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फ्लोचार्ट क्या है – What is Flowchart In Hindi

किसी भी प्रोग्राम को बनाने से पहले उस प्रोग्राम के लिए प्लान बनाना जरूरी होता है, प्लान बनाते समय सबसे जरूरी रहता है कि हम डेवलपर को प्रोग्राम्स के सभी स्टेप्स को अच्छे से समझा सके जिससे उसे किसी तरह की कन्फ़्युशन ना हो और उसे अच्छे से पता हो कि उसे क्या बनाना है, 

इस जरूरत को पूरा करने के लिए प्रोग्राम्स को बनाने की प्लैनिंग करते समय प्रोग्राम्स की एक graphical representation बना ली जाती है, उस ग्राफिकल रेप्रेज़ेंटेशन को Flowchart कहा जाता है।

तो दोस्तों यह फ़्लोचार्ट की एक बहुत सरल सी परिभाषा थी, लेकिन यदि आप विस्तार से जानना चाहते है कि फ्लोचार्ट क्या है? (What is Flowchart In Hindi) फ्लोचार्ट कितने प्रकार के होते है? (Types of Flowchart In Hindi) यह क्या काम आता है? तो आप इस आर्टिकल को आगे पढ़ते रहें क्योंकि आज हम इस आर्टिकल में आपके इन सभी सवालों का जवाब देने वाले है।

तो आइये अब बिना समय गवाए विस्तार से जानते है कि Flowchart Kya Hai?

फ्लोचार्ट क्या है - What is Flowchart In Hindi

फ्लोचार्ट क्या है – What is Flowchart In Hindi

जब भी कंप्युटर में कोई प्रोग्राम बनाया जाता है तो उस प्रोग्राम को बनाने के लिए Algorithms की जरूरत पड़ती है, लेकिन इन Algorithms को सीधा ही प्रोग्राम में प्रयोग नहीं किया जाता, इन Algorithms को प्रोग्राम में प्रयोग करने से पहले इन्हे कंप्युटर में graphically रेप्रिज़ेन्ट किया जाता है, एल्गोरिथ्म के इस graphical representation को ही Flowchart कहा जाता है।  

Algorithms को प्रोग्राम में प्रयोग करने से पहले graphically इसलिए रेप्रिज़ेन्ट किया जाता है ताकि जब प्रोग्राम में डेवलपर को algorithms प्रयोग करने की जरूरत पड़े तो वह कन्फ्यूज़ ना हो और उसे अच्छे से पता हो कि उसे कब क्या करना है, इससे प्रोग्राम्स बनाने में आसानी रहती है और कार्य जल्दी से और बिना किसी error के पूरा होता है।

यह एक चार्ट की तरह ही होता है जिसमें प्रोग्राम के सभी स्टेप्स को systematically रेप्रिज़ेन्ट किया जाता है यानि पहले स्टेप के बाद दूसरा स्टेप क्या होगा और उसके बाद कौन सा स्टेप होगा, 

सभी स्टेप्स को फ़्लोचार्ट में पहले से ही बना लिया जाता है और उसके बाद फ़्लोचार्ट के अनुसार आगे के कार्य को किया जाता है।

फ्लोचार्ट बनाने के लिए कई सारे सिम्बल्स का उपयोग किया जाता है आइये जानते है कि वो सिम्बल्स कौन कौन से है और उनका क्या उपयोग है?

फ्लोचार्ट में उपयोग होने वाले सिंबल (Flowchart Symbols)

Flowchart को graphically represent करने के लिए इसमें सिंबल्स का प्रयोग किया जाता है, जिससे की फ़्लोचार्ट को देख कर फाइनल प्रोग्राम कैसे कार्य करेगा, उसको हम visualize कर सके।

वैसे तो फ़्लोचार्ट में कईं तरीके के सिंबल्स होते है, लेकिन मुख्य रूप से फ़्लोचार्ट में इन 6 सिंबल्स को प्रयोग किया जाता है -:

  1. Terminator
  2. Process
  3. Arrow
  4. Decision
  5. Input/Output
  6. Subprogram

1) Terminator Symbol

यह सिंबल्स ओवल shape के होते है, Terminator symbol यह दर्शाते है कि फ़्लोचार्ट के अंदर प्रोग्राम शुरू कहाँ से हो रहा है और खत्म कहाँ पर हो रहा है, यानि यह हर प्रोग्राम के शुरू और अंत में दर्शाये जाते है।

Terminator Symbol

2) Process Symbol

यह सिंबल्स rectangle shape के होते है, यदि हम कोई प्रोग्राम बना रहे है तो उस प्रोग्राम में कोई ना कोई प्रोसेस तो होता ही है, अधिकतर यह प्रोसेस एक से अधिक स्टेप्स के होते है तो यह process symbol हमारे फ़्लोचार्ट में उन प्रोसेस के स्टेप्स को दर्शाने का काम करते है।

Process Symbol

3) Arrow Symbol

यह सिम्बल एक arrow जैसा ही होता है, यह हमें फ़्लोचार्ट में प्रोग्राम की direction समझने में मदद करते है, ये सिंबल्स यह दर्शाते है कि कौनसे स्टेप के बाद कौनसे स्टेप कार्य करेंगे।

Arrow Symbol

4) Decision Symbol

यह सिंबल्स एक डायमंड जैसी shape में होते है, जैसा की इसके नाम से ही पता चल रहा है, इन सिंबल्स को वहाँ प्रयोग किया जाता है, जहां पर हमें फ़्लोचार्ट में प्रोग्राम में होने वाले किसी decision को दर्शाना हो।

Decision Symbol

5) Input/Output Symbol

यह सिंबल्स एक parallelogram की shape में होते है, इन सिंबल्स को वहाँ प्रयोग किया जाता है, जहाँ हमें फ़्लोचार्ट में यह दिखाना हो कि हम अपने प्रोग्राम में कहाँ पर यूजर से इनपुट लेंगे और फिर हम यूजर को आउट्पुट कहाँ पर दिखाएंगे।

Input/Output Symbol

6) Subprogram Symbol

इसे subroutine symbol भी कहा जाता है, जब भी हमें अपने प्रोग्राम में किसी दूसरे प्रोग्राम का रिफरेन्स बनाना पड़ता है तो उस समय दूसरे प्रोग्राम को दर्शाने के लिए subprogram symbol को प्रयोग किया जाता है, यह सिम्बल कुछ इस प्रकार का होता है -:

Subprogram Symbol

फ्लो चार्ट कितने प्रकार के होते है? (Types of Flowchart In Hindi)

डिजाइन के आधार पर फ़्लोचार्ट कईं प्रकार  के  हो सकते है, लेकिन मुख्य रूप से हम इसके 4 प्रकारों को ही अधिकतर प्रयोग करते है, वह 4 प्रकार निम्नलिखित है -:

  1. Process flow chart
  2. Data flow chart
  3. Business Process Modeling Diagram
  4. The Workflow Chart

1) Process Flow Chart

यह चार्ट यह दर्शाता है कि प्रोग्राम के अंदर प्रोसेस कैसे होगा, Process flowchart बाकी फ़्लोचार्टस की तुलना में सबसे खास होते है, इनकी मदद से हम लगभग हर प्रकार के प्रोग्राम के algorithms को ग्राफिकली रेप्रिज़ेन्ट कर सकते है।

 Process Flow Chart

2) Data Flow Chart

एक डाटा फ़्लोचार्ट यह दर्शाता है कि प्रोग्राम्स के अंदर डाटा किस तरीके से प्रोसेस किया जाएगा, इसकी मदद से हम यह देख सकते है कि हमारे प्रोग्राम में डाटा आएगा कहाँ से और उसके बाद वह जाएगा कहाँ।

जब आप को अपने किसी प्रोग्राम के डिजाइन को analyze करना होता है तो ऐसे में यह चार्ट बहुत काम आता है।

 Data Flow Chart

3) Swimlane Flowchart

यह चार्ट businesses में प्रयोग किया जाता है, बिज़नेस को अच्छे से चलाने के लिए जो भी डिपार्टमेंट बनाए जाते है, यह चार्ट उन सब डिपार्टमेंट को अच्छे से explain करता है, यानि कि किस डिपार्टमेंट में क्या काम होगा और वहाँ employees क्या काम करेंगे।

Swimlane Flowchart

4) Workflow Chart

Workflow chart आपको आपके बिजनस का workflow बताता है, workflow चार्ट हमें यह समझने में मदद करता है कि किसी बड़ी organization में डाटा और डॉक्युमेंट्स को कैसे प्रयोग किया जाता है और इस डाटा से कैसे काम लिया जाता है।

इस फ़्लोचार्ट में बिज़नेस के हर एक स्टेप को अच्छे से explain किया जाता है, की बिज़नेस का पहला स्टेप क्या होगा और बिजनेस का आखिरी स्टेप क्या होगा यानि कि workflow शुरू कहाँ से होगा और खत्म कहाँ पर होगा।

Workflow Chart

फ्लोचार्ट उदाहरण (Example of flowchart)

अब हम फ़्लोचार्ट का एक रियल लाइफ example देख लेते है, जिसमें हम यह देखेंगे कि यदि एक खराब लैम्प को रिप्लेस करने के लिए कोई फ़्लोचार्ट बनाया जाए तो वह किस प्रकार का होगा।

तो यदि हम एक खराब लैम्प को रिप्लेस करने के लिए कोई फ़्लोचार्ट बनाए तो हम उसे कुछ इस प्रकार से बना सकते है

Flowchart-Example

तो यहाँ पर एक बिल्कुल बेसिक सा फ़्लोचार्ट बनाया गया है, जिसमें पहले लैम्प की प्रॉब्लेम को ढूँढा गया और फिर उसे ठीक किया गया है

  • सबसे पहले तो terminator symbol का प्रयोग किया गया है, जिसमें बताया गया है कि लैम्प काम नहीं कर रहा है, terminator symbol से हम समझ गए कि यहाँ से हमारा फ़्लोचार्ट शुरू हो गया है,
  • उसके बाद arrow symbol का प्रयोग किया गया है, जो की हमें प्रोग्राम का फ़्लो बता रहा है,
  • Arrow symbol हमें decision symbol के पास लेकर जा रहा है, जहां पर decision symbol हमें एक कन्डिशन पर फैसला लेने को कह रहा है कि क्या लैम्प का प्लग लगा हुआ है,
  • यदि लैम्प का प्लग लगा हुआ नहीं है तो arrow symbol हमें एक terminator symbol के पास ले जा रहा है जो की दर्शा रहा है कि हमें लैम्प के प्लग को लगाना होगा और यदि लैम्प काम कर गया तो हमारा कार्य वहीं खत्म हो जाएगा,
  • लेकिन यदि लैम्प का प्लग लगा हुआ है जो की हमारे example में भी हुआ है तो arrow symbol हमें एक दूसरे decision symbol के पास लेकर जा रहा है,
  • यह दूसरा सिम्बल हमें यह फैसला लेने को कह रहा है कि हम यह चेक करें कि क्या लैम्प का बल्ब खराब है,
  • यदि लैम्प का बल्ब खराब है जो की हमारे example में भी हुआ है तो हमें बल्ब को रिप्लेस कर देना होगा जो की फ़्लोचार्ट में एक terminator symbol के रूप में दिखाया गया है क्यूंकी इससे हमारी प्रॉब्लेम solve हो जाएगी और कार्य खत्म हो जाएगा,
  • लेकिन यदि लैम्प का बल्ब खराब नहीं हुआ है तो हमें लैम्प को repair करवाना पड़ेगा और वहाँ पर भी हमारा कार्य खत्म हो जाएगा, इसलिए लैम्प को repair करवाने वाले स्टेप को भी terminator symbol के रूप में दिखाया गया है।

फ़्लोचार्ट कैसे बनाएं? (How To Create Flowchart In Hindi)

आप एक ही प्रॉब्लेम को solve करने के लिए अलग अलग फ़्लोचार्ट बना सकते हो, लेकिन फ़्लोचार्ट बनाने के कुछ नियम होते है, जिनको आप को समझना होता है और उसके अनुसार ही आप को फ़्लोचार्ट बनाना होता है,

तो यदि आप भी किसी कन्डिशन में फ़्लोचार्ट बनाना चाहते है तो आप लोगों को इन स्टेप्स को फॉलो करना होगा -:

  • सबसे पहले तो आपको उस स्थिति या उस प्रॉब्लेम को समझना होगा, जिसके लिए आप फ़्लोचार्ट बनाना चाहते है, आप को उसके हर एक स्टेप को समझना होगा कि किस स्थिति में क्या हो सकता है,
  • उसके बाद आपको फ़्लोचार्ट को एक स्टार्टिंग पॉइंट देना होगा यानि की जहाँ से आप अपने फ़्लोचार्ट को शुरू करना चाहते हो,
  • उसके बाद आपको आपके फ़्लोचार्ट के सभी स्टेप्स को दर्शाना होगा, यह बहुत जरूरी है की स्टेप्स को दर्शाते समय सही सिंबल्स का प्रयोग किया गया हो,
  • उसके बाद आप arrow symbol के मदद से फ़्लोचार्ट के फ़्लो की दिशा को दर्शाये,
  • इसके बाद आप terminator symbol के मदद से फ़्लोचार्ट का ending पॉइंट को दर्शा दीजिए।

तो आप इन साधारण से स्टेप्स को फॉलो कर के, अपनी किसी भी कन्डिशन का एक फ़्लोचार्ट बना सकते हो और उसके अनुसार कार्य करना शुरू कर सकते हो। 


Read More -:

Conclusion

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमनें Flowchart के बारे में बात की और जाना फ्लोचार्ट क्या है? (What is Flowchart In Hindi) फ्लोचार्ट कितने प्रकार के होते है? (Types of Flowchart In Hindi) और एक अच्छा फ्लोचार्ट कैसे बनाया जाये (How To Create Flowchart In Hindi)

तो दोस्तों आशा करता हु कि आज के इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको फ्लोचार्ट क्या है? (What is Flowchart In Hindi) से संबंधित सभी जानकारी मिल गई होगी |

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अगर आपको अभी भी फ्लोचार्ट (Flowchart In Hindi) से संबंधित कोई भी प्रश्न या Doubt है तो आप कमेंट्स के जरिए हमसे पुछ सकते है। मैं आपके सभी सवालों का जवाब दूँगा और ज्यादा जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते है |

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