Floppy disk क्या है? (What is Floppy disk in Hindi)

हेलो फ्रेंड्स आज के इस आर्टिकल में हम Floppy disk के बारे में बात करने वाले है | 

आज हम विस्तार से जानेंगे कि फ्लॉपी डिस्क क्या है? (What is Floppy disk in Hindi) कितने प्रकार के होते है? तथा  इसके क्या लाभ है (Advantages of Floppy disk in Hindi) और क्या नुकसान है (Disadvantages of Floppy disk in Hindi)

तो चलिए बिना समय गवाए सबसे पहले जानते है कि Floppy Disk Kya Hai?

फ्लॉपी डिस्क क्या है? (What is Floppy Disk In Hindi)
फ्लॉपी डिस्क क्या है? (What is Floppy Disk In Hindi)

फ्लॉपी डिस्क क्या है? (What is Floppy Disk In Hindi)

Definition -: “Floppy Disk एक सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस है जिसे floppy diskette, floppy, or floppy disk drive के नाम से भी जाना जाता है | इसका उपयोग कम्प्यूटर्स में इलेक्ट्रॉनिक डेटा (जैसे कम्प्यूटर्स फाइल्स) को स्टोर करने के लिए किया जाता है |”

यह कम्प्यूटर्स में इस्तेमाल किया जाने वाला एक primary removable storage medium था जिसे जरुरत पढ़ने पर बड़ी आसानी से कंप्यूटर से रिमूव किया जा सकता था | इसे mini disk भी कहा जाता है | 


फ्लॉपी डिस्क का इतिहास (History of Floppy Disk in Hindi)

यह एक महंगा Secondary Storage Device है जिसको IBM ने 1967 में बनाया था यह एक पोर्टेबल स्टोरेज डिवाइस था जो कम्प्यूटर्स में read/write करने का कार्य करता था | 

यह IBM द्वारा बनाया गया पहला hardware storage डिवाइस था जिसे IBM द्वारा hard drives के विकल्प के रूप में बनाया गया था क्योंकि उस समय hard drives काफी महंगे होते है तो IBM ने उसके विकल्प के रूप में Floppy Disk को बनाया था | 

जब इसका पहली बार आविष्कार किया गया था तब यूजर CD-ROM की तरह इनमे डेटा write करने में सक्षम नहीं थे | 

इसकी साइज 8 inch थी जो केवल 80KB तक के डेटा को स्टोर कर सकती थी हालांकि इसके बाद के वर्शन में 800KB तक के डेटा को स्टोर किया जा सकता था | 

जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी का विकास होने लगा वैसे वैसे फ्लॉपी डिस्क का साइज भी कम होने लगा | फ्लॉपी डिस्क की साइज 3 प्रकार की है – 8 inches, 5.5 inches, and 3.5 inches | 

फ्लॉपी डिस्क का हर नया वर्जन अपने पुराने वर्जन की तुलना में अधिक डेटा स्टोर करने में सक्षम था | 

फ्लॉपी डिस्क के 8 inches वाले वर्जन के बाद जो 5.5 inches वाला नया वर्शन आया उसमे हम 360KB तक के डेटा स्टोर कर सकते थे हालांकि बाद में 5.5 inches वाले फ्लॉपी डिस्क में हम 1.2MB तक के डेटा स्टोर करने में सक्षम हो गए थे | 

फ्लॉपी डिस्क के 5.5 inches वाले वर्जन का आविष्कार 1978 में हुआ था तथा इनका उपयोग उस समय के desktop PCs जैसे Apple IIe, में स्टोरेज डिवाइस के रूप में किया गया था | 

सन 1987 में फ्लॉपी डिस्क का 3.5-inch HD वर्जन पेश हुवा जिसमे हम 1.44MB तक के डेटा को स्टोर कर सकते थे | 

फ्लॉपी डिस्क का यह वर्शन अपने पुराने वर्जन की तुलना में काफी पोर्टेबल और टिकाऊ था | इसका उपयोग personal data के बैकअप और कमर्शियल सॉफ्टवेयर के वितरण में किया जाता था | 

फ्लॉपी डिस्क का यह 3.5-inch वाला वर्जन अगले दशक तक स्टैण्डर्ड के रूप में उपयोग किया जाने लगा था | 


Diagram of Floppy Disk

floppy disk एक पतली, गोल, प्लास्टिक से बना एक डिवाइस है जिसमे ferric oxide or magnetic oxide के परत की एक पतली कोटिंग होती है | 

floppy disk का read-write head मैग्नेटिक पार्टिकल्स में बदलाव करके डेटा को डिस्क में स्टोर करने के कार्य करती है | 

Floppy Disk
Floppy Disk

Floppy Disks ट्रैक्स (tracks) के रूप में आर्गनाइज्ड होते है, हर tracks में सेक्टर होते है तथा हर सेक्टर बाइट में बंटे होते है जिनमे डेटा स्टोर होता है | 

3.5″ inch वाले फ्लॉपी डिस्क के प्रत्येक साइड 80 tracks होते है और प्रत्येक ट्रैक में 18 sectors होते है जिनमे 512 bytes होते है जिससे  3.5″ inch वाले फ्लॉपी डिस्क  की डेटा स्टोरेज कैपेसिटी 1.44 MB होती है | 

Floppy Disks की सबसे बड़ी खासियत ये थी कि इन्हे आसानी से डिवाइस से रिमूव किया जा सकता था इसलिए इसका उपयोग सॉफ्टवेयर डिस्ट्रीब्यूट करने, डेटा और फाइल को एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में ट्रांसफर करने तथा हार्ड डिस्क से बैकअप के रूप में किया जाता था | 

मगर हार्ड डिस्क की तुलना में फ्लॉपी डिस्क स्लो होता है तथा इसमें काफी कम मात्रा में ही इनफार्मेशन को स्टोर किया जा सकता है 


Components of Floppy disk

समय के साथ फ्लॉपी डिस्क में हम डेटा को read/write करने में सक्षम हो गए थे | उस समय फ्लॉपी डिस्क में निम्न कंपोनेंट्स मौजूद थे |

  • Read/write head
  • Circuit board
  • Drive motor

read/write head का उपयोग डिस्क के दोनों साइड डेटा को रीड और write करने के लिए  किया जाता है | 


फ्लॉपी डिस्क का उपयोग कैसे किया जाता था?

शुरुआती समय में floppy disk का उपयोग कंप्यूटर में बैकअप स्टोरेज डिवाइस तथा प्रोग्राम को इनस्टॉल करने के लिए किया जाता था क्योंकि उस समय CD-ROM drives, USB जैसे डिवाइस नहीं थे | 

एक floppy disk में 1.44 MB तक के प्रोग्राम को स्टोर किया जा सकता था इससे ज्यादा के डेटा को स्टोर करने के लिए कई सारे फ्लॉपी डिस्क उपयोग में लाये जाते थे | 

हालांकि फ्लॉपी डिस्क को 1990 के दशक के अंत में CD-ROM द्वारा रिप्लेस किया जाने लगा | 

लोगों द्वारा धीरे धीरे बैकअप के लिए तथा software डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए फ्लॉपी डिस्क की जगह CDs or USB flash drives का उपयोग किया जाने लगा था | 


फ्लॉपी डिस्क के प्रकार (Types of Floppy Disk In Hindi)

मार्केट में अलग अलग साइज के फ्लॉपी डिस्क आये जो समय के साथ उपयोग न होने पर मार्केट से लुप्त हो गए | 

  • 8-inch Drive
  • 5 ¼ -Inch Drive
  • 3 ½ -Inch Drive
  • Zip Drive

8-inch Drive

8-inch वाले फ्लॉपी डिस्क 1970s मे आये थे जिसे केवल रीड किया जा सकता था | हालाँकि 8-inch वाले फ्लॉपी डिस्क  के बाद के वर्शन में डेटा को read/write दोनों काम किया जा सकता था | 

5 ¼ -Inch Drive

5.25 inch वाले floppy डिस्क ड्राइव 1976 में बनना शुरू होते थे और 1978 में इसका पहला वर्शन रिलीज़ हुवा था जिसकी स्टोरेज क्षमता 160 KB  थी जो बाद में बढ़ कर 360kb से 1.2 MB हो गयी थी |

ये फ्लॉपी डिस्केट 1980 के दशक में पीसी में आमतौर पर व्यापक रूप से उपयोग किए गए थे और 1990 के दशक की शुरुआत में इस्तेमाल होना बंद हो गए थे। 

3 ½ -Inch Drive

3.5″ inch वाले फ्लॉपी डिस्क को IBM ने 1984 में बनाया था जिसकी शुरुवाती डेटा स्टोरेज क्षमता 720 KB थी जो बाद में 1.44 MB  हो गई | 1.44 MB स्टोरेज क्षमता वाले floppy disk 1990s में ज्यादातर उपयोग होने लगे थे |

Zip Drive

1990 के दशक के मध्य में, zip drive आये जिनको बनाया था Iomega Corporation ने | zip drives  का उपयोग काफी सीमित था क्योकि ये महंगे होते थे इसके महंगे होने के कारण ये ज्यादा पॉपुलर नहीं हुए | 


फ्लॉपी डिस्क के लाभ ( Advantages of Floppy Disks in Hindi )

Floppy disks की स्टोरेज कैपेसिटी काफी कम होती है इसमें हम high-resolution वाले photos, music, videos आदि को स्टोर नहीं कर सकते हालांकि फ्लॉपी डिस्क की इन कमियों के बावजूद इसके कुछ लाभ भी थे जो कि निम्नलिखित है -:

  1. Portability
  2. Compatibility
  3. Small
  4. Easy to carry
  5. Cheap 
  6. Random Access 

1. Portability -:

floppy disks की सबसे बड़ी advantages ये थी कि ये पोर्टेबल थे |  3.5-inch वाले floppy disk, CDs की तुलना में छोटे थे | इन्हे ज्यादा जगह की जरुरत नहीं होती थी | 

फ्लॉपी डिस्क, प्लास्टिक पर ferric oxide or magnetic oxide की एक पतली कोटिंग से बनी डिवाइस है जो इसे मजबूत बनाती है | 

इनमे CDs और DVDs की तुलना में, डिस्क को खरोच आने की सम्भावना कम होती है क्योकि यह आवरणों से घिरा होता है | 

इसका छोटा आकर इसे काफी पोर्टेबल बनता है | इसके माध्यम से यूजर छोटे साइज की फाइल्स को बड़े ही आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान ले जा सकता है | 

2. Compatibility

पुराने कंप्यूटर किसी दूसरे स्टोरेज डिवाइस के साथ संगत नहीं थे ये केवल फ्लॉपी डिस्क के साथ compatible थे | 1990 के दशक के कम्प्यूटर्स में फ्लॉपी डिस्क ही केवल एक ऑप्शन था डेटा और फाइल्स को ट्रांसफर करने का | 

3. Small 

Floppy disks एक हल्के और छोटे साइज के स्टोरेज  डिवाइस है | इनकी स्टोरेज कैपेसिटी भी कम होती थी इसलिए ये कम साइज के फाइल को ट्रांसफर करने के लिए काफी उपयोगी थे | 

4. Easy to carry 

चूँकि ये साइज में छोटे होते है इसलिए इसे बड़े ही आसानी से एक स्थान से दूसरी स्थान ले जाया जा सकता था साथ ही इन्हे हैंडल करना भी बड़ा ही आसान था | 

5. Cheap 

फ्लॉपी डिस्क उस समय के स्टोरेज devices की तुलना में काफी सस्ते होते थे | 

6. Random access method 

फ्लॉपी डिस्क में स्टोर डेटा को रैंडम आर्डर में एक्सेस किया जा सकता है | 

फ्लॉपी डिस्क के नुकसान ( Disadvantages of Floppy Disks in Hindi )

  1. Speed
  2. Storage Space
  3. Reliability
  4. Physical Damages
  5. Not in use 

1. Speed

floppy disk एक स्लो स्टोरेज डिवाइस है इसमें डेटा ट्रांसफर रेट काफी कम होता है | जब फ्लॉपी डिस्क में स्टोर डेटा को कंप्यूटर में या कंप्यूटर में स्टोर डेटा को फ्लॉपी डिस्क में ट्रांसफर किया जाता है तब इसमें काफी ज्यादा समय लग जाता है | 

2. Storage Space

floppy disk की storage क्षमता काफी कम होती है इसमें हम काफी कम मात्रा में डेटा को स्टोर करके रख सकते है | 

फ्लॉपी डिस्क की स्टोरेज क्षमता आज के मॉडर्न कंप्यूटर में उपयोग होने वाली स्टोरेज डिवाइस से काफी कम थी | 

3. Reliability

floppy disk में heat और magnetic fields के कारण File corrupt हो सकते है जो कि फ्लॉपी डिस्क की सबसे बड़ी Disadvantages है | 

floppy disks बाकी स्टोरेज डिवाइस की तुलना में कम सुरक्षा प्रदान करता है इनमे कंप्यूटर वायरस का खतरा रहता है जिससे भी फाइल्स corrupt हो जाते है | 

यह हार्ड डिस्क की तरह रिलायबल स्टोरेज डिवाइस नहीं है |

4. Physical Damages

प्लास्टिक की आवरण का उपयोग फ्लॉपी डिस्क बनाने के लिए किया जाता था जिससे ये काफी नाजुक और लचीले होते थे | यदि कोई इसे बिना उचित देखभाल के पकड़ लेता है तो यह आसानी से टूट सकता है | 

5. Not in use 

आज कल जितने भी कंप्यूटर मार्किट में आ रहे है उनमे फ्लॉपी डिस्क के लिए जगह नहीं है इसलिए फ्लॉपी डिस्क का उपयोग लगभग ख़त्म हो गया है 


FAQ – Frequently Asked Question

फ्लॉपी डिस्क का आविष्कार किसने किया (Who invented the floppy disk)

फ्लॉपी डिस्क को  सन 1967 में Alan Shugart द्वारा IBM में बनाया गया था | इस शुरुवाती फ्लॉपी डिस्क की साइज 8 इंच थी जिसे IBM द्वारा  hard drives के विकल्प के रूप में बनाया गया था |

फ्लॉपी डिस्क के प्रकार (Types of Floppy disk)

फ्लॉपी डिस्क निम्नलिखित प्रकार के है – 8-inch Drive, 5 ¼ -Inch Drive, 3 ½ -Inch Drive, Zip Drive

फ्लॉपी डिस्क स्टोरेज क्षमता कितनी होती है? (Floppy Disk Capacity)

8-inch वाली फ्लॉपी डिस्क की स्टोरेज कैपेसिटी 80KB थी फिर उसके बाद के वर्शन जैसे – 5.5 inch वाली फ्लॉपी डिस्क की स्टोरेज कैपेसिटी 1.2MB थी तथा  3.5-inch वाली फ्लॉपी डिस्क की स्टोरेज कैपेसिटी 1.44MB थी जो सन 1987 में  में आयी थी | 

क्या आज भी फ़्लॉपी डिस्केट का उपयोग किया जाता है?

वर्तमान समय में फ्लॉपी डिस्क का उपयोग नहीं है क्योकि आज कल जितने भी कंप्यूटर मार्किट में आ रहे है उनमे फ्लॉपी डिस्क के लिए जगह नहीं है इसलिए फ्लॉपी डिस्क का उपयोग लगभग ख़त्म हो गया है 

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Conclusion  

दोस्तों आशा करता हु कि आज के इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको फ्लॉपी डिस्क क्या है? (What is Floppy disk in Hindi) कितने प्रकार के होते है? (Types of Floppy Disk In Hindi ) तथा  इसके क्या लाभ है और क्या नुकसान है (Advantages and Disadvantages of Floppy disk in Hindi) से संबंधित सभी जानकारी मिल गई होगी और आपको और कही इसके बारे में सर्च करना नहीं पड़ेगा |

अगर आप कंप्यूटर फंडामेंटल Complete Tutorial चाहते है तो मेरे इस आर्टिकल Computer Fundamental Tutorial In Hindi को देखे | यहाँ आपको कंप्यूटर फंडामेंटल्स के सभी टॉपिक्स step by step मिल जाएगी |

दोस्तों आशा करता हु कि आपको ये पोस्ट पसंद आई होगी और आपको Floppy disk Kya Hai ? के बारे में काफी जानकरी हुई होगी |

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Jeetu Sahu is A Web Developer | Computer Engineer | Passionate about Coding, Competitive Programming and Blogging

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