मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi User Operating System in Hindi)

हेलो फ्रेंड्स आज के इस आर्टिकल में हम Multi User Operating System के बारे में बात करने वाले है |

आज हम विस्तार से जानेंगे कि मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है? (What is Multi User Operating System in Hindi) और मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम के क्या लाभ और क्या नुकशान है? (Advantages and Disadvantages of Multi User Operating System in Hindi )

तो चलिए बिना समय गवाए सबसे पहले जानते है कि Multiuser Operating System Kya Hai?

मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi User Operating System in Hindi)
मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi User Operating System in Hindi)

मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है? (What is Multi User Operating System in Hindi)

ऐसे ऑपरेटिंग सिस्टम जो एक सयम में एक से ज्यादा Users को हैंडल कर सकते है मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम कहलाते है | 

उदाहरण – Unix ऑपरेटिंग सिस्टम एक मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसमे आप एक ही समय में एक से ज्यादा Users के Request या टास्क को परफॉर्म कर सकते है | 

मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम काफी काम्प्लेक्स सिस्टम होते है जिसे एक से ज्यादा Users को एक साथ हैंडल करने के लिए बनाया गया है | इनका उपयोग साधरणतः बड़े बड़े मेनफ़्रेम कम्प्यूटर्स में किया जाता है | 

आइये मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम को हम एक बैंक के उदाहरण द्वारा और अच्छे से समझते है 

Example –  हर बैंक में एक सेण्टर सर्वर होता जो भी एक तरह का कंप्यूटर ही है | इस सेण्टर सर्वर से बैक के बाकि सभी कंप्यूटर कनेक्ट होते है | 

जब भी किसी कंप्यूटर को कोई डाटा चाहिए होता है तो उस कंप्यूटर में बैठा यूजर सेण्टर कंप्यूटर से उस डाटा की मांग करता है | 

चुकी बैंक में तो कई सारे कंप्यूटर है और सभी कंप्यूटर अपना कार्य करने या डाटा प्राप्त करने के लिए उस सेण्टर सर्वर से ही मांग करते है ऐसे में उस सेण्टर सर्वर कंप्यूटर के पास ऐसा सिस्टम होना चाहिए जिससे की वो इन सभी कंप्यूटर से आ रहे Request को पूरा कर सके | 

ऐसे में  यहाँ पर आता है मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम, जिसको बनाया ही गया था इस तरह के परिस्थितिओ का सामना करने के लिए | 

मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम एक साथ एक ही समय में एक से ज्यादा लोगो के Request को हैंडल कर सकता है |

बैक के उस सेण्टर सर्वर में भी मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम होता है जो बैंक के बाकि कंप्यूटर यूजर से आने वाले request को हैंडल करता है |

Examples of Multi-user Operating System 

मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम के उदाहरण निम्नलिखित है -:

  • Unix
  • Linux
  • Solaris
  • HP-UX
  • OpenBSD
  • Mac OS X
  • Windows XP
  • Windows NT
  • Windows 2000
  • Windows Vista
  • Mainframe OS
  • Virtual Memory System

Features of Multi-user Operating System

मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम के निम्नलिखित विशेषताएं है -:

#1. Multiple processing

मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग ऑपरेटिंग सिस्टम एक समय में एक से ज्यादा प्रोसेस को हैंडल कर सकता है | 

#2. Multi Tasking

इस ऑपरेटिंग सिस्टम के उपयोग से हम एक समय में एक से ज्यादा टास्क परफॉर्म कर सकते है क्योकि मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम हमे यह फैसिलिटी प्रदान करता है |

#3. Sharing of resources

मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम में कई सारे पेरिफेरल्स डिवाइस जैसे  printers,  plotters, and hard drives आदि शेयर होता है | इसके इस फीचर के कारण हम चाहे तो अपना कोई डॉक्यूमेंट भी शेयर कर सकते है | यह इस काम के लिए सीपीयू का एक छोटा सा टाइम प्रदान करता है | 

उदाहरण – जैसे वेबमेल में एक ही समय में कई सारे यूजर उसे एक्सेस करते है और कोई चीज शेयर तथा प्राप्त करते है |  

#4. Background Processing

मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम बैकग्रॉउंट प्रोसेस को सपोर्ट करता है जब कोई कमांड या इंस्ट्रक्शन फ्रंट एन्ड में प्रोसेस नहीं होता तो यह उसे बैकग्रॉउंट में प्रोसेस करता है | 

यह बाकि बैकग्राउंड प्रोग्राम्स को भी प्रोसेसर के साथ इंटरेक्शन प्रदान करता है ताकि वो भी अपना कार्य बैकग्राउंड में सपन्न कर सके | 

Types of Multi-user Operating System

मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम 3 प्रकार के होते है जो की निम्नलिखित है -:

  1. Distributed Systems
  2. Time-sliced Systems:
  3. Multiprocessor Systems

#1. Distributed Systems

Distributed System कई सारे इंडिपेंडेंट कम्प्यूटर्स का कलेक्शन होता है जो आपस में नेटवर्क के माध्यम से कनेक्टेड होते है | ये कम्प्यूटर्स टास्क को आपस में मिलकर परफॉर्म करते है | 

Examples – टेलीफोन नेटवर्क , कंप्यूटर नेटवर्क , इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ,और  Mobile Apps आदि डिस्ट्रिब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम के उदाहरण है |

डिस्ट्रिब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम में रिसोर्सेज इस तरह से बटें होते है कि हर सिंगल request को आसानी से हैंडल किया जा सके |  

#2. Time-sliced Systems

इस सिस्टम में यूजर के हर टास्क को परफॉर्म करने के लिए सीपीयू टाइम का छोटा सा भाग दिया जाता है | 

आसान शब्दों में कहा जाये तो हर टास्क को छोटे टाइम के लिए सीपीयू दिया जाता है | टास्क को समय देने का कार्य शेडुअलर अल्गोरिथम से तय किया जाता है कि कौन से टास्क को पहले टाइम देना है और  कौन से टास्क को बाद में टाइम देना है | 

हर टास्क को प्रोसेस के लिए दिया गया समय इतना कम होता है कि यूजर को इसके बारे में पता भी नहीं होता | 

#3. Multiprocessor Systems

मल्टी प्रोसेसर ऑपरेटिंग सिस्टम में टास्क को परफॉर्म  करने के लिए केवल एक प्रोसेसर नहीं होता बल्कि एक ही सिस्टम में कई सारे प्रोसेसर होते है | 

इस सिस्टम में चूँकि कई सारे प्रोसेसर होते है इसलिए इसकी कार्यक्षमता भी काफी ज्यादा होती है |

Working mode of Multiuser Operating System

Multi user system में सिंगल मास्टर सिस्टम होता है जो नेटवर्क में कही भी किसी भी यूजर के द्वारा आसानी से एक्सेस किया जा सकता है | 

यूजर खुद का एक वर्किंग व्यू सिस्टम ओपन कर सकता है जिसे लोकल व्यू कहते है | इस लोकल व्यू को “working model” के रूप में जाना जाता है | 

यूजर जरुरत के हिसाब से कुछ add ,डिलीट और अपडेट कर सकता है यूजर के इस कार्य का किसी दूसरे यूजर को पता नहीं होता जब तक यूजर उसे मास्टर सिस्टम में सेव न कर दे | 

Components of Multi Operating System

एक मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम एक अंदर निम्नलिखत कंपोनेंट्स होते है -:

Hardware components 

#1. Processer -: यह कंप्यूटर का ब्रेन कहलाता है क्योकि एक कंप्यूटर के अंदर होने वाले सभी प्रोसेस को प्रोसेसर द्वारा ही पूर्ण किया जाता है | प्रोसेसर को सीपीयू के नाम से भी जाना जाता है | 

#2. Memory -: कंप्यूटर में उपस्थित सभी प्रोग्राम , डेटा और इनफार्मेशन मेमोरी के अंदर स्टोर होता है | मेमोरी प्रोसेस से प्राप्त आउटपुट डेटा को भी स्टोर करके रखने का कार्य करता है | 

एक कंप्यूटर में मेमोरी कई प्रकार के होते है जैसे -:

  • हार्ड डिस्क 
  • फ्लॉपी डिस्क 
  • ऑप्टिकल डिस्क 
  • मैग्नेटिक टेप 
  • मैग्नेटिक डिस्क 

#3. Terminals  -: इसमें कोई प्रोसेसिंग पावर नहीं होती इसका उपयोग कंप्यूटर में रिमोट वर्क के लिए किया जाता है | 

#4. Input/ Output devices  -: यह यूजर से डेटा लेने और यूजर को डेटा प्रदान करने का कार्य करते है जैसे कीबोर्ड एक इनपुट डिवाइस है जो यूजर से डेटा लेने का कार्य करता है और मॉनिटर एक आउटपुट डिवाइस है जो कंप्यूटर से प्राप्त डेटा को उसीर को कंप्यूटर स्क्रीन में दिखने का कार्य करता है | 

Software components 

#1. Kernel  -: यह कंप्यूटर का एक मुख्य कॉम्पोनेन्ट है जो Low Level Programming Language में लिखी गई है |  यह हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बिच इंटरेक्शन करता है | 

#2. Device handler  -: यह डिवाइस की उपलब्धता को हैंडल करने का कार्य करता है |

#3. Spooler  -:  स्पूलर कंप्यूटर में उपस्थित सभी प्रोसेस को रन करके आउटपुट प्रदान करने का कार्य करता है | स्पूलर का उपयोग मुख्यतः आउटपुट devices में किया जाता है |

#4. User Interface  -: यूजर इंटरफ़ेस, यूजर और हार्डवेयर/ सॉफ्टवेयर के इंटरेक्शन का एक माधयम है |  

यह यूजर को एक सिंपल इंटरफ़ेस प्रदान करता है ताकि यूजर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के साथ आसानी से इंटरेक्शन कर सके | 

Advantages of the Multi-user Operating System

  • नेटवर्क में उपस्थित एक कंप्यूटर सिस्टम में होने वाला बदलाव दूसरे कम्पुयटर सिस्टम को प्रभावित नहीं करता | 
  • सिस्टम को कुशल तरीके से हैंडल किया जा सकता है | 
  • दो अलग अलग यूजर एक ही समय एक ही डॉक्यूमेंट को अपने अपने कंप्यूटर में एक्सेस कर सकते है | Example – यदि कोई इमेज या डॉक्यूमेंट है और कुछ यूजर उसे एक्सेस करनाचाहते है तो वे मल्टी यूजर सिस्टम में आसानी से एक्सेस कर सकते है | 
  • इसका उपयोग टिकट रिजर्वेशन में किया जा सकता है |
  • एयरलाइन भी अपने कार्य को पूर्ण करने के लिए मल्टी यूजर सिस्टम का उपयोग करती है | 

Disadvantages of the Multi-user Operating System

यदि कोई एक कंप्यूटर वायरस से संक्रमित हो जाता है तो नेटवर्क में उपस्थित बाकि के कंप्यूटर भी उस वायरस से संक्रमित हो सकते है क्योकि वायरस नेटवर्क के थ्रू दूसरे कंप्यूटर में भी पहुंच सकता है और उन्हें भी संक्रमित कर सकता है | इससे पूरा सिस्टम फ़ैल हो सकता है | 

चूँकि इसमें सारी जानकारिया शेयर होती है जिसके कारण कभी कभी ये आपके लिए खतरनाख भी हो सकता है क्योकि इसमें आपकी प्राइवेट जानकारी भी शेयर हो सकता है जो आपकी गोपनीयता के लिए खतरा है | 

कई बार एक ही कंप्यूटर पर कई खाते बनाना खतरनाक हो सकता है ऐसे में प्रत्येक यूजर के लिए एक अलग मशीन रखना बेहतर होता है।

Difference Between Single-user And Multi-user System In Hindi

Single User SystemMulti User System
सिंगल यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम एक समय में एक ही यूजर को हैंडल कर सकते  है |मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम एक समय में मल्टीपल यूजर को एक साथ हैंडल कर सकता है 
उदाहरण -: Windows, Linux, Mac O/S, MS-DOS, Palm OSउदाहरण -: Unix, Linux, Solaris, HP-UX, OpenBSD, Mac OS X 
सिंगल यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम दो प्रकार के होते है -: सिंगल यूजर सिंगल टास्क ऑपरेटिंग सिस्टम , सिंगल यूजर मल्टीटास्क ऑपरेटिंग सिस्टममल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम तीन प्रकार के होते है -: डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम , टाइम शेयरिंग सिस्टम, मल्टीप्रोसेस्सोर सिस्टम |
एक एक समय में एक यूजर को प्लेटफार्म (ऑपरेटिंग सिस्टम) प्रदान करता है यह एक समय में कई सारे यूजर को प्लेटफार्म प्रदान करता है |
यदि कोई दूसरा यूजर कंप्यूटर रिसोर्सेज को एक्सेस करना चाहता है तो उसे पहले यूजर के कार्य के कम्पलीट होने तक इंतजार करना पड़ता है यूजर को कंप्यूटर रिसोर्सेज के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता क्योकि इसमें रिसोर्सेज shared होते है |
इस तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम सिंगल यूजर के लिए उपयोग किये जाते है | इस तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम मल्टीप्ल यूजर के लिए उपयोग किया जाता है | 
यूजर के बिच बैलेंस रखने की जरुरत नहीं होती क्योकि इसमें एक समय में के ही यूजर वर्क कर सकता है | इसमें यूजर के बिच बैलेंस रखना पड़ता है क्योकि इसमें एक समय में कई सारे यूजर वर्क कर रहे होते है |
इस तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग ज्यादतर लोगो द्वारा अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में किया जाता है | इस तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम के ज्यादातर मेनफ़्रेम कम्प्यूटर्स में इस्तेमाल किया जाता है 

Conclusion

दोस्तों आशा करता हु कि आज के इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको  मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है? (What is Multi User Operating System in Hindi) और मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम के क्या लाभ और क्या नुकशान है? (Advantages and Disadvantages of Multi User Operating System in Hindi ) से संबंधित सभी जानकारी मिल गई होगी |

दोस्तों आशा करता हु कि आपको ये पोस्ट पसंद आई होगी और आपको  मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है? (What is Multi User Operating System in Hindi) और मल्टीयूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम कितने प्रकार के होते है? के बारे में काफी जानकरी हुई होगी |

अगर आपको ये पोस्ट पसंद आया है तो इस पोस्ट को अपने अपने दोस्तों को शेयर करना न भूलिएगा ताकि उनको भी ये जानकारी प्राप्त हो सके |

अगर आपको अभी भी Multi User Operating System in Hindi से संबंधित कोई भी प्रश्न या Doubt है तो आप जरूर बताये मैं आपके सभी सवालों का जवाब दूँगा और ज्यादा जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते है |

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Jeetu Sahu is A Web Developer | Computer Engineer | Passionate about Coding, Competitive Programming and Blogging

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