Utility Software क्या है? (What is Utility Software In Hindi)

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर क्या है? दोस्तों, किसी भी कंप्यूटर या लैपटॉप के अंतर्गत अलग-अलग सॉफ्टवेयर तथा एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया जाता है। कंप्यूटर में इस्तेमाल किए जाने वाले सभी सॉफ्टवेयर अलग-अलग प्रकार के होते हैं। Utility Software उन्हीं सॉफ्टवेयर में से एक प्रकार का सॉफ्टवेयर होता है जिसके बारे में हम आज के इस आर्टिकल में बात करने वाले है। 

आज हम विस्तार से जानेंगे कि Utility Software Kya Hai? यूटिलिटी सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते है? (Types of Utility Software In Hindi) और यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के क्या फायदे है?

तो आइये अब बिना समय गवाए सबसे पहले जानते है कि यूटिलिटी सॉफ्टवेयर क्या है? (What is Utility Software In Hindi)

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर क्या है? (What is Utility Software In Hindi)

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर क्या है? (What is Utility Software In Hindi)

Definition -: Utility software ऐसे सॉफ्टवेयर होते है जो कम्प्यूटर को मेंटेन रखने का कार्य करते है। इसका इस्तेमाल कंप्यूटर को सुचारू रूप से चलाने के लिए किया जाता है। 

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्यों की निगरानी करते है | यह सॉफ्टवेयर ऑपरेटिंग सिस्टम को एक्स्ट्रा फीचर्स प्रदान करता है। Utility software को हम सर्विस प्रोग्राम और utility routine भी कहते है।  

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर किसी भी कंप्यूटर को एनालाइज करता है, उसको अच्छी तरह से ऑप्टिमाइज करता है, तथा एक यूजर के लिए एक बेहतर अनुभव प्रदान करता है।

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर द्वारा कई सारी प्रक्रिया (जैसे कोई भी प्रोग्राम किस तरह से ओपन होने वाला है, किस तरह से वह दिखाई देने वाला है, किस तरह से वह काम करने वाला है आदि) मैनेज की जाती है। 

Utility software कंप्यूटर के अंतर्गत ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ ही आता है। इसके अलावा यदि आप अपने कंप्यूटर की performance को काफी अच्छा करना चाहते हैं, तो आप एक एडवांस Quality यूटिलिटी सॉफ्टवेयर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर अलग-अलग प्रकार के होते हैं, तथा प्रत्येक यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के कार्य करने की क्षमता अलग-अलग होती है। जो हाई Quality का यूटिलिटी सॉफ्टवेयर होता है, वह Low Quality के यूटिलिटी सॉफ्टवेयर की तुलना में यूजर को काफी अच्छा अनुभव प्रदान करता है। 

किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ एक यूटिलिटी सॉफ्टवेयर को बनाया जाता है, ताकि उस ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से कोई भी कंप्यूटर तथा लैपटॉप अच्छी तरह से कार्य करें तथा उसके कार्य करने के बीच कोई भी बाधा ना आए। तो ऐसे में किसी भी कंप्यूटर होता लैपटॉप के लिए एक utility software काफी महत्वपूर्ण होता है, तथा लैपटॉप या कंप्यूटर के अंतर्गत एक यूटिलिटी सॉफ्टवेयर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Antivirus, backup software, file manager,और disk compression आदि Utility Software के कुछ उदाहरण है | 

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के प्रकार (Types of Utility Software In Hindi)

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर अलग-अलग प्रकार होते हैं जो की निम्नलिखित है -:

1) फाइल मैनेजमेंट प्रोग्राम (File Management Program)

किसी भी कंप्यूटर के अंतर्गत सभी फाइल्स का मैनेजमेंट फाइल मैनेजमेंट प्रोग्राम के द्वारा ही होता है। 

किसी भी कंप्यूटर के अंतर्गत काफी ज्यादा मात्रा में अलग-अलग प्रकार का डाटा सेव रहता है, और इस डाटा को फाइल मैनेजमेंट प्रोग्राम के द्वारा ही मैनेज किया जाता है। 

यदि आप फाइल्स के साथ कोई भी कार्य करते हैं या फिर कोई भी एक्शन लेते हैं, तो उसे फाइल मैनेजमेंट प्रोग्राम के द्वारा ही ऑपरेट किया जाता है।

यदि आपको किसी भी फाइल को कंप्यूटर में सेव करना है, उस फाइल को डिलीट करना है, फाइल के डाटा में कुछ बदलाव करना है, फाइल का नाम चेंज करना है, फाइल की एक डुप्लीकेट फाइल बनानी है, या फाइल को एक जगह से दूसरी जगह पर कॉपी या पेस्ट करना है, आदि कार्य फाइल मैनेजमेंट प्रोग्राम के द्वारा ही किए जाते हैं। तो किसी भी कंप्यूटर के अंतर्गत फाइल्स को मैनेज करने के लिए फाइल मैनेजमेंट प्रोग्राम अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

2) बैकअप एंड रिकवरी टूल (Backup & Recovery Tool)

कंप्यूटर के अंतर्गत मेमोरी में स्थित सभी डाटा इलेक्ट्रोंस के रूप में से होता है, यदि उस डाटा के साथ कोई भी गड़बड़ होती है तो वह सारा डाटा डिलीट हो सकता है। 

यदि किसी भी व्यक्ति के कंप्यूटर से उसका इंपोर्टेंट डाटा डिलीट हो जाता है, तो उसके सामने काफी बड़े समस्या हो सकती है। इसी समस्या का समाधान करने के लिए कंप्यूटर में बैकअप एंड रिकवरी टूल का इस्तेमाल किया जाता है। 

बैकअप एंड रिकवरी टूल के माध्यम से हमारे कंप्यूटर के सभी डाटा का बैकअप ले लिया जाता है, तथा उस डाटा को दूसरी जगह पर स्टोर कर लिया जाता है, तथा भविष्य में आप के डाटा के साथ कोई भी प्रॉब्लम होती है, तो उसे रिकवर कर लिया जाता है। 

डाटा को रिकवरी करने या बैकअप लेने का कार्य मुख्य रूप से क्लाउड स्टोरेज पर होता है, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट वनड्राइव, गूगल ड्राइव, ड्राइव बॉक्स जैसे बड़े-बड़े प्रोग्राम का नाम आता है।

3) सिक्योरिटी टूल  (Security tool)

आज के समय हर कंप्यूटर इंटरनेट से जुड़ा हुआ है और इंटरनेट से जुड़े हुए होने के कारण ही कम्यूटर की सिक्योरिटी बहुत जरुरी है क्योकि यदि आपके कंप्यूटर के अंदर कोई भी वायरस आ जाता है तो ये आपके सामने काफी बड़ा खतरा हो सकता है। लेकिन इसी समस्या से बचने के लिए सिक्योरिटी टूल का इस्तेमाल किया जाता है। 

सिक्योरिटी टूल आपके कंप्यूटर की अलग-अलग वायरस से रक्षा करते हैं, यदि आपके कंप्यूटर में कोई भी वायरस आ जाता है, तो उसकी सूचना आपको तुरंत दे देते हैं, जिससे आप उसके लिए कोई एक्शन ले सकते हैं। 

सिक्योरिटी टूल के लिए मुख्य रूप से Antivirus का इस्तेमाल किया जाता है, और आज के समय मार्केट में अनेक एंटीवायरस उपलब्ध है, तो आप उनमें से किसी भी एंटीवायरस का इस्तेमाल अपने कंप्यूटर के लिए कर सकते हैं।

यदि आप विंडो कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं तो उसके अंतर्गत विंडो की तरफ से ही एक एंटीवायरस आता है जो काफी ज्यादा सुरक्षित होता है, तो ऐसे में आपको किसी अन्य एंटीवायरस को अपने लैपटॉप में इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा यदि आप कोई अन्य एंटीवायरस इंस्टॉल करना चाहते हैं, तो आप उसे इंस्टॉल कर सकते हैं।

4) डिस्क क्लीनर और डिस्क मैनेजमेंट प्रोग्राम (Disk Cleaners And Disk Management Programs)

अनेक बार आपके कंप्यूटर की अलग-अलग डिस्क में ऐसा डाटा स्टोर हो जाता है, जो आपके लिए किसी भी काम का नहीं होता है, तथा वह आपके कंप्यूटर की स्पीड को काफी स्लो कर देता है। तो इस प्रकार की स्थिति में आप डिस्क क्लीनर के माध्यम से अपने कंप्यूटर के अनयूज्ड डाटा को डिलीट कर सकते हैं।

यदि आप अपने कंप्यूटर के सभी डाटा को मैनेज करना चाहते हैं, अपनी किसी भी डिस्क का पार्टीशन करना चाहते हैं, या फिर डिस्क मैनेजमेंट का कोई भी कार्य करना चाहते हैं, तो आप इसे डिस्क मैनेजमेंट प्रोग्राम के माध्यम से कर सकते हैं।

कुछ महत्वपूर्ण यूटिलिटी प्रोग्राम के नाम (Names of Some important Utility Programs)

हमने आपको नीचे कुछ महत्वपूर्ण यूटिलिटी प्रोग्राम के बारे में बताया है, जिनका इस्तेमाल आपको अपने कंप्यूटर के अंतर्गत जरूर करना चाहिए, क्योंकि इनके माध्यम से आपका कंप्यूटर आपको एक अच्छा यूजर एक्सपीरियंस देने वाला है।

  1. Antivirus Programs
  2. Backup Software
  3. DirectX
  4. Compression Utilities
  5. Cryptography Software
  6. Debuggers
  7. Disk Checker
  8. Disk Partition Editors
  9. Encryption Tools
  10. File Manager
  11. Hex Editor
  12. Memory Tester
  13. Network Monitors
  14. Registry Cleaners
  15. Screen Saver
  16. System Monitor
  17. Application Launchers
  18. System Profilers
  19. Fonts
  20. Icon Tools

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर तथा एप्लीकेशंस में क्या अंतर है (Difference Between Utility Software And Applications In Hindi)

किसी भी यूटिलिटी सॉफ्टवेयर एप्लीकेशंस के अंतर्गत निम्न अंतर होता है :-

1. एक एप्लीकेशन को यूजर के लिए बनाया जाता है, ताकि वह यूजर उस एप्लीकेशन के माध्यम से अपनी किसी भी टास्क को कंप्लीट कर सकें, इसके अलावा एक यूटिलिटी सॉफ्टवेयर को कंप्यूटर के लिए बनाया जाता है, ताकि उस के माध्यम से कंप्यूटर का सही तरीके से इस्तेमाल किया जा सके।

2. Utility software ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ ही इंस्टॉल होते हैं, लेकिन एप्लीकेशंस को आपको खुद इंस्टॉल करना होता है।

3. कोई भी यूजर अपना कोई कार्य करने के लिए मुख्य रूप से एप्लीकेशंस का इस्तेमाल करता है, इसके अलावा किसी भी कंप्यूटर को मैनेज करने के लिए वह यूटिलिटी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करता है।

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के फायदे (Advantages of Utility Software In Hindi)

किसी भी कंप्यूटर के अंतर्गत यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के निम्न फायदे होते हैं :-

1. यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के माध्यम से आप किसी भी कंप्यूटर तथा लैपटॉप का अच्छी तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं तथा इससे आपको एक काफी अच्छा यूजर एक्सपीरियंस मिलता है।

2. यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के माध्यम से आपको कंप्यूटर को मैनेज करने में काफी आसानी होती है, तथा आप अपने कंप्यूटर के अंतर्गत सभी चीजों को आसानी से यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के माध्यम से मैनेज कर सकते हैं।

3. यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के माध्यम से आपको अपने कंप्यूटर के अंतर्गत काफी अच्छे-अच्छे फीचर देखने को मिल जाते हैं, जिससे आपको अपने कंप्यूटर को इस्तेमाल करने में काफी मजा आता है।

4. एक यूटिलिटी सॉफ्टवेयर आपके कंप्यूटर के अंतर्गत सुरक्षा, डिस्क मैनेजमेंट, बैकअप आदि का प्रबंधन करता है।

5. यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के माध्यम से कोई भी कंप्यूटर काफी ज्यादा फास्ट हो जाता है, तथा आप इसका इस्तेमाल काफी तेजी से कर सकते है।

Conclusion

दोस्तों आज के इस आर्टिल्स में हमने Utility Software के बारे में बात की और जाना कि यूटिलिटी सॉफ्टवेयर क्या है? (What is Utility Software In Hindi) यूटिलिटी सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते है? और यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के क्या फायदे है? (Advantages of Utility Software In Hindi)

अगर आप कंप्यूटर फंडामेंटल Complete Tutorial चाहते है तो मेरे इस आर्टिकल Computer Fundamental Tutorial In Hindi को देखे | यहाँ आपको कंप्यूटर फंडामेंटल्स के सभी टॉपिक्स step by step मिल जाएगी |

तो दोस्तों आशा करता हूँ कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा और यदि ये आर्टिकल आपको पसंद आया है तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों को शेयर करना न भूलिएगा ताकि उनको भी Utility Software Kya Hai के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके .

अगर आपको अभी भी Utility Software In Hindi से संबंधित कोई भी प्रश्न या Doubt है तो आप कमेंट्स के जरिए हमसे पुछ सकते है। मैं आपके सभी सवालों का जवाब दूँगा और ज्यादा जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते है |

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Jeetu Sahu is A Web Developer | Computer Engineer | Passionate about Coding, Competitive Programming and Blogging

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