के बाहर करते है तो उस फंक्शन को global function कहते है और यदि उसका डिक्लेरेशन main() के अंदर करते है तो उसे local function कहते है | यदि आपको इसके बारे में विस्तार से जानना है तो निचे कमेंट में बताये मैं इस बारे में विस्तार से आर्टिकल लिखूंगा | 
  13. एक फंक्शन दूसरे फंक्शन के वेरिएबल को एक्सेस नहीं कर सकता | 
  14. return कीवर्ड केवल एक ही वैल्यू रिटर्न कर सकता है | 
  15. रिटर्न कीवर्ड के बाद () लगाना तब जरूरी होता है जब हमें उसके अंदर कोई एक्सप्रेशन (जैसे a+b) लिखना होता है | 
  16. यदि हम return कीवर्ड के बाद कोई स्टेटमेंट लिखते है तो वो स्टेटमेंट नहीं चलेगा | 

निष्कर्ष

दोस्तों आशा करता हु कि आज के इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको फंक्शन क्या है? (What is Function in C In Hindi) और सी लैंग्वेज में फंक्शन कितने प्रकार के होते है? (Types of Function In C In Hindi ) से संबंधित सभी जानकारी मिल गई होगी |

अगर आप सी लैंग्वेज का Complete Tutorial चाहते है तो मेरे इस पोस्ट C Language Tutorial In Hindi को देखे यहाँ आपको C Programming Language के सभी टॉपिक्स step by step मिल जाएगी |

दोस्तों आशा करता हु कि आपको ये पोस्ट पसंद आई होगी और आपको सी लैंग्वेज में फंक्शन क्या होता है? (What is Function in C in Hindi) के बारे में काफी जानकरी हुई होगी |

अगर आपको ये पोस्ट पसंद आया है तो इस पोस्ट को अपने अपने दोस्तों को शेयर करना न भूलिएगा ताकि उनको भी ये जानकारी प्राप्त हो सके |

अगर आपको अभी भी Function in C Language से संबंधित कोई भी प्रश्न या Doubt है तो आप जरूर बताये मैं आपके सभी सवालों का जवाब दूँगा और ज्यादा जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते है |

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Jeetu Sahu is A Web Developer | Computer Engineer | Passionate about Coding, Competitive Programming and Blogging

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