Software क्या है? (What is Software In Hindi)

हेलो फ्रेंड्स आज हम बात करने वाले है Software के बारे में | 

आज हम जानेंगे कि सॉफ्टवेयर क्या है ? (What is Software In Hindi) और सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते है? (Types of Software In Hindi)

इससे पिछले आर्टिकल में हमने जाना था कि Hardware क्या है ? और हार्डवेयर कितने प्रकार के होते है तो यदि आपने वो वाला आर्टिकल नहीं पढ़ा तो उसे एक बार जरूर पढ़े लें 👉 Hardware Kya Hai

तो चलिए अब बिना समय गवाए सबसे पहले जानते है कि Software Kya Hai?

Software Kya Hai ? (What is Software In Hindi)
Software Kya Hai ? (What is Software In Hindi)

Software Kya Hai ? (What is Software In Hindi)

सॉफ्टवेयर निर्देशों का एक ऐसा समूह (Set of instructions) है जो कंप्यूटर को बताता है कि उसको क्या करना है और कैसे करना है | 

इन सेट ऑफ़ इंस्ट्रक्शंस को हम प्रोग्राम कहते है जो कंप्यूटर द्वारा समझी जाने वाली भाषा (मशीन लैंग्वेज) में लिखी जाती है | 

कंप्यूटर में मौजूद हार्डवेयर अपने आप कोई कार्य नहीं कर सकता यदि उससे कोई कार्य कराना है तो उसके लिए हमे हार्डवेयर को instructions देने की आवश्यकता होती है। 

हार्डवेयर को instructions देने का ये कार्य हम सॉफ्टवेयर की मदद से करते है | 

हार्डवेयर द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यों को कराने के लिए एक ही हार्डवेयर पर विभिन्न सॉफ्टवेयर लोड किए जा सकते हैं।

मार्केट में अलग अलग कार्यों को करने के लिए अलग अलग Programming languages मौजूद है जिनकी मदद से हम अलग अलग सॉफ्टवेयर बना सकते है | 

सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का ऐसा हिस्सा होता है जिसे हम चाह कर भी छू नहीं सकते | सॉफ्टवेयर को कंप्यूटर में विशिष्ट कार्यों को करने के लिए बनाये जाते है | 

आइये जानते है सॉफ्टवेयर के कुछ प्रकारों के बारे में | 

सॉफ्टवेयर के प्रकार (Types of Software In Hindi)

सॉफ्टवेयर को हम उनके कार्यों के आधार पर दो भागों में बाँट सकते है | 

  • System software
  • Application software

System software

System software, ऐसे सॉफ्टवेयर होते है जो कंप्यूटर में मौजूद हार्डवेयर पार्ट्स को मैनेज करने के लिए बनाये जाते है | 

उदाहरण के लिए -: Window ऑपरेटिंग सिस्टम, एक सिस्टम सॉफ्टवेयर है जो आपके Computer में मौजूद सभी हार्डवेयर संसाधन जैसे – मेमोरी, रैम, प्रोसेसर, आदि को नियंत्रित करता है | 

सिस्टम सॉफ्टवेयर, कंप्यूटर में होने वाले सभी Activity को कण्ट्रोल करता है | यह आपके कंप्यूटर में मौजूद रिसोर्सेज (जैसे – मेमोरी, सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट आदि ) के कार्य को नियंत्रित करता है | 

सिस्टम सॉफ्टवेयर तीन प्रकार के होते है -:

  1. Operating System
  2. Language processor
  3. Utility software

आइये इन सभी के बारे में एक एक करके जानते है | 

Operating System

ऑपरेटिंग सिस्टम, एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो यूजर और कंप्यूटर हार्डवेयर के बिच एक बेसिक इंटरफ़ेस प्रदान करता है |  

ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर में मौजूद बाकी एप्लीकेशन प्रोग्राम जैसे – Browsers, MS Office, Notepad, Games, आदि को चलाने के लिए जरूरी हार्डवेयर संसाधन प्रदान करता है | 

जिस तरह किसी होटल का मैनेजर होटल के सभी संसाधन जैसे कि, होटल में कितने रूम बुक है , कितने बाकी है आदि चीजों को मैनेज करता है उसी तरह ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर के अंदर एक रिसोर्स मैनेजर की तरह कार्य करता है | जो कंप्यूटर के रिसोर्सेज जैसे – रैम , सीपीयू , प्रोसेसर आदि को मैनेज करता है | 

ऑपरेटिंग सिस्टम के उदाहरण  – Window 10, Mac Os, Ubuntu, Kali Linux आदि |

Language processor

लैंग्वेज प्रोसेसर ऐसे सॉफ्टवेयर होते है जो हाई लेवल लैंग्वेज में लिखे गए कोड को मशीन लैंग्वेज में कन्वर्ट करते है | 

कंप्यूटर को केवल मशीन लैंग्वेज (0 और 1) की भाषा ही समझ आती है और हम जो प्रोग्रामिंग करते है वो हाई लेवल लैंग्वेज (इंग्लिश जैसे कोड ) होते है | 

ऐसे में कंप्यूटर को हमारी बाते अच्छी तरह समझ आ सके इसके लिए हमें हाई लेवल लैंग्वेज के कोड को मशीन लैंग्वेज में बदलना पड़ता है | 

मार्केट में हाई लेवल लैंग्वेज के कोड को मशीन कोड में बदलने के लिए कई तरह के लैंग्वेज प्रोसेसर मौजूद है |

असेम्बलर , कम्पाइलर और इंटरप्रेटर लैंग्वेज प्रोसेसर के कुछ उदाहरण है |  

Utility software

Utility software ऐसे सॉफ्टवेयर होते है जो कम्प्यूटर को मेंटेन रखने का कार्य करते है | 

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्यों की निगरानी करते है | यह सॉफ्टवेयर ऑपरेटिंग सिस्टम को एक्स्ट्रा फीचर्स प्रदान करता है | 

Utility software को हम सर्विस प्रोग्राम और utility routine भी कहते है | 

Antivirus, backup software, file manager,और disk compression आदि यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के कुछ उदाहरण है | 

तो दोस्तों ऊपर मैंने जितने भी सॉफ्टवेयर बताये है वो सभी सिस्टम सॉफ्टवेयर है जो कंप्यूटर सिस्टम के लिए होता है | जिनका काम कंप्यूटर सिस्टम को मैनेज करना होता है |

आइये अब हम जान लेते है Application software के बारे में |

Application software

Application software ऐसे सॉफ्टवेयर होते है जो स्पेसिफिक उद्देश्य के लिए बनाए जाते है | एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर यूजर की जरुरत के अनुसार डिज़ाइन और डेवलप्ड किये जाते है | 

कुछ एप्लीकेशन सॉफ्टवेर paid होते है तो कुछ फ्री होते है |

जैसे कि व्हाटशप एक फ्री massanging एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है जिसके माध्यम से हम फ्री में अपने दोस्तों और रिस्तेदारो को मैसेज कर सकते है और वही दूसरी तरह ms word , adobe जैसे एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर paid होते है जिनका उपयोग करने के लिए हमे पैसे देने पड़ते है | 

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर दो तरह के होते है -:

  • General purpose application software or package
  • Customized application software 

General Purpose Application Software or Package

ऐसे एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर लोगो के बेसिक जरूरतों को ध्यान में रख कर बनाये जाते है | इस तरह के सॉफ्टवेयर को जनरल सभी तरह के लोग उपयोग कर सकते है | 

Examples -: Word Processor Software, Database Software, Entertenment software, Graphic Designing softwares आदि |

Customized Application Software 

ये सॉफ्टवेयर किसी स्पेसिफिक यूजर के लिए कुछ विशिष्ट कार्यो को करने के लिए डिज़ाइन और डेवलप्ड किया जाता है |

निष्कर्ष

दोस्तों आशा करता हूँ कि आज के इस आर्टिकल में आपको Computer Software से सम्बंधित आपके सारे आंसर मिल गए होंगे |

आज के इस आर्टिकल में हमने जाना कि सॉफ्टवेयर क्या होते है (What is Software In Hindi) और हार्डवेयर कितने प्रकार के होते है (Types of Software In Hindi)

अगर आपको अभी भी Software Kya Hai से संबंधित कोई भी प्रश्न या Doubt है तो आप जरूर बताये मैं आपके सभी सवालों का जवाब दूँगा और ज्यादा जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते है |

एसी ही नया टेक्नोलॉजी, Computer Science से रिलेटेड जानकारियाँ पाने के लिए हमारे इस वेबसाइट को सब्सक्राइब कर लीजिये | जिससे आपको हमारी आने वाली नई पोस्ट की सूचनाएं जल्दी प्राप्त होगी |

Thank you ! आपका दिन मंगलमय हो

पढ़ते रहिए और बढ़ते रहिए | Keep Reading and Keep Growing

Jeetu Sahu is A Web Developer | Computer Engineer | Passionate about Coding, Competitive Programming and Blogging

Leave a Comment