फर्स्ट जनरेशन कंप्यूटर (First Generation of Computer In Hindi)

कंप्यूटर टेक्नोलॉजी में होने वाले लगातार बदलाव के परिणाम स्वरूप कंप्यूटर के कई सारे जनरेशन सामने आये, उनमे से आज हम कंप्यूटर की पहली पीढ़ी (First Generation of Computer In Hindi) के बारे में बात करने वाले है | 

आज हम विस्तार से जानेगे कि पहली पीढ़ी के कंप्यूटर क्या है? (First Generation of Computer In Hindi) उनकी क्या विशेषताएं थी (Features of First Generation of Computer In Hindi) और उनके क्या फायदे व क्या नुकसान थे? (Advantages and Disadvantages of First Generation of Computer In Hindi)

तो आइये बिना समय गवाए जानते है फर्स्ट जनरेशन कंप्यूटर (First Generation of Computer In Hindi) के बारे में | 

फर्स्ट जनरेशन कंप्यूटर (First Generation of Computer In Hindi)

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर (First Generation of Computer In Hindi) 

1946-1959 के बिच के कंप्यूटर प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर (First Generation of Computer) कहलाते हैं |

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर के आज के कंप्यूटरों से बहुत अलग थे। उस समय के कम्प्यूटर्स batch processing operating system पर आधारित थे और उनमे प्रोसेसर के रूप में vacuum tube का उपयोग किया गया था | 

Vacuum Tube

वैक्यूम ट्यूब कांच की एक नाली होती थी जिसे की आप ऊपर चित्र में देख सकते है | वैक्यूम ट्यूब का आविष्कार 1906 में Lee De Forest ने किया था। 

चूँकि पहली पीढ़ी के कंप्यूटरों में बड़ी संख्या में वैक्यूम ट्यूबों का इस्तेमाल किया था इसलिए ये कंप्यूटर काफी  हीट उत्पन्न करते थे। 

इनका आकर एक बहुत बड़े कमरे जितना हुवा करता था, साथ ही ये बहुत अधिक बिजली की खपत करते थे इसलिए उन्हें संचालित करना भी महंगा था |

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर को ऑपरेट करने के लिए कई लोगो की जरुरत होती थी और मशीनों में बार-बार खराबी आने की संभावना रहती थी इसलिए उन्हें लगातार रखरखाव की आवश्यकता होती थी। 

वर्तमान में, हमारे कार्यों को सरल बनाने के लिए हजारों programming languages जैसे C/C++, Java, Python, आदि उपलब्ध हैं, लेकिन पहली पीढ़ी के कंप्यूटर के समय प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का विकास नहीं हुआ था, उस समय केवल मशीन लैंग्वेज का उपयोग किया जाता था। 

सभी इनपुट मशीन लैंग्वेज में दी जाती थीं जिसे 1GL (First Generation Languages) के रूप में जाना जाता था। 

First generation languages, लो लेवल या मशीन लेवल लैंग्वेज थी और चूँकि कंप्यूटर द्वारा केवल मशीनी लैंग्वेज को समझा जाता है, इसलिए first generation computer केवल मशीन लैंग्वेज कोड पर काम करते थे। 

चूंकि पहली पीढ़ी के कंप्यूटर मशीनी भाषा का इस्तेमाल करते थे, इसलिए उन्हें प्रोग्राम करना मुश्किल था।

First generation computer सामान्य बाजारों के लिए नहीं बनाए गए थे क्योकि पहली पीढ़ी के कंप्यूटर बहुत महंगे थे और केवल बड़े संगठन या अमीर लोग ही इन्हें खरीद पाते थे।

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में स्टोरेज के रूप में magnetic drums का उपयोग किया जाता था और इनपुट और आउटपुट डिवाइस के रूप में पंच कार्ड, पेपर टेप और चुंबकीय टेप का उपयोग किया गया था |

पहली पीढ़ी के कंप्यूटरों में मल्टीटास्किंग सपोर्ट नहीं था। ऑपरेशन की जटिलता के आधार पर, कंप्यूटरों को उन्हें पूरा करने में दिन या सप्ताह भी लगते थे।

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर की विशेषताएं (Features of First Generation Computer In Hindi)

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर की निम्नलिखित विशेषताएं है -:

  • Use of vacuum tube -: इन कंप्यूटरों के सर्किट में वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया जाता था।
  • Bulky size -: 1st generation computers आकार में बहुत बड़े और भारी थे, इसलिए इन्हे रखने के लिए बड़े कमरों की आवश्यकता होती थी।
  • Use of punched card -: इनपुट और आउटपुट ऑपरेशन का कार्य पंच कार्ड द्वारा किया जाता था |
  • Use of magnetic memory -: Magnetic tape का उपयोग external storage के रूप में किया गया था और चुंबकीय ड्रम का उपयोग internal storage के रूप में किया जाता था।
  • Limited applications -: चूंकि इन कंप्यूटरों को प्रोग्राम करना और उपयोग करना मुश्किल था, इसलिए इनका उपयोग सीमित है।
  • Speed -: इनकी processing speed बहुत कम थी। ये कंप्यूटर प्रति सेकंड सौ निर्देशों को ही execute कर सकते थे।
  • Power consumption -: ये कंप्यूटर अधिक ऊर्जा की खपत करते थे और बड़ी मात्रा में heat उत्पन्न करते थे।
  • Programming in machine  -: इन कंप्यूटरों में प्रोग्रामिंग क्षमता बहुत सीमित थी। इनमे प्रोग्रामिंग के लिए machine language का उपयोग किया जाता था | 
  • Reliability -: बार-बार सर्किट खराब होने के कारण ये कंप्यूटर ज्यादा विश्वसनीय (reliable) नहीं थे।
  • Cost -: इन कंप्यूटरों की कीमत बहुत अधिक थी।
  • Operating system -: इस समय के कम्प्यूटर्स में बैच ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग किया गया था |

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर का उदाहरण (Examples of First Generation Computers)

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर निम्न है -:

  • ENIAC
  • EDVAC
  • UNIVAC
  • IBM700
  • IBM7001
  • IBM709
  • MARK I
  • MARK II 

आइये अब हम इन कंप्यूटर में से हम कुछ चुनिंदा कंप्यूटर के बारे में जान लेते है 

1) ENIAC 

ENIAC जिसका पूरा नाम – Electronic Numerical integrator and computer है, पहला सफल इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर था, जिसे 1946 में J. Presper Eckert और J. W. Mauchly द्वारा विकसित किया गया था। 

इस कंप्यूटर में इनपुट के रूप में पेपर टेप, मैग्नेटिक टेप, पंच कार्ड और आउटपुट के रूप में प्रिंटआउट का उपयोग किया जाता था।

इस कंप्यूटर को बनाने में कुल मिलाकर 17,000 वैक्यूम ट्यूब, 10,000 कैपेसिटर और 70,000 रेसिस्टर्स का इस्तेमाल किया गया था। इसमें 15,000 वर्ग फुट जगह थी, और वजन 30 टन था। ऐसा लग रहा था मानो पूरा कमरा हो। 

ENIAC, MARK-1 से लगभग 5000 गुना तेज था। MARK-1 को पहली बड़ी इलेक्ट्रॉनिक मशीन माना जाता है।

2) EDVAC

EDVAC जिसका पूरा नाम – Electronic Discrete Variable Automatic Computer है को  J. Presper Eckert  और John Mauchly ने विकसित किया था। यह सबसे पुराने इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटरों में से एक था।

3) UNIVAC

UNIVAC जिसका पूरा नाम – UNIVersal Automatic Computer है, को J. Presper Eckert और J. W. Mauchly द्वारा आविष्कार किया गया पहला व्यावसायिक कंप्यूटर था जिसे 1951 में, UNIVAC अमेरिकी जनगणना ब्यूरो को दिया गया था। UNIVAC कंप्यूटर की पहली पीढ़ी का अंत भी था।

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर के फायदे (Advantages of First Generation Computer In Hindi)

पहली पीढ़ी के कम्प्यूटर्स की निम्नलिखित फायदे थे -:

  • पहली पीढ़ी के कंप्यूटर का लाभ यह था कि ये कंप्यूटर मिलीसेकंड में गणना कर सकते थे ।
  • पहली पीढ़ी के कंप्यूटरों में basic components के रूप में vacuum tubes का इस्तेमाल  हुवा था जो उस समय में मौजूद पहले एकमात्र इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स थे ।
  • ये पूरी तरह से scientific थे |
  • पहली पीढ़ी के कंप्यूटरों में machine language के उपयोग के कारण ये अपेक्षाकृत तेज थे 
  • पहली पीढ़ी के कंप्यूटरों का उपयोग परमाणु बमों के विकास से संबंधित गणना में किया जाता था।

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर के नुकसान (Disadvantages of First Generation Computer In Hindi)

पहली पीढ़ी के कम्प्यूटरों के निम्नलिखित नुकसान थे -:

  • पहली पीढ़ी के कंप्यूटर काफी महंगे थे।
  • इन कम्प्यूटर्स का आकार काफी बड़ा हुवा करता था | इनको रखने के लिए एक बड़े कमरे जितना जगह लगता था | 
  • अपने बड़े आकार के कारण ये  कंप्यूटर काफी वजनी थे। 
  • इन कंप्यूटरों द्वारा बहुत अधिक बिजली की खपत की जाती थी जिसके कारन ये 
  • अत्यधिक मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करते थे | 
  • पहली पीढ़ी के कंप्यूटर में वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया जाता था, इसलिए एक बड़े कूलिंग सिस्टम की जरूरत पड़ती थी।
  • पहली पीढ़ी के कंप्यूटर की स्टोरेज क्षमता काफी काम थी इसलिए इनमे केवल थोड़ी मात्रा में जानकारी संग्रहीत की जा सकती थी।
  • ये कंप्यूटर ज्यादा विश्वसनीय (reliable) नहीं थे, साथ ही उन्हें उपयोग करना भी कठिन था।

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर की सीमाएं (Limitations of First Generation Computer In Hindi)

  • पहली पीढ़ी के कंप्यूटर बड़ी calculations और सामान्य calculations तक ही सीमित थे।
  • ये कंप्यूटर एक समय में केवल एक ही प्रॉब्लम को सॉल्व कर सकता था | 
  • यह मल्टी टास्किंग नहीं कर पा रहा था | 
  • बहुत कम स्टोरेज होती थी जिसकी वजह से  बड़े प्रोग्राम को स्टोर नहीं किया जा सकता था | 
  • पहली पीढ़ी के कंप्यूटर साइज में बड़े होने जे साथ साथ काफी महंगे थे | 
  • उन कंप्यूटर द्दारा काफी अधिक बिजली का उपयोग किया जाता था |
  • किसी कार्य को करने की गति काफी कम थी।

तो दोस्तों ये थे पहली पीढ़ी के कंप्यूटर के कुछ लिमिटेशंस जिसको दूर करते हुए सेकंड जनरेशन कंप्यूटर का विकास हुवा | 

Conclusion 

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमनें पहली पीढ़ी के कंप्यूटर के बारे में बात की और जाना कि पहली पीढ़ी के कंप्यूटर क्या है? (First Generation of Computer In Hindi) उनकी क्या विशेषताएं थी (Features of First Generation of Computer In Hindi) और उनके क्या फायदे व क्या नुकसान थे? (Advantages and Disadvantages of First Generation of Computer In Hindi)

दोस्तों आशा करता हु कि आज के इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको फर्स्ट जनरेशन कंप्यूटर (First Generation of Computer In Hindi) से संबंधित सभी जानकारी मिल गई होगी |

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अगर आपको अभी भी पहली पीढ़ी के कंप्यूटर (First Generation of Computer In Hindi) से संबंधित कोई भी प्रश्न या Doubt है तो आप कमेंट्स के जरिए हमसे पुछ सकते है। मैं आपके सभी सवालों का जवाब दूँगा और ज्यादा जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते है |

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Jeetu Sahu is A Web Developer | Computer Engineer | Passionate about Coding, Competitive Programming and Blogging

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