सी लैंग्वेज की विशेषताएं (Features of C Language In Hindi)

आज मैं आपको इस लेख में सी लैंग्वेज की विशेषताओं (Features of C Language In Hindi) के बारे में बताने वाला हु |

सी लैंग्वेज की विशेषताओं के बारे में जानने से पहले आपको ये जानना आवश्यक है कि सी लैंग्वेज क्या है ?

सी लैंग्वेज के बारे में डिटेल्ड में जानने के लिए इस आर्टिकल को पढ़े 👉 C Language Kya Hai? C Language क्यों और कैसे सीखे?

C Language दुनिया का सबसे पुराना प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जिसे स्कूल, College और University में स्टूडेंट्स को कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज से अवगत करने के लिए सिखाया जाता हैं |

C Language मुख्य रूप से System Software बनाने के लिए उपयोग किया जाता है जैसे – ऑपरेटिंग सिस्टम, कम्पाइलर आदि | सी लैंग्वेज बाकि सभी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के बेसिक फीचर्स को कवर कर लेता है इसलिए कहा जाता है कि सी लैंग्वेज से बाकि सभी लैंग्वेज निकले है | 

C Language एक structured प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जिसको Dennis Ritchie ने 1972 में Bell Laboratories में Developed किया था |

हम हर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को उसके Features के आधार पर अलग कर सकते है क्योकि उनके फीचर्स उनको बाकि प्रोग्रामिंग लैंग्वेज से अलग बनाती है |

आइये जानते है सी लैंग्वेज की विशेषताओं (Features of C Language In Hindi) के बारे में, जो इसे बाकि प्रोग्रामिंग लैंग्वेज से अलग बनती हैं |

अगर आप वीडियो देख कर सी लैंग्वेज की विशेषताओं (Features of C Language In Hindi) के बारे में जानना चाहते है तो आप निचे दिए गए इस वीडियो को भी देख सकते है | अगर ये नहीं देखना और सी लैंग्वेज की विशेषताओं को डिटेल्ड में जानना है तो आगे पढ़ते रहिये आगे आपको पूरी जानकारी हो जाएगी |

ये कुछ खास Features है C Language के जिसके कारण से सी लैंग्वेज पिछले 50 वर्षो से प्रोग्रामर्स के दिलो में अपनी जगह बनाये हुवें हैं |

सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की विशेषताएं (Features of C Language In Hindi)

  1. Portability
  2. Powerful Programming Language
  3. Simple Programming Language
  4. Structured Oriented Language
  5. Compiler Based
  6. Syntax Based Language
  7. Efficient Use of Pointers
  8. Middle Level Language
  9. Case Sensitive
  10. Modularity
  11. Dynamism
  12. Rich Library
  13. Statically Typed Programming Language 
  14. General Purpose Language
  15. Recursion
  16. Fast Speed
  17. Extensible
Features Of C Language In Hindi
सी लैंग्वेज की विशेषताएं (Features of C Language In Hindi)

1. Portability 

सी लैंग्वेज में लिखे गए प्रोग्राम्स काफी पोर्टेबल होते हैं मतलब सी लैंग्वेज में लिखे गए प्रोग्राम्स को थोड़े से बदलाव या बिना किसी बदलाव के अलग अलग मशीन या PC में बड़े आसानी से चलाया जा सकता है | कम्पाइलर और Preprocessor इसे अलग – अलग PC में चलने में संभव बनाते है |

Compiler और Preprocessor के बारे यहाँ से पढ़े – Compiler और Preprocessor 

2. Powerful Programming Language

सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज काफी Fast और Efficient प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है क्योकि इसमें Data Types, Function और Control Statements का उपयोग किया गया हैं |

3. Simple Programming Language

सी लैंग्वेज में इंग्लिश जैसे कमांड्स होते है जिससे प्रोग्रामर को Code लिखने और समझने में काफी आसानी होती है |

4. Structured Oriented Language

C Language स्ट्रक्चर्ड ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है | Structured Oriented प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कोड की जटिलता (Complexity) कम कर देता है जिससे Programs में काफी स्पष्टता (Clarity) होती है |

5. Compiler Based

सी लैंग्वेज Compiler Based प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है इसका मतलब C Language के प्रोग्राम्स को बिना Compile किये Execute या run नहीं किया जा सकता |

6. Syntax Based Language

सी लैंग्वेज Syntax Based प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है | Syntax Based प्रोग्रामिंग लैंग्वेज वो लैंग्वेज होता है जो Rules और Regulation को बड़ी कठोरता से मानता हैं  जैसे C, C++ ,Java आदि | अगर कोई प्रोग्रामिंग लैंग्वेज Rules और Regulation को कठोरता से नहीं मानता तो ऐसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को शिथिल Syntax based प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कहते हैं जैसे HTML  |  

7. Efficient Use of Pointers

पॉइंटर एक Variable होता हैं जो दूसरे वेरिएबल के एड्रेस को पॉइंट/होल्ड करता है Pointer के उपयोग से प्रोग्राम्स की Performance काफी बढ़ जाता है क्योकि इसमें डायरेक्ट मेमोरी एड्रेस को एक्सेस किया जाता है C language में पॉइंटर का काफी अच्छे तरीके से उपयोग हुवा हैं |

8. Middle Level Language

सी लैंग्वेज एक Middle Level Programming Language है मतलब इसमें Low Level प्रोग्रामिंग भी की जा सकती है और High Level प्रोग्रामिंग भी की जा सकती है जिसके कारन C Language की मदद से Application Software और System Software दोनों ही बड़े आसानी से बनाये जा सकते हैं |

9. Case Sensitive

सी लैंग्वेज एक Case Sensitive प्रोग्रामिंग लैंग्वेज हैं | Case Sensitive का मतलब हम एक Example से समझते है अगर हम C लैंग्वेज में एक जगह ऐसे printf लिखें और दूसरी जगह PRINTF ऐसे लिखें तो C Language में दोनों का मतलब अलग अलग होता है |

ये C Language का एक खास फीचर्स है |

अगर किसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में Lower Case और Upper Case में लिखे गए शब्द का मतलब अलग अलग होता है तो ऐसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को Case Sensitive प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कहते है जैसे – C, C++, JAVA, .NET प्रोग्रामिंग लैंग्वेज Case Sensitive प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है और ऐसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जिसमे Lower Case और Upper Case में लिखे गए शब्द में कोई अंतर नहीं होता ऐसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को Case Insensitive प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कहते हैं जैसे – HTML, SQL लैंग्वेज case insensitive लैंग्वेज है |

10. Modularity

सी लैंग्वेज में हम अपने कोड को ब्लॉक्स में बांट सकते हैं जिससे कोड को read और write करना आसान हो जाता हैं  ये एक सॉफ्टवेयर डिज़ाइन करने का Technique हैं जिसमे एक पुरे प्रोग्राम्स को कई सारे Function या ब्लॉक में बाट दिया जाता है |

11. Dynamism

सी लैंग्वेज में DMA डायनामिक मेमोरी लोकेशन (Dynamic Memory Allocation) का कांसेप्ट भी हैं जो मेमोरी को काफी efficient तरीके से उपयोग करने और अच्छे से manage करने में मदद करता हैं |

12. Rich Library

सी लैंग्वेज हमे पहले से बने हुए लाइब्रेरी प्रदान करता हैं जो प्रोग्राम्स को बनाने में गति प्रदान करता हैं |

13. Statically Typed Programming Language

C language एक Statically Typed Programming language है। जिसका अर्थ है कि सी लैंग्वेज में प्रोग्राम के compilation के समय variable का डेटा टाइप जांचा जाता है, लेकिन रन समय पर नहीं |,इसका मतलब जब भी प्रोग्रामर कोई प्रोग्राम बनायेगा और उसमे कोई वेरिएबल का उपयोग करेगा तो हर बार प्रोग्रामर को उस वेरिएबल का डेटा टाइप डिक्लेअर करना पड़ेगा |

14. General Purpose Language:

System Programming से लेकर फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर तक, सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का उपयोग विभिन्न Applications बनाने में किया जाता है। कुछ सामान्य Applications जहां सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का उपयोग किया जाता है, वे हैं -:

ऑपरेटिंग सिस्टम -: Windows, Linux, Android, OXS, iOS |

डेटाबेस -: PostgreSQL, Oracle, MySQL, MS SQL Server आदि।

15. Recursion

सी लैंग्वेज में, हम Function के भीतर Function को कॉल कर सकते हैं। यह Feature प्रत्येक Function के लिए कोड को पुन: उपयोग करने की अनुमति प्रदान करता है। Recursion के बारे में हम ज्यादा से फंक्शन वाले सेक्शन में आगे पढ़ेंगे | 

16. Fast Speed

सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज बाकि प्रोग्रामिंग लैंगुएज की तुलना में काफी तेज़ है क्योकि यह एक  compiler-based language है, इसलिए यह java, python जैसी अन्य प्रोग्रामिंग भाषाओं की तुलना में अधिक तेज़ है, जो interpreter based हैं।

17. Extendable 

सी लैंग्वेज को समय के साथ बदला जा सकता है  | सी लैंग्वेज में नए सुधारो को आसानी से अपनाने की क्षमता है |

इन्हे भी पढ़े -:

C Language से सम्बंधित कुछ Interesting Facts

  • सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को मूल रूप से unix ऑपरेटिंग सिस्टम को डेवलप्ड करने के लिए बनाया गया था |
  • ANSI  द्वारा 1988 में सी लैंग्वेज का एक स्टैण्डर्ड निकाला गया जिसके बाद इसे C88  कहा गया | 
  • Linix OS, Mysql को सी लैंग्वेज में लिखा गया  हैं |
  • सी लैंग्वेज को असेंबली लैंग्वेज में लिखा गया हैं |

सी भाषा के अनुप्रयोग (Application of C Language In hindi)

  • सी लैंग्वेज का उपयोग Computer Application Software बनाने के लिए किया जाता है जैसे Database, Spread sheet आदि |
  • सी लैंग्वेज का उपयोग Embedded Software लिखने में  किया जाता हैं |
  • सी लैंग्वेज का उपयोग System Software बनाने के लिए किया जाता है जैसे Operating System
  • Graphic से सम्बंधित application बनाने के लिए जैसे Computer और Mobile games |
  • Unix kernel को पूरी तरह से C Language में डेवलप्ड किया गया हैं |
  • C Language का  उपयोग Network Devices और Device driver  बनाने के लिए किया जाता हैं |
  • Compiler बनाने के लिए C Language का उपयोग किया जाता हैं कम्पाइलर हाई लेवल कोड को लौ लेवल कोड या मशीन कोड में कन्वर्ट कर देता हैं |

Conclusion

दोस्तों आज हमने इस पोस्ट “सी लैंग्वेज की विशेषताएं (Features of C Language In Hindi)” में जो कुछ भी सीखा उसको संक्षेप में समझते हैं – :

  • सी एक सरल और पॉवरफुल  प्रोग्रामिंग लैंग्वेज हैं |
  • सी लैंग्वेज एक पोर्टेबल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज हैं|
  • C Structured Oriented, Syntax Based प्रोग्रामिंग लैंग्वेज हैं |
  • C एक Middle Level Language  हैं |
  • सी लैंग्वेज Case Sensitive, Compiler Based प्रोग्रामिंग लैंग्वेज हैं |

दोस्तों आज के इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आशा करता हु कि आपको सी लैंग्वेज की विशेषताओं (Features of C Language In Hindi) के बारे में अच्छे से जानकारी हो गई होगी |

अगर आप सी लैंग्वेज का Complete Tutorial चाहते है तो मेरे इस पोस्ट C Language Tutorial In Hindi को देखे यहाँ आपको C Programming Language के सभी टॉपिक्स step by step मिल जाएगी |

अगर आपको सी लैंग्वेज की विशेषताओं (Features of C Language In Hindi) से सम्बंधित या किसी और चीज के बारे में जानना चाहते हो तो निचे कमेंट में जरूर बताये मैं आपके सभी सवालों का जवाब अवश्य दूंगा |

दोस्तों आशा करता हु कि आपको ये पोस्ट पसंद आई होगी और आपको सी लैंग्वेज की विशेषताओं (Features of C Language In Hindi) के बारे में काफी जानकरी हुई होगी |

दोस्तों अगर आपको ये पोस्ट “सी लैंग्वेज की विशेषताएं (Features of C Language In Hindi)” पसंद आया हो तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे ताकि उनको भी इसके बारे में अच्छे से जानकारी प्राप्त हो सके |

तो दोस्तों यही सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की विशेषताएं (Characteristics of C Language In Hindi) थी जो C Language को काफी पॉपुलर और खास बनाती हैं |

ऐसे ही प्रोग्रामिंग, C Language, Coding  ,कंप्यूटर साइंस से रिलेटेड जानकारी पाने के लिए हमारी इस वेबसाइट master programming को जरुरु सब्सक्राइब करे जिससे हमारी लेटेस्ट पोस्ट की नोटिफिकेशन आपको पहले प्राप्त होगी | 

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Jeetu Sahu is A Web Developer | Computer Engineer | Passionate about Coding, Competitive Programming and Blogging

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