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फोर्थ जनरेशन कंप्यूटर (Fourth Generation of Computer In Hindi)

पिछली पीढ़ी के कम्प्यूटर की कमियों को दूर करते हुए चौथे पीढ़ी के कंप्यूटर का विकास हुवा |

हेलो फ्रेंड्स, आज के इस आर्टिकल में हम चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर (Fourth Generation of Computer) के बारे में बात करने वाले है |

आज हम विस्तार से जानेंगे कि चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर क्या है? (Fourth Generation of Computer In Hindi) उनके क्या विशेषताएं थी और उनके क्या फायदे व क्या नुकसान थे?

तो आइये बिना समय गवाए सबसे पहले जानते है चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर के बारे में |

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर (Fourth Generation of Computer)

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर (Fourth Generation of Computer In Hindi)

1971 से 1980 के बीच के कंप्यूटर चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर (Fourth generation of computer) कहलाते हैं | 

कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी की शुरुआत कंप्यूटर सिस्टम में माइक्रोप्रोसेसर के उपयोग से हुई। माइक्रोप्रोसेसर एक छोटी सी चिप है, जो micro computers में नियंत्रण इकाई के रूप में उपयोग किया जाता है | 

यह arithmetic और logical operations कर सकता है और अन्य जुड़े उपकरणों के साथ communication करने में भी मदद करता है। 

इसे 1971 में संयुक्त रूप से Federico Faggin, Marcian (Ted) Hoff, Stanley Mazor, और Masatoshi Shima द्वारा विकसित किया गया था। 

माइक्रोप्रोसेसर के आविष्कार ने कंप्यूटर के क्षेत्र में क्रांति ला दी क्योंकि एक सिलिकॉन चिप पर सैकड़ों से हजारों integrated circuits को इकट्ठा किया जा सकता था। 

इसने अंततः निर्माताओं को एक बहुत ही कॉम्पैक्ट आकार में कंप्यूटर विकसित करने में सक्षम बनाया जो आसानी से डेस्क पर भी फिट हो सके।

माइक्रोप्रोसेसरों को आमतौर पर LSI (large-scale integration) और VLSI (very large-scale integration) तकनीकों का उपयोग करके विकसित किया गया था। 

VLSI सर्किट ने एक चिप पर लगभग 5000 ट्रांजिस्टर और कई अन्य सर्किट elements को संयोजित करने में मदद की, जिसे माइक्रोप्रोसेसर कहा जाता है। 

माइक्रोप्रोसेसरों के कारण, चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर आकर में छोटे हो गए, जिससे माइक्रो कंप्यूटर का विकास हुआ।

1971 से 1980 तक कंप्यूटर में माइक्रोप्रोसेसरों का व्यापक रूप से एक प्रमुख घटक के रूप में उपयोग किया गया था। हालांकि वे आज भी कंप्यूटर के लिए उपयोग में हैं, लेकिन उन्हें अब मुख्य तकनीक नहीं माना जाता। इसलिए, कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी की अवधि 1971 से 1980 तक मानी जाती है।

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर पिछली पीढ़ी की तुलना में अधिक शक्तिशाली, विश्वसनीय और किफायती हो गए थे।

इस पीढ़ी में high-level languages जैसे C, C++, Java, PHP, DBASE का उपयोग किया गया था। इसके अलावा, कंप्यूटर में time-sharing, real-time networks और distributed operating system का उपयोग किया जाता था। 

कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी में ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग का इस्तेमाल किया गया था। ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग में विभिन्न प्रकार की भाषाएं मौजूद हैं जैसे Java, Visual Basic आदि। ये ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्राम विशिष्ट समस्याओं को हल करने के लिए डिज़ाइन किए गए थे।  

चौथी पीढ़ी तीसरी पीढ़ी का विस्तार है। पहली पीढ़ी के कंप्यूटर एक पूरे कमरे की जगह भर देते थे, लेकिन चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर हथेली में फिट हो सकते थे।  इन कंप्यूटरों को चलाने के लिए न्यूनतम मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती थी। 

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर छोटे आकार के अलावा अधिक सस्ते थे। इसके कारण अंततः पर्सनल कंप्यूटर (PC) का व्यापक उपयोग हुआ। इसका मतलब है कि कंप्यूटर अपनी पोर्टेबिलिटी के कारण बड़े पैमाने पर लोगों के लिए accessible हो गए।

चौथी पीढ़ी में पीसी का प्रयोग बढ़ा। आईबीएम ने चौथी पीढ़ी से संबंधित पहला पर्सनल कंप्यूटर (PC) विकसित किया।  

Intel पहली कंपनी थी जो माइक्रोप्रोसेसर विकसित कर सकती थी। पहला प्रोसेसर Intel 4004 था जिसे 1971 में एक सिंगल सिलिकॉन चिप पर बनाया गया था, और इसमें 2,300 ट्रांजिस्टर शामिल थे। 

पिछली पीढ़ी के कंप्यूटरों की तुलना में चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर सुपर कंप्यूटर थे जो कई गणनाओं को सटीक रूप से करने में सक्षम था। इन सुपर कंप्यूटरों का उपयोग नेटवर्किंग में भी किया जाता था। भंडारण क्षमता कई गीगाबाइट या टेराबाइट तक बढ़ गई थी।

चौथी पीढ़ी में Data management, report generation, GUI development,  mathematical optimization, और web development  जैसे कई अलग-अलग अनुप्रयोगों को शामिल किया गया था।

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटरों में सीरियल नंबर वाले माइक्रोप्रोसेसर का उपयोग किया जाता था। सीरियल नंबर कंप्यूटर की कार्यक्षमता के साथ-साथ उसकी गति को भी दिखाते थे। 

Architecture of Fourth Generation Computer

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटरों में पाँच अलग-अलग Unit (जैसे -: Input Unit, Arithmetic and Logic Unit, Memory Unit, Output Unit, और Control units) होते थे, जिसे नीचे चित्र में दर्शाया गया है।  

Architecture of Fourth Generation Computer

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर के उदाहरण (Examples of Fourth Generation of Computer)

चौथी पीढ़ी के प्रमुख कंप्यूटर निम्नलिखित हैं -:

  1. DEC 10
  2. STAR 1000
  3. PDP 11
  4. CRAY-1(Super Computer)
  5. CRAY-X-MP(Super Computer)
  6. CRAY2 
  7. CRAY Y-MP
  8. CRAY Y-MPC
  9. IBM 4341
  10.  IBM PC
  11. Apple II
  12. VAX 9000

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर की विशेषताएं (Features of Fourth Generation Computer In Hindi)

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर की विशेषताएं निम्नलिखित है -:

1) Development of Microprocessor

VLSI के विकास के साथ अब पूरे सीपीयू को एक इंच से कम के आकार की चिप में डिजाइन करना संभव हो गया है, जिसे माइक्रोप्रोसेसर कहा जाता है।

2) Input /Output media

कीबोर्ड के उपयोग के साथ मॉनिटर, प्रिंटर जैसे नए इनपुट/आउटपुट मीडिया विकसित किए गए।

3) Semiconductor internal memory

चौथी पीढ़ी में magnetic memory के स्थान पर semiconductor का इंटरनल मेमोरी के रूप में इस्तेमाल किया गया। ये मेमोरी गति में तेज, आकार में छोटी और कीमत में सस्ती थीं।

4) Modern secondary memory

सेकेंडरी मेमोरी के रूप में मैग्नेटिक डिस्क के साथ नई सेकेंडरी मेमोरी मैग्नेटिक बबल, फ्लॉपी डिस्क का इस्तेमाल किया गया।

5) Miniature size

VLSI और microprocessor के उपयोग से अब सर्किट के हजारों कंपोनेंट्स को डिजाइन करना संभव है, जिन्होंने कंप्यूटर के आकार को काफी कम कर दिया। अब टाइपराइटर आकार का माइक्रो कंप्यूटर उपलब्ध है।

6) Speed

इन पीढ़ियों के कंप्यूटर पिछली पीढ़ियों की तुलना में तेज थे। ये कंप्यूटर प्रति सेकंड millions of instruction निष्पादित कर सकते थे।

7) Use of improved high-level language

नए स्टैण्डर्ड high-level language जैसे C++, KLI, RPG, SQL विकसित किए गए।

8) Cost

माइक्रो कंप्यूटर की लागत जिसे पर्सनल कंप्यूटर या पीसी भी कहा जाता है, पिछली पीढ़ी के सभी कंप्यूटरों की लागत से काफी कम थी।

9) Development of application software

कंप्यूटर के बढ़ते उपयोग के कारण विभिन्न क्षेत्रों के लिए विशिष्ट सॉफ्टवेयर विकसित किए गए। वर्ड प्रोसेसर, स्प्रेडशीट, डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली विकसित की गई जिसने पीसी को घरों और कार्यालयों दोनों के लिए एक शक्तिशाली उपकरण बना दिया।

10) Reliability

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर पिछली पीढ़ी के सभी कंप्यूटरों की तुलना में अधिक विश्वसनीय थे | 

11) Power consumption

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर  कम बिजली की खपत करता थे और इन्हे ठंडा रखने के लिए Ac की आवश्यकता नहीं थी |

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर के लाभ (Advantages of Fourth Generation Computer)

  • चौथी पीढ़ी के कंप्यूटरों का उपयोग सामान्य उद्देश्य के लिए किया जाता था।
  • इस पीढ़ी के कंप्यूटरों में पिछली पीढ़ी की तरह एयर कंडीशनर सिस्टम की बहुत ज्यादा आवश्यकता नहीं थी।
  • चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर पिछली पीढ़ी की तुलना में अधिक विश्वसनीय थे।
  • ये कंप्यूटर पिकोसेकंड में डेटा की गणना कर सकते थे।
  • इस पीढ़ी कंप्यूटर, पिछली पीढ़ी के कंप्यूटर की तुलना में कम बिजली की खपत करते थे।
  •  पिछली पीढ़ी के कंप्यूटर की तुलना में कम हीट उत्पन्न करते थे।
  • इनके रखरखाव में बहुत कम लगत आता था। 
  • इन कंप्यूटरों में माइक्रोप्रोसेसर का उपयोग किया गया था | 
  • चौथी पीढ़ी के कंप्यूटरों में स्टोरेज क्षमता को बढ़ाया गया था | 
  • इन कंप्यूटरों की प्रोसेसिंग पावर और स्पीड  पिछली पीढ़ी के कंप्यूटर की तुलना मेंकाफी ज्यादा थी।
  • चौथी पीढ़ी में कंप्यूटर उपकरणों का आकार छोटा था।
  • इन कंप्यूटरों को बहुत कम मरम्मत की आवश्यकता होती थी।
  • कंप्यूटर आकार में छोटे थे और आसानी से एक डेस्क पर फिट हो सकते थे।
  • चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर पिछली पीढ़ी के कंप्यूटरों की तुलना में कुछ सस्ते थे। इससे इन कंप्यूटरों का उपयोग काफी ज्यादा होने लगा।
  • लगभग सभी उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषाओं का उपयोग चौथी पीढ़ी के कंप्यूटरों में  किया गया था।
  • कंप्यूटर में डिस्ट्रीब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम उपयोग किया गया था साथ में चौथी पीढ़ी के कंप्यूटरों में टाइम-शेयरिंग को भी जोड़ा गया था।
  • कंप्यूटर काफी पोर्टेबल थे।
  • चौथी पीढ़ी में पर्सनल कंप्यूटर (पीसी) का प्रयोग बढ़ा।

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर के नुकसान (Disadvantages of Fourth Generation Computer)

  • IC (integrated circuit) के उपयोग के कारण कई मामलों में AC की आवश्यकता होती थी।
  • माइक्रोप्रोसेसरों का डिजाइन और निर्माण बहुत जटिल था।
  • VLSI सर्किट के निर्माण के लिए उन्नत तकनीक की आवश्यकता थी।
  • बहुत कम गर्मी उत्पन्न करने के बाद भी, चौथी पीढ़ी के कंप्यूटरों को आंतरिक कॉम्पोनेन्ट को ठंडा करने के लिए पंखे की आवश्यकता होती थी। 
  • कंप्यूटर के ज्यादा उपयोग के दौरान, पंखे से परेशान करने वाली आवाजें उत्पन्न होती थी ।
  • चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर अभी भी integrated circuits का उपयोग करते थे और इसलिए IC (इंटीग्रेटेड सर्किट)  के निर्माण के लिए उन्नत तकनीक की आवश्यकता थी।

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Conclusion

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमनें चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर के बारे में बात की और जाना कि चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर क्या है? (Fourth Generation of Computer In Hindi) उनकी क्या विशेषताएं थी (Features of Fourth Generation of Computer In Hindi) और उनके क्या फायदे व क्या नुकसान थे? (Advantages and Disadvantages of Fourth Generation of Computer In Hindi)

दोस्तों आशा करता हु कि आज के इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको फोर्थ जनरेशन कंप्यूटर (Fourth Generation of Computer In Hindi) से संबंधित सभी जानकारी मिल गई होगी |

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अगर आपको अभी भी चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर (Fourth Generation of Computer In Hindi) से संबंधित कोई भी प्रश्न या Doubt है तो आप कमेंट्स के जरिए हमसे पुछ सकते है। मैं आपके सभी सवालों का जवाब दूँगा और ज्यादा जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते है |

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