इंटरनेट का इतिहास – History of Internet In Hindi

इंटरनेट का आविष्कार कैसे हुवा? -: इंटरनेट आज हमारे रोजमर्रा की जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, आज बिना इंटरनेट के दुनिया की कल्पना नहीं की जा सकती, ऐसा कहा जा सकता है कि इंटरनेट के बिना आगे बढना लगभग असंभव है क्योकि आज हमारे ज्यादतर कार्य इंटरनेट की सहायता से ही होते है।

आज यदि लोगो को कुछ जानना है या रिसर्च करना है तो वो इंटरनेट के जरिये बड़ी आसानी से कर सकते है, इंटरनेट के अविष्कार ने टेक्नोलॉजी की इस दुनिया में क्रांति ला दी। 

पर आपने कभी सोचा है कि वो इंटरनेट जिसने हमारी जीवन में क्रन्तिकारी परिवर्तन ला दिया है उस इंटरनेट का अविष्कार कैसे हुवा ?

तो आइये अब बिना समय गवाए हम ये जान लेते है कि इंटरनेट का आविष्कार कैसे हुवा ? इसका क्या इतिहास है? (History of Internet In Hindi)

इंटरनेट का इतिहास - History of Internet In Hindi

इंटरनेट का इतिहास (History of Internet In Hindi)

सन 1960 के पहले संचार के लिए मुख्य रूप से टेलीग्राम और टेलीफ़ोन नेटवर्क का उपयोग किया जाता था | Message को मुख्य रूप से टेलीग्राफी कि सहायता से send किया जाता था और voice के लिए उस समय टेलीफ़ोन नेटवर्क का उपयोग किया जाता था | लेकिन आज दुनिया पूरी तरीके से बदल चुकी है और इसकी शुरुआत इंटरनेट के आविष्कार से हुवा, जिसने पूरी दुनिया में क्रांति ला दिया |

वैसे देखा जाए तो बल्ब का आविष्कार थॉमस अल्वा एडिसन ने किया, टेलीफोन का आविष्कार ग्राहम बेल ने किया परन्तु इंटरनेट के बारे में ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली कि इसका आविष्कार किसी एक व्यक्ति ने किया है |

इंटरनेट का आविष्कार पीढ़ी दर पीढ़ी हुआ और इसके विकास के लिए बहुत सारे Computer Scientist ने अपना अहम योगदान दिया है | 

सन 1960 की बात है जब रूस और अमेरिका के बीच कोल्ड वार हो रहा था और इसी युद्ध की वजह से टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए अमेरिका ने अपने सारे computer को एक साथ जोड़ना चाहा और इसके लिए सवर्प्रथम 1962 में अमेरिका में ARPA (Advanced Research Projects Agency) की स्थापना हुयी जो कि DOD (Department of Defense) के under में काम करता था |

इस एजेंसी का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी डिफेन्स के Computer को एक दुसरे के साथ जोड़ना था |

सन 1967 में ACM (Association for Computing Machinery) की मीटिंग में ARPA ने “ARPANET” का आईडिया प्रस्तुत किया जिसमे प्रत्येक device को IMP (Interface Message Processor) के साथ जोड़ा गया | ये IMP (Interface Message Processor) आपस में कम्युनिकेशन करने में सक्षम थे | 

जब भी किन्ही दो डिवाइस के बिच डाटा ट्रांसफर करना होता था तो डिवाइस उस डाटा को IMPs को send करती थी और फिर ये IMPs उस डाटा को दूसरे IMPs को send करती थी फिर वो दूसरा IMPs उस डाटा को Receiver डिवाइस के पास पंहुचा देता था | इस तरह दो डिवाइस के बिच कम्युनिकेशन की शुरुवात हुई और यही से इंटरनेट का विकास शुरू हुवा |

ARPA ने छोटे नेटवर्क का उपयोग करके दो computer के बीच communicate किया जिसके कारण इसका नाम ARPANET (Advanced Research Projects Agency Network) रख दिया गया |

सन 1969 में ARPANET ने चार Nodes बनाये -:

  1. University of California at Los Angeles (UCLA) 
  2. University of California at Santa Barbara (UCSB)
  3. Stanford Research Institute (SRI)
  4. University of Utah.

इन चारो University को IMPs के माध्यम से नेटवर्क के रूप में कनेक्ट किया और उनको कनेक्ट करने के लिए जिस सॉफ्टवेयर का उपयोग किया गया उसे Network Control Protocol (NCP) कहा गया, जो कि होस्ट के बिच कम्युनिकेशन प्रदान करता है |

इसके बाद 1974 में Vint Cerf और Kahn ने दो computer को आपस में जोड़ने के लिए TCP (Transmission Control Protocol) का उपयोग किया | Vint Cerf टीसीपी/आईपी प्रोटोकॉल के co-designer तथा इंटरनेट की आर्किटेक्चर बनाने वाले व्यक्ति है इसलिए Vint Cerf को ही Father of Internet भी कहा जाता है |

1 जनवरी 1983 को इंटरनेट का आधिकारिक जन्मदिन माना जाता है क्योकि इसी दिन TCP/IP प्रोटोकॉल का एक स्टैण्डर्ड वर्शन जारी किया गया था जो नेटवर्क में कम्प्यूटर्स को आपस में कम्युनिकेशन करने की अनुमति प्रदान करता है। 

TCP/IP (ट्रांसफर कंट्रोल प्रोटोकॉल/इंटरनेटवर्क प्रोटोकॉल) से पहले ऐसा कोई स्टैण्डर्ड प्रोटोकॉल नहीं था जिससे कंप्यूटर, नेटवर्क में एक दूसरे के साथ संवाद कर सके।  ऐसे में  ट्रांसफर कंट्रोल प्रोटोकॉल/इंटरनेटवर्क प्रोटोकॉल (टीसीपी/आईपी) का विकास हुवा और यही से इंटरनेट का भी जन्म हुआ। 

आज के समय में इंटरनेट (Internet Today)

आज के समय में इंटरनेट का उपयोग सभी जगहों में हो रहा है | अगर आपको कोई message एक device से दूसरे device में भेजना हो तो उसके लिए इंटरनेट का उपयोग किया जाता है | यहां तक कि किसी दूर के ग्रहों में भी अपने command को रोबोट या फिर Satellite तक भेजने के लिए भी Internet का उपयोग किया जा रहा है | 

असल में हम इंटरनेट से पूरी तरीके से घिरे हुए है और बिना इंटरनेट के जीवन जीना लगभग मुश्किल हो गया है |

आज, 440 मिलियन कंप्यूटरों को इंटरनेट से सीधे जोड़ा जा चुका है, जिससे दुनिया भर के लोगों का जीवन आसान हो गया है। 

आज इंटरनेट तक पहुंच रखने वालों के लिए जानकारी और ज्ञान साझा करना बेहद आसान हो गया है। सबसे अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ताओं वाला देश चीन है, जिसके 1.4 बिलियन उपयोगकर्ता हैं, इसके बाद भारत में 1.3 बिलियन और संयुक्त राज्य अमेरिका में 0.3 बिलियन से कुछ अधिक इंटरनेट user हैं।

भारत में इंटरनेट की शुरुआत कैसे हुई (Bharat Me Internet Kab Aaya)

भारत में इंटरनेट की शुरुआत कैसे हुई (Bharat Me Internet Kab Aaya)

भारत में इंटरनेट की शुरुवात 15 अगस्त 1995 को विदेश संचार निगम लिमिटेड (VSNL) द्वारा किया गया था | विदेश संचार निगम लिमिटेड यह एक मात्र ऐसी कंपनी थी जिसने पहली बार इंटरनेट को भारत में लाया। 

विदेश संचार निगम लिमिटेड ने अपने टेलीफ़ोन लाइन के जरिये दुनिया के सारे computer को भारत के साथ आपस में जोड़ा | शुरुआती दिनों में केवल 20 से 30 संख्या में ही कंप्यूटर एक दूसरे से जुड़े थे क्योकि उस समय इंटरनेट की गति भी बहुत ज्यादा तेज नहीं थी। आज के मुकाबले 100 गुना कम थी। 

सन 1990 के दशक के बाद लोगों की रूचि इसमें बहुत ज्यादा बढ़ती चली गई और सन 1998 को ही हमारी सरकार ने निजी कंपनियाँ जैसे idea, airtel, vodafone को इंटरनेट की सर्विस उपलब्ध करने की अनुमति प्रदान की और इसी साल देश का पहला वेबसाइट indiaworld.com आरंभ हुयी | 

शुरुवाती दिनों में कहा जाता था कि इंटरनेट भारत में विकल्प मात्र है परन्तु कुछ समय के बाद इसकी लोकप्रियता बढ़ती चली गयी और आज दुनियाभर में इंटरनेट डाटा उपयोग के मामले में भारत पहले स्थान पर है |  

इंटरनेट का उपयोग आज हम हमारे दैनिक दिनचर्या के साथ साथ कुछ महत्वपूर्ण काम जैसे मोबाइल बैंकिंग, लाइव टीवी, डाटा transfer ये सभी काम करने के लिए भी करते है |

आजकल तो भारत में यह लोगों को सर्विस देने के साथ-साथ रोजगार भी दे रहा है। बच्चे से लेकर बूढ़े तक हर कोई  इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहा है चाहे वह अपने एंटरटेनमेंट के लिए करें, पढ़ने के लिए करें, या कुछ सीखने के लिए। 

सबसे पहले इंटरनेट केवल computer में ही उपयोग किया जाता था फिर, इंटरनेट कनेक्शन को मोबाइल के साथ भी जोड़ दिया गया ताकि अधिक से अधिक लोग इंटरनेट का उपयोग कर पाए |

आज के समय में इंटरनेट हमारे सभी गैजेट्स से जुड़ चुका है और आने वाले समय में भी यह हर चीज से जुड़ता जायेगा और हमारा काम आसान बनाएगा |

इंटरनेट का विकास (Development of Internet In Hindi)

1969 में : एक अमरीकी रक्षा विभाग ने चार विश्वविद्यालय के कंप्यूटर को जोड़कर एक नेटवर्क बनाया और ARPANET की शुरुआत की। इसका विकास शिक्षा संस्थानों के लिए किया गया था।

1972 ईस्वी में : यह इतिहास का एक ऐसा समय था जब पहली बार इलेक्ट्रॉनिक मेल और ई-मेल की शुरुआत की गई।

1973 ईस्वी में : यह वही समय था जब इंटरनेट प्रोटोकॉल को डिजाइन किया गया था। ऐसे समय में एक ऐसी चीज का विकास हो चुका था जिससे कोई भी उपयोगकर्ता किसी कंप्यूटर की फाइल को कभी भी डाउनलोड कर सकता था।

1986 ईस्वी में : एक ऑर्गेनाइजेशन नेशनल साइंस फाउंडेशन ने पहली बार ARPANET को बहुत बड़े नेटवर्क के रूप में बनाया।

1988 ईस्वी में : इसमें फिनलैंड के जाक्र्को ओकेरीनेने नामक शख्स ने पहली बार इंटरनेट चैटिंग का विकास किया।

1989 ईस्वी में : सी आर एन ने एक नईी सूचना तकनीक का विकास किया जिसे वर्ल्ड वाइड वेब के नाम से जाना जाता है यह हाइपरटेक्स्ट पर आधारित था। इस तकनीक से इंटरनेट उपयोगकर्ता किसी दूसरी साइट का डाटा कभी भी डाउनलोड कर सकते थे।

1993 ईस्वी में : एक मार्क एंड्रीसन नामक व्यक्ति ने मोजेइक नामक नेवीगेटिंग सिस्टम का विकास किया। ऐसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल आमतौर पर ग्राफ़िक्स के लिए किया गया है।

1994 ईस्वी में : इस समय बहुत सारे ब्राउज़र मार्किट में आ चुके थे इंटरनेट को एक्सेस करना बेहद आसान हो गया था।

1995 ईस्वी में : इस समय बिज़नेस वेबसाइट शुरू की गयी जिसका उदेश्य व्यपार को बढ़ावा देना था।

1996 ईस्वी में : अब इंटरनेट को चलाना आसान हो गया। और लोग इसमें काफी रुचि ले रहे थे।

1999 ईस्वी में : लोग ऑनलाइन समान खरीदने में बहुत उत्सुक रहने लगे।

2003 ईस्वी में : अब इंटरनेट चलाने वाली की संख्या में एक बूम आया जो पिछले रिकॉर्ड से काफी ज्यादा था।

FAQ -: Frequently Asked Questions 

Q1. भारत में पहली बार इंटरनेट कब आया?

Ans : रत में पहली बार इंटरनेट 15 अगस्त, 1995 को आया।

Q2. इंटरनेट के संस्थापक कौन है?

Ans : रॉबर्ट इ० क्हान और विन्ट सर्फ़ इंटरनेट के संस्थापक माने जाते है।

Q3. इंटरनेट की शुरुआत कैसे हुई?

Ans : इंटरनेट की शुरुआत 1960 के दशक में सरकारी शोधकर्ताओं के लिए जानकारी साझा करने के तरीके के रूप में हुई थी। 60 के दशक में कंप्यूटर बड़े और स्थिर थे और किसी एक कंप्यूटर में संग्रहीत जानकारी का उपयोग करने के लिए, किसी को या तो कंप्यूटर की के पास जाना पड़ता था या पारंपरिक डाक प्रणाली के माध्यम से चुंबकीय कंप्यूटर टेप भेजे जाते थे।

Conclusion

दोस्तों आज के इस आर्टिल्स में हमने History of Internet के बारे में बात की और जाना कि इंटरनेट का आविष्कार कैसे हुवा ? इसका क्या इतिहास है? (History of Internet In Hindi) और भारत में इंटरनेट की शुरुआत कैसे हुई (Bharat Me Internet Kab Aaya)

तो दोस्तों आशा करता हूँ कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा और यदि ये आर्टिकल आपको पसंद आया है तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों को शेयर करना न भूलिएगा ताकि उनको भी History of Internet In Hindi के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके .

अगर आपको अभी भी इंटरनेट का आविष्कार कैसे हुवा ? इसका क्या इतिहास है? (What is The History of Internet In Hindi) से संबंधित कोई भी प्रश्न या Doubt है तो आप कमेंट्स के जरिए हमसे पुछ सकते है। मैं आपके सभी सवालों का जवाब दूँगा और ज्यादा जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते है |

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Jeetu Sahu is A Web Developer | Computer Engineer | Passionate about Coding, Competitive Programming and Blogging

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