माइक्रोप्रोसेसर का इतिहास एवं विकास – Evolution of Microprocessor In Hindi

माइक्रोप्रोसेसर किसी भी कंप्यूटर के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण भाग होता है, Micro Processor को हम कंप्यूटर का मस्तिक भी कह सकते हैं क्योकि कंप्यूटर के अंतर्गत संपूर्ण कार्य माइक्रो प्रोसेसर के माध्यम से ही किया जाता है।

यदि आप कंप्यूटर के विषयों में रूचि रखते हैं, तो आपको माइक्रोप्रोसेसर क्या है? और माइक्रोप्रोसेसर का अविष्कार कैसे हुवा? के बारे में जानकारी होना जरुरी है।

माइक्रोप्रोसेसर के बारे में हमने अपने पिछले आर्टिकल में बात की है और आज के इस आर्टिकल में हम माइक्रोप्रोसेसर के विकास (Evolution of Microprocessor In Hindi) के बारे में बात करने वाले है .

तो आइये अब बिना समय गवाए जान लेते है कि माइक्रोप्रोसेसर का विकास कैसे हुवा? (Evolution of Microprocessor In Hindi)

Evolution of Microprocessor

माइक्रोप्रोसेसर का विकास कैसे हुवा? (Evolution of Microprocessor In Hindi)

ट्रांजिस्टर का आविष्कार 1948 में हुआ था। IC का आविष्कार 1958 में टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स जे किल्बी द्वारा किया गया था और पहले माइक्रोप्रोसेसर का आविष्कार INTEL द्वारा किया गया था।

पहला माइक्रोप्रोसेसर INTEL द्वारा 1971 में विकसित किया गया था, और इसका नाम Intel 4004 था। Intel 4004, 4 बिट प्रोसेसर पर आधारित था। इंटेल 4004 एक बार में 4 बिट पर केवल जोड़/घटाव ऑपरेशन करने में सक्षम था। इस वजह से यह अधिक लोकप्रिय नहीं था।

इंटेल 4004 के बाद इंटेल ने पर्सनल कंप्यूटर के लिए सन 1974 में Intel 8080 की घोषणा की। यह 8 बिट प्रोसेसर पर आधारित था।

इसके बाद  सन 1976 में इंटेल ने 8085 प्रोसेसर डिजाइन किया लेकिन यह कोई नया आविष्कार नहीं था यह (8085 माइक्रोप्रोसेसर), 8080 माइक्रोप्रोसेसर का अपडेटेड वर्जन था। 8085 माइक्रोप्रोसेसर में, दो Enable/Disable Instructions, 3 इंटरप्ट पिन और सीरियल I/O पिन संलग्न थे।

1976 में, Intel ने फिर से नए माइक्रोप्रोसेसर Intel 8086 की घोषणा की। 8086 माइक्रोप्रोसेसर, 8085 से बेहतर था क्योंकि यह 16 बिट पर आधारित था।

बाद में, इंटेल ने अन्य नए 8087 माइक्रोप्रोसेसर डिजाइन किए जो पहले maths सह-प्रोसेसर थे, और इस प्रोसेसर को आईबीएम पीसी में एम्बेड किया गया था।

माइक्रोप्रोसेसर कंपनियों के अधिक प्रयास के कारण, नए प्रोसेसर बाजार में आ रहे हैं जैसे कि 8088, 80286, 80386, 80486, पेंटियम II, पेंटियम III, पेंटियम IV और अब कोर जैसे डुअल कोर, quad कोर और  octa core प्रोसेसर।

माइक्रोप्रोसेसर का आकार (Size of the microprocessor – 4 bit)

NameYear of InventionClock speedNumber of transistors
INTEL 4004/40401971 by Ted Hoff and Stanley Mazor740 kHz2300

माइक्रोप्रोसेसर का आकार  (Size of the microprocessor – 8 bit)

NameYear of InventionClock speedNumber of transistors
80081972500 kHz3500
808019742 MHz6000
80851976 (16-bit address bus)3 MHz6500

माइक्रोप्रोसेसर का आकार (Size of the microprocessor – 16 bit)

NameYear of InventionClock speedNumber of transistors
80861978 (multiply and divide instruction, 16-bit data bus and 20-bit address bus)4.77 MHz, 8 MHz, 10 MHz29000
80881979 (cheaper version of 8086 and 8-bit external bus)  
80186/801881982 (80188 cheaper version of 80186, and additional components like interrupt controller, clock generator, local bus controller, counters)6 MHz 
802861982 (data bus 16bit and address bus 24 bit)8 MHz134000

माइक्रोप्रोसेसर का आकार (Size of the microprocessor – 32 bit)

NameYear of InventionClock speedNumber of transistors
INTEL 803861986 (other versions 80386DX, 80386SX, 80386SL , and data bus 32-bit address bus 32 bit)16 MHz – 33 MHz275000
INTEL 804861986 (other versions 80486DX, 80486SX, 80486DX2, 80486DX4)16 MHz – 100 MHz1.2 Million transistors
PENTIUM199366 MHz 

माइक्रोप्रोसेसर का आकार (Size of the microprocessor – 64 bit)

NameYear of InventionClock speedNumber of transistors
INTEL core 22006 (other versions core2 duo, core2 quad, core2 extreme)1.2 GHz to 3 GHz291 Million transistors
i3, i5, i72007, 2009, 20102.2GHz – 3.3GHz, 2.4GHz – 3.6GHz, 2.93GHz – 3.33GHz 

माइक्रोप्रोसेसरों की पीढ़ी (Generations of Microprocessor In Hindi)

माइक्रोप्रोसेसर के विकास को पांच पीढ़ियों जैसे पहली, दूसरी, तीसरी, चौथी और पांचवीं पीढ़ी में विभाजित किया गया है और इन पीढ़ियों की विशेषताओं की चर्चा नीचे की गई है।

1) पहली पीढ़ी (4-बिट माइक्रोप्रोसेसर)

पहली पीढ़ी के माइक्रोप्रोसेसरों को वर्ष 1971-1972 में इंटेल कॉर्पोरेशन द्वारा पेश किया गया था। 4-बिट प्रोसेसर होने के कारण इसे Intel 4004 नाम दिया गया था।

यह एक सिंगल चिप आधारित प्रोसेसर था। यह addition, subtraction, Boolean OR और Boolean AND. जैसे सरल arithmetic और logical operations कर सकता था।

2) दूसरी पीढ़ी (8-बिट माइक्रोप्रोसेसर)

दूसरी पीढ़ी के माइक्रोप्रोसेसरों को 1973 में फिर से इंटेल द्वारा पेश किया गया था। यह पहला 8 – बिट माइक्रोप्रोसेसर था जो 8-बिट शब्दों पर arithmetic और  logical operations कर सकता था। यह इंटेल 8008 था, और इसका दूसरा उन्नत संस्करण इंटेल 8088 था।

3) तीसरी पीढ़ी (16-बिट माइक्रोप्रोसेसर)

तीसरी पीढ़ी के माइक्रोप्रोसेसरों, जिन्हें 1978 में पेश किया गया था, का प्रतिनिधित्व इंटेल के 8086, ज़िलॉग Z800 और 80286 द्वारा किया गया था, जो कि 16-बिट प्रोसेसर थे। इस प्रकार के माइक्रोप्रोसेसर, माइक्रोप्रोसेसरों की पिछली पीढ़ियों से भिन्न थे। तीसरी पीढ़ी के माइक्रोप्रोसेसर में HMOS तकनीक का उपयोग किया गया था। 

4) चौथी पीढ़ी (32-बिट माइक्रोप्रोसेसर)

कई अलग-अलग कंपनियों ने 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर पेश किए, लेकिन सबसे लोकप्रिय माइक्रोप्रोसेसर इंटेल 80386 है। यह माइक्रोप्रोसेसर मिलियन ट्रांजिस्टर के साथ डिज़ाइन किया गया था।

5) पांचवीं पीढ़ी (64-बिट माइक्रोप्रोसेसर)

1995 से अब तक हम पांचवी पीढ़ी में हैं। 80856 के बाद, इंटेल एक नए प्रोसेसर के साथ आया, जिसका नाम पेंटियम प्रोसेसर था, उसके बाद आया पेंटियम प्रो सीपीयू, जो एक सिस्टम में कई सीपीयू को मल्टीप्रोसेसिंग प्राप्त करने की अनुमति देता है।

Important Intel Microprocessors

MicroprocessorYear of InventionWord Length
400419714-bit
808519768-bit
8086197816-bit
80286198216-bit
80386198532-bit
80486198932-bit
Pentium199332-bit
Pentium Pro199532-bit
Pentium II199732-bit
Pentium III199932-bit
Pentium 4200032-bit
Itanium200164-bit

माइक्रोप्रोसेसर के लाभ (Advantages of the microprocessor)

  • इनकी processing speed काफी ज्यादा होती है ये काफी तेज गति से चीजों को प्रोसेस कर सकते है।  
  • ये आकार में छोटे होते है। 
  • चूँकि  ये छोटे आकर के  होते है इसलिए इनका रखरखाव करना काफी आसान होता है। 
  • ये जटिल mathematics को आसानी से कर सकते हैं। 
  • ये काफी Flexible होते है। 
  • इनमे आवश्यकता के अनुसार सुधार किया जा सकता है। 

माइक्रोप्रोसेसर के नुकसान (Disadvantages of microprocessors)

  • इनके ज्यादा प्रयोग से ये काफी गर्म हो जाते है
  • इनका प्रदर्शन डेटा के आकार पर निर्भर करता है। 
  • ये माइक्रोकंट्रोलर की तुलना में बड़ा बोर्ड आकार का होता है। 
  • ज्यादातर माइक्रोप्रोसेसर floating-point operations का support नहीं करते। 

Conclusion

दोस्तों आज के इस आर्टिल्स में हमने Evolution of Microprocessor के बारे में बात की और जाना कि माइक्रोप्रोसेसर का विकास कैसे हुवा? (Evolution of Microprocessor In Hindi)

अगर आप कंप्यूटर फंडामेंटल Complete Tutorial चाहते है तो मेरे इस आर्टिकल Computer Fundamental Tutorial In Hindi को देखे | यहाँ आपको कंप्यूटर फंडामेंटल्स के सभी टॉपिक्स step by step मिल जाएगी |

तो दोस्तों आशा करता हूँ कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा और यदि ये आर्टिकल आपको पसंद आया है तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों को शेयर करना न भूलिएगा ताकि उनको भी Evolution of Microprocessor In Hindi के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके .

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Jeetu Sahu is A Web Developer | Computer Engineer | Passionate about Coding, Competitive Programming and Blogging

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