Low Level Language क्या है? लो लेवल लैंग्वेज के प्रकार, लाभ, नुकसान

हेलो फ्रेंड्स आज के इस आर्टिकल में हम Low Level Language (Machine Language और Assembly Language) के बारे में बात करने वाले है।

आज हम विस्तार से जानेंगे कि लो लेवल लैंग्वेज क्या है? ( What is Low Level Language In Hindi), लो लेवल लैंग्वेज कितने प्रकार के होते है? और लो लेवल लैंग्वेज के क्या लाभ है व क्या नुकसान है? (Advantages and Disadvantages of Low level Language In Hindi)

तो आइये अब बिना समय गवाए जानते है कि Low Level Language Kya Hai ?

लो लेवल लैंग्वेज क्या है? (What is Low Level Language In Hindi)

लो लेवल लैंग्वेज क्या है? (What is Low Level Language In Hindi)

Low Level Language वो लैंग्वेज है जो मशीन के काफी करीब होता है | मतबल निम्न-स्तरीय भाषा (Low Level Language) कंप्यूटर के समझें के हिसाब से बहुत आसान होता है। Low Level Language में लिखा गया कोड कंप्यूटर को काफी अच्छे से समझ आता है। इसलिए ज्यादातर सिस्टम सॉफ्टवेयर लो लेवल लैंग्वेज में बनाई जाती है।

लो लेवल लैंग्वेज कितने प्रकार के होते है? (Types of Low Level Language In Hindi)

Low Level Language को दो भागों में बाटा गया है जो की निम्नलिखित है -:

  1. मशीन लेवल लैंग्वेज (Machine level language)
  2. असेंबली लैंग्वेज (Assembly language)

आइए अब हम एक एक करके जानते है कि Machine level language Kya Hai? और Assembly language Language Kya Hai?

मशीन लेवल लैंग्वेज क्या है? (What Machine Level Language In Hindi)

कंप्यूटर हम मनुष्यों की भाषा नहीं जनता, उसका अपना एक अलग भाषा होता है जो कि है मशीन लैंग्वेज या बाइनरी लैंग्वेज (0 और 1 )

चूँकि कंप्यूटर को केवल मशीन लैंग्वेज ही आती है इसलिए हम ह्यूमन लैंग्वेज जैसे की हिंदी, इंग्लिश, उर्दू का उपयोग कंप्यूटर को इंस्ट्रक्शन देने या ये बताने के लिए नहीं कर सकते कि उसको करना क्या है?

ऐसी में यदि हमे कंप्यूटर को कोई इंस्ट्रक्शन देना है तो हमको भी मशीन लैंग्वेज या बाइनरी लैंग्वेज (0 और 1) सीखना पड़ेगा | 

मशीन लैंग्वेज 1st जनरेशन कंप्यूटर लैंग्वेज है। मशीन लैंग्वेज में हम जो इंस्ट्रक्शन देते है उसमे सिर्फ और सिर्फ 0 और 1 होता है, जो कंप्यूटर या मशीन द्वारा सीधे Execute होता है क्योकि कंप्यूटर को सिर्फ मशीन लैंग्वेज आती है इसलिए यह आसानी से कोड को समझ जाता है और उसे जल्दी से execute कर देता है।

Example-: अगर मुझे 9 +2 कंप्यूटर में लिखना है वो भी मशीन लैंग्वेज की मदद से तो इसके लिए मुझे 9 ,+, 2 को बाइनरी कोड में कन्वर्ट करके लिखना पड़ेगा | जिसका बाइनरी कोड कुछ इस तरह होता – 1001 00101011 0010  

अगर आप  बाइनरी कोड और डेसीमल कोड के बारे में अच्छे से नहीं जानते तो आप इस पोस्ट computer number system को एक बार देख सकते है जिससे आपको इस मशीन लैंग्वेज कोड को समझने में आसानी होगी | 

मशीन स्तर की भाषा कंप्यूटर के समझने के हिसाब से तो आसान होता है पर एक  प्रोग्रामर के नज़रिए से देखे तो बहुत कठिन होता है इसे थोड़ा सरल बनाने के उद्देश्य से असेंबली लैंग्वेज (Assembly language) को डेवलप्ड किया गया |

असेंबली लैंग्वेज क्या है? (What Assembly Language In Hindi)

Assembly language सेकंड जेनरेशन (2nd Generation) कंप्यूटर लैंग्वेज है असेंबली लैंग्वेज में जो set of instructions (निर्देशों का सम्मुचय) दिया जाता है उसमे कुछ English जैसे commends या सिंबॉलिक कोड्स (ADD, PRINT, MOV, SUB etc.) का उपयोग होता है इस तरह के कोड को निमोनिक (Mnemonic) कहते है |

असेंबली लैंग्वेज में कोड या Programs लिखना और समझना प्रोग्रामर के लिए मशीन स्तर की भाषा Machine language की तुलना में थोड़ा आसान हो गया था मगर कंप्यूटर के लिए थोड़ा कठिन, क्योंकि कंप्यूटर को सिर्फ मशीन लैंग्वेज ही समझ आती है। 

ऐसे में हमे Assembly Language को मशीन लैंग्वेज में Translate करना पड़ा | Translate करने के लिए जिस ट्रांसलेटर का उपयोग किया गया उसका नाम है असेम्बलर (Assembler) | 

हालांकि असेंबली लैंग्वेज में प्रोग्राम्स लिखना पहले की तुलना में आसान हो गया था मगर फिर भी प्रोग्रामर्स को कंप्यूटर के हार्डवेयर से रिलेटेड सभी लो लेवल डिटेल्स की अच्छे से जानकारी होना जरूरी था |

असेंबली लैंग्वेज में डेटा कंप्यूटर के रजिस्टर में स्टोर होता था और प्रत्येक कंप्यूटर में डिफरेंट सेट ऑफ़ रजिस्टर होते थे जिससे असेंबली लैंग्वेज पोर्टेबल नहीं था |चुकी Assembly Language एक low level language था इसलिए Assembly Language के प्रोग्राम्स काफी फ़ास्ट Execute होते थे |

मशीन लेवल लैंग्वेज और असेंबली लैंग्वेज में अंतर (Machine Level Language and Assembly Language In Hindi)

Machine LanguageAssembly Language
Machine Language एक निम्न-स्तरीय प्रोग्रामिंग लैंग्वेज (Low level Programming language) है।Assembly Language, हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज और मशीन लैंग्वेज के बीच एक Intermediate प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है |
Machine Language, 0 और 1 ( बाइनरी प्रारूप ) के रूप में होता है जहाँ, 1 True को दर्शाता है जबकि 0 false को दर्शाता है।Assembly Language, अंग्रेजी syntax (mnemonics) होते है, जिसे इंटरप्रेटर और कंपाइलर द्वारा निम्न-स्तरीय भाषा में परिवर्तित करने के बाद CPU द्वारा समझा जाता है।
मशीन लैंग्वेज को समझना कंप्यूटर के लिए काफी आसान होता है या यूँ कहे मशीन लैंग्वेज केवल कंप्यूटर के लिए होता है |असेंबली लैंग्वेज को समझना कंप्यूटर के लिए काफी मुश्किल होता है | हम कह सकते है कि असेंबली लैंग्वेज मनुष्यों के लिए होता है |
CPU सीधे Machine Language को समझ सकता है। कंपाइलर या असेंबलर की जरूरत नहीं।प्रोग्रामर असेंबली लैंग्वेज को समझ सकते हैं, हालाँकि, CPU असेंबली लैंग्वेज को नहीं समझ सकता।
मशीनी लेवल लैंग्वेज के कोड और इंस्ट्रक्शंस को याद करके रखना बहुत मुश्किल है |असेंबली लैंग्वेज के कोड और इंस्ट्रक्शंस को याद करके रखना मशीन लैंग्वेज की तुलना में थोड़ा आसान है |
मशीन लैंग्वेज में मॉडिफिकेशन पॉसिबल नहीं है इसे किसी खास ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए specialy बनाया जाता है |असेंबली लैंग्वेज में modification करना मशीन लैंग्वेज की तुलना में बहुत ज्यादा कठिन नहीं है |
CDs, DVDs and Blu-ray Discs आदि में मशीन लैंग्वेज का use है |असेंबली लैंग्वेज का उपयोग इन निम्न एप्लिकेशन में किया जाता है  -: device drivers, low-level embedded systems, और real-time systems आदि | 
मशीन लैंग्वेज Hardware पर Dependent है।असेंबली भाषा मशीन पर डिपेंड करता है |
मशीन लैंग्वेज को कंप्यूटर के लिए अलग से ट्रांसलेट करने की जरूरत नहीं होती कंप्यूटर Direct मशीन लैंग्वेज को समझ जाता है |असेंबली लैंग्वेज को कंप्यूटर के समझने के लिए अलग से ट्रांसलेट करने की जरूरत नहीं होती है |
मशीन लैंग्वेज में program फ़ास्ट execute होती  है क्योंकि सभी डेटा पहले से ही बाइनरी रूप में होता हैं।असेंबली लैंग्वेज मशीन लैंग्वेज की तुलना में थोड़ा स्लो Execute होता है क्योकि इसे पहले मशीन लैंग्वेज में कन्वर्ट करना पड़ता है ताकि कंप्यूटर इसे समझ सके और Execute कर सके | 

मशीन लेवल लैंग्वेज और असेंबली लैंग्वेज के बीच मुख्य अंतर (Key Difference Between Machine Level Language and Assembly Language In Hindi)

  1. Machine Level Language एक Low level Programming language है। जिसे कंप्यूटर के लिए समझना काफी आसान होता है, जबकि Assembly Language, हाई लेवल लैंग्वेज और मशीन लैंग्वेज के बीच एक Intermediate प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है इसलिए Assembly Language को समझना कंप्यूटर के लिए मशीन लैंग्वेज की तुलना में थोड़ा सा मुश्किल होता है | 
  2. मशीन लेवल लैंग्वेज, 0 और 1 के रूप में होता है, जिसे CPU द्वारा तुरंत समझ लिया जाता है यहाँ 1 True को दर्शाता करता है जबकि 0 false को दर्शाता करता है, जबकि Assembly Language में अंग्रेजी syntax (mnemonics) होते है, जिसे इंटरप्रेटर और कंपाइलर द्वारा निम्न-स्तरीय भाषा में परिवर्तित करने के बाद ही CPU द्वारा समझा जाता है।
  3. मशीनी लेवल लैंग्वेज के कोड और इंस्ट्रक्शंस को याद करके रखना बहुत मुश्किल है जबकि असेंबली लैंग्वेज के कोड और इंस्ट्रक्शंस को याद करके रखना मशीन लैंग्वेज की तुलना में थोड़ा आसान है |
  4. Machine Language में मॉडिफिकेशन संभव नहीं है इसे किसी खास ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए specially बनाया जाता है, जबकि असेंबली लैंग्वेज में modification करना मशीन लैंग्वेज की तुलना में ज्यादा कठिन नहीं है |
  5. मशीन लैंग्वेज Hardware पर निर्भर है और असेंबली भाषा मशीन पर निर्भर करता है |
  6. मशीन लैंग्वेज को कंप्यूटर के लिए अलग से ट्रांसलेट करने की जरूरत नहीं होती कंप्यूटर सीधे मशीन लैंग्वेज को समझ जाता है जबकि असेंबली लैंग्वेज को कंप्यूटर के समझने के लिए अलग से ट्रांसलेट करने की जरूरत नहीं होती है
  7. मशीन लैंग्वेज में प्रोग्राम काफी फ़ास्ट execute होती  है क्योंकि सभी डेटा पहले से ही बाइनरी रूप में होता हैं और असेंबली लैंग्वेज, मशीन लैंग्वेज की तुलना में थोड़ा स्लो Execute होता है क्योकि इसे पहले मशीन लैंग्वेज में कन्वर्ट करना पड़ता है ताकि कंप्यूटर इसे समझ सके और Execute कर सके | 

दोस्तों यहाँ तक आपको समझ आ गया होगा कि लो लेवल लैंग्वेज क्या है? ( What is Low Level Language In Hindi)

साथ ही हमने इस आर्टिकल में मशीन लेवल लैंग्वेज क्या है? (What is Machine level language In Hindi) असेंबली लैंग्वेज क्या है? (Assembly language ) मशीन लैंग्वेज और असेंबली लैंग्वेज में क्या अंतर है के बारे में भी जाना है।

आइये अब हम ये भी जान लेते हैं कि लो लेवल लैंग्वेज के क्या लाभ है? (Advantages of Low Level Language In Hindi) और क्या नुकसान है? (Disadvantages of Low Level Language In Hindi)

निम्न स्तर की भाषा के लाभ (Advantages of Low Level Language In Hindi)

  • जो प्रोग्राम या सॉफ्टवेयर Low Level Language में बनाये जाता है वो बहुत फ़ास्ट और मेमोरी Efficient होता है|
  • प्रोग्राम्स प्रोसेसर और मेमोरी का उपयोग बहुत अच्छे तरीका से करता है | 
  • Low Level Language  में डायरेक्ट हार्डवेयर से इंटरेक्शन होता है |

निम्न-स्तरीय भाषा के नुकसान (Disadvantages of Low Level Language In Hindi)

  • प्रोग्रामिंग करने में समय बहुत लगता हैं |
  • प्रोग्रामिंग करना प्रोग्रामर के लिए बहुत कठिन होता है |
  • प्रोग्राम मशीन डिपेंडेंट होते है और पोर्टेबल नहीं होते |
  • इसे विकसित करना, डिबग करना और बनाए रखना मुश्किल है।
  • निम्न स्तर के कार्यक्रम अधिक त्रुटि प्रवण होते हैं।
  • प्रोग्रामर को निम्न स्तर की भाषा में प्रोग्रामिंग के लिए, विशेष मशीन के कंप्यूटर आर्किटेक्चर का अतिरिक्त ज्ञान होना चाहिए।

निम्न-स्तरीय भाषा (low level language) प्रोग्रामर के लिए बहुत कठिन था इसलिए उच्च स्तरीय भाषा (High-level language In Hindi) का विकास हुवा |

उच्च स्तरीय भाषा या High-level language के बारे विस्तार से जानने के लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे।

Conclusion

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमनें Low level Language के बारे में बात की और जाना कि लो लेवल लैंग्वेज क्या है? ( What is Low Level Language In Hindi), लो लेवल लैंग्वेज कितने प्रकार के होते है? और लो लेवल लैंग्वेज के क्या लाभ है व क्या नुकसान है? (Advantages and Disadvantages of Low level Language In Hindi)

साथ ही हमने इस आर्टिकल में मशीन लेवल लैंग्वेज क्या है? (What is Machine level language In Hindi) असेंबली लैंग्वेज क्या है? (Assembly language ) मशीन लैंग्वेज और असेंबली लैंग्वेज में क्या अंतर है के बारे में भी जाना है।

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Jeetu Sahu is A Web Developer | Computer Engineer | Passionate about Coding, Competitive Programming and Blogging

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