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जॉयस्टिक क्या है? – What is Joystick In Hindi

जॉयस्टिक एक input device है जिसका उपयोग मुख्यत: gaming के लिए किया जाता है। इसमे एक एक Stick होती है जिसके द्वारा कर्सर को movement किया जाता है। इससे हम जो भी काम कर रहे होते है वह अच्छे तरीके से हो जाता है । 

इसे मख्य रूप से कंप्यूटर में गेम खेलने के लिए ही उपयोग किया जाता है। इसमें अलग अलग तरह के बटन भी लगे होते है जिनको हम command के रूप में use करते हैं और अपने गेम को आनन्द के साथ खेल सकते हैं।

तो दोस्तों यह थी Joystick की एक बेसिक सी जानकारी, यदि आप Joystick के बारे में Detail में जानना चाहते है तो आप इस आर्टिकल को आगे पढ़ते रहे क्योकि आज के इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे कि Joystick Kya Hai? जॉयस्टिक कैसे कार्य करता है? जॉयस्टिक कितने प्रकार के होते है? और इनका क्या उपयोग है?

तो आइये अब बिना समय गवाए सबसे पहले जानते है कि जॉयस्टिक क्या है? (What is Joystick In Hindi)

जॉयस्टिक क्या है? - What is Joystick In Hindi

जॉयस्टिक क्या है? – What is Joystick In Hindi

जॉयस्टिक एक इनपुट डिवाइस है जिसका उपयोग कंप्यूटर डिवाइस में कर्सर या पॉइंटर की गति को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। इसमे एक gear जैसे एक Stick होती है। इसकी सहायता से हम निर्देश को कम्प्यूटर मे इनपुट कराते है। 

Joystick माउस के जैसे ही होता है, पर यदि हम Joystick के Stick को मूव करके छोड़ देते है तो यह लगातार उसी दिशा मे बढ़ती रहती है | इसे रोकने के लिए हमे Stick को पुनः रिवर्स कर उसे पहली स्थिति मे लानी पड़ती है जबकि माउस मे ऐसा नहीं होता है।

Joystick

इस इनपुट डिवाइस का उपयोग ज्यादातर गेमिंग के लिए किया जाता है। साथ ही इसका उपयोग विकलांग लोगों के लिए जो चल नहीं सकते उनके द्वारा भी एक इनपुट डिवाइस के रूप में उपयोग किया जाता है।

यह पहली बार US Naval Research Laboratory में C.B. Mirick द्वारा विकसित  किया गया था, और सन 1926 में पेटेंट कराया गया था। 

जॉयस्टिक, कई प्रकार के component से मिलकर बने होते है इसमें Stick, Extra Button, Hat Switch, Base, Autofire Switch, Trigger, Throttle इत्यादि होते है। 

जॉयस्टिक, सीरियल पोर्ट या original USB कनेक्शन का उपयोग करके कंप्यूटर से कनेक्ट होते हैं। कीबोर्ड की कुंजियों की तुलना में, यह काफी flexible होते है जिसके कारण ये कंप्यूटर में अधिक नियंत्रण प्रदान करते है। 

इससे कंप्यूटर डिवाइस में कर्सर की गति को नियंत्रित किया जाता है। इसमें एक Base और एक stick होती है जिसे बाएं या दाएं दिशा में ले जाया जा सकता है। इसे कुछ इस तरह से बनाया गया है कि इसका stick चारो दिशाओं में अच्छे तरह से घूम सके। इसमें एक पोटेंशियोमीटर नामक उपकरण लगा हुआ है जिसकी वजह से यह movement कर पाता है और अपनी सही स्थिति में वापस आ जाता है।

फ़्लाइट सिमुलेटर और फ़्लाइंग एक्शन गेम्स के लिए, जॉयस्टिक अधिक उपयुक्त होते हैं। हालांकि, जॉयस्टिक का उपयोग इनके आलावा अन्य प्रकार के वीडियो गेम के लिए भी उपयोग किया जाता है। 

जॉयस्टिक विभिन्न प्रकार होते हैं जैसे finger operated joystick, displacement joystick, thumb/finger operated joystick, hand operated joystick आदि।

जॉयस्टिक, अन्य इनपुट डिवाइस की तुलना में एक बेहतर गेमिंग अनुभव प्रदान करता है। यह सीखना और उपयोग करना आसान है और ये न्य इनपुट डिवाइस की तुलना में ज्यादा सस्ते होते है। 

जॉयस्टिक का उपयोग (Uses of Joystick In Hindi)

  • Joystick का सबसे ज्यादा उपयोग विडियो गेम खेलने में किया जाता है।
  • Joystick का उपयोग कारखानों में भी किया जाता है।
  • इसका उपयोग assembly line में किया जाता है।
  • इसका उपयोग विमानों में भी किया जाता हैै इसका उपयोग main flight controller अपनी दिशा बदलने के लिए करता है।
  • इसका उपयोग क्रेन, एक्सलेटर आदि में भी किया जाता है लेकिन वीडियो game वाली joystick और विमानों को उड़ाने वाली joystick में बहुत फर्क होता है। Flight को उड़ाने वाली joystick जटिल और काफी मजबूत होती है जबकि वीडियो गेम में उपयोग किया जाने वाला joystick कम जटिल तथा इसकी तुलना में कमजोर होती है।

जॉयस्टिक का इतिहास – History of Joystick In Hindi

joystick को सबसे पहले C. B. Mirick नामक व्यक्ति ने United States Naval Research Laboratory (NRL) पर 1926 में बनाया था जो की सन 1926 में U.S. द्वारा पेटेंट करवाया गया है।

इसमें अलग अलग उपकरणों में उपयोग होने वाले joystick को अलग अलग लोगो ने बनाया है कम्प्यूटर में use होने वाले joystick को Ralph H Bear ने 1972 में बनाया था। और electricity से चलने वाले joystick उपकरण को 1944 में जर्मनी में बनाया गया था।

जॉयस्टिक के प्रकार – Types of Joystick In Hindi

अलग अलग कार्यों के आधार जॉयस्टिक विभिन्न प्रकार के होते है। 

1) डिजिटल जॉयस्टिक (Digital Joysticks)

यह सबसे commonly यूज किया जाने वाला जॉयस्टिक है इसे हम घर में उपयोग करते है। इसे हम left, right, up, down कर सकते हैं। डिजिटल जॉयस्टिक सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। इसे पूरी तरह से चारों दिशाओं में घूमा सकते हैं।

2) पैडल जॉयस्टिक (Paddle Joysticks)

यह एक सामान्य तरह का कंट्रोलर है इसमें एक knob बना होता है जिसका उपयोग हम गेम खेलने के समय करते हैं 

paddle joystick को control करने के लिए analog सिद्धांत का प्रयोग किया गया है और यह एक प्रकार का potentiometer से मिलकर बना होता है। यह सबसे पुराने तरह का joystick है। 

3) एनालॉग जॉयस्टिक (Analog Joysticks) 

एनालॉग जॉयस्टिक एक ऐसा जॉयस्टिक होता है जिसमें डिजिटल और paddle joystick दोनो का मिश्रण होता है। यह दोनो तरह के उपकरण से मिलाकर बनाया गया है। इसमें भी potentiometer का उपयोग किया  जाता है।

4) पीसी एनालॉग जॉयस्टिक (PC Analog Joysticks)

इसे सबसे पहले आईबीएम (IBM) कंपनी द्वारा उनके पर्सनल कंप्यूटर में यूज करके दिखाया गया था यह एक साधारण सा ही उपकरण है जो कि यूएसबी ओर ब्लूटूथ के जरिए कंप्यूटर से कनेक्ट किया जाता है इसमें कई सारे बटन भी मौजुद होते हैं।

5) जॉयपैड (Joypads)

जॉयपैड एक प्रकार का pad है जिसमें sticks नहीं होता है इसे सामान्यत: D-pad के नाम से भी जाना जाता है  यह एक शुरुवाती दौर का उपकरण है लेकिन आज भी इसमें गेम खेला जाता है ओर यह आज भी उपयोगी है।

जॉयस्टिक के फायदे (Advantage of Joystick In Hindi)

Joysticks के बहुत सारे फायदे हैं जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं -:

  • ऐसे games जो कार या भगाने वाली होती है उसमे यह बहुत ज्यादा मदद करती है ।
  • इसे हम 3-D तरह से भी इस्तेमाल कर सकते हैं और इसका फायदा उठा सकते हैं।
  • इससे हम अपने काम को जल्दी और अच्छी तरह से कर सकते हैं जिससे हमारा टाइम बचता है।
  • Joystick चलाने में काफी आसानी होती है इसे हम अपने एक हाथ से ही उपयोग कर सकते है
  • Joystick की मदद से हम कंप्यूटर में जल्दी जल्दी गेम खेल सकते है यह गेम को fast बना देती है।

जॉयस्टिक के नुकसान (Disadvantage of Joystick In Hindi)

हर चीज के Plus ओर minus होते ही है वैसे ही joystick के भी थोड़े बहुत नुकसान हैं जो कि निम्नलिखित है -:

  • Joystick का ज्यादा उपयोग करने पर हाथ में दर्द महसूस होने लगता है .
  • यह बहुत मजबूत नहीं होता है यह बहुत जोर से चलाने पर टूट भी सकता है।
  • शुरुवात में प्वाइंटर को कंप्यूटर स्क्रीन में चलाने में थोड़ी मुश्किल होती है इसके लिए थोड़ी अभ्यास की जरूरत होती है।

कंप्यूटर जॉयस्टिक पोर्ट (Computer Joystick ports)

आजकल सभी प्रकार के कंप्यूटर में joystick USB port आने लगा है यह एक प्रकार से यूजर फ्रैंडली हो गया है नीचे हम कुछ तरीके बता रहे है जिसकी मदद से आप इसे कनेक्ट कर सकते हैं।

  • USB
  • Serial port 
  • Game port 
  • Bluetooth

जॉयस्टिक से जुड़े सामान्य प्रश्न ( FAQs)

Q1. जॉयस्टिक किस काम में आती है ?

जॉयस्टिक एक प्रकार का gaming उपकरण है यह गेम खेलने में उपयोग में लाया जाता है।

Q2. जॉयस्टिक कंप्यूटर की कौन सा डिवाइस है ?

यह एक प्रकार का इनपुट device है।

Q3. जॉयस्टिक कितने प्रकार की होती है ? 

जॉयस्टिक मुख्य रूप से पांच प्रकार की होती है जो अलग अलग कामों में उपयोग लाई जाती है।

Q4. जॉयस्टिक क्या है ?

जॉयस्टिक एक प्रकार का इनपुट device है जो कर्सर को नियंत्रित करती है।

Q5. क्या जॉयस्टिक सस्ती होती है ?

हा, joystick सस्ती भी होती है ओर कुछ महंगी भी होती है पर आप कम दाम वाले जॉयस्टिक से भी अच्छे तरह से गेम का मजा ले सकते हैं।

निष्कर्ष

दोस्तों आज के इस आर्टिल्स में हमने Joystick के बारे में बात की और जाना कि जॉयस्टिक क्या है? (What is Joystick In Hindi) जॉयस्टिक कैसे कार्य करता है? और जॉयस्टिक कितने प्रकार के होते है?

तो दोस्तों आशा करता हूँ कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा और यदि ये आर्टिकल आपको पसंद आया है तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों को शेयर करना न भूलिएगा ताकि उनको भी Joystick Kya Hai के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके .

अगर आपको अभी भी Joystick In Hindi से संबंधित कोई भी प्रश्न या Doubt है तो आप कमेंट्स के जरिए हमसे पुछ सकते है। मैं आपके सभी सवालों का जवाब दूँगा और ज्यादा जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते है |

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