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Encryption क्या है? – What is Encryption In Hindi

Encryption Kya Hai -: Encryption वह तरीका है जिसके द्वारा information को सीक्रेट कोड में परिवर्तित किया जाता है। यह डेटा के सही अर्थ को छुपाने के एक तरीका है।

डेटा या इनफार्मेशन को एन्क्रिप्ट (plaintext को या साधारण मैसेज को सीक्रेट कोड में परिवर्तित करना) और डिक्रिप्ट (सीक्रेट कोड को plaintext में परिवर्तित करना)  क्रिप्टोग्राफी कहलाता है। 

कंप्यूटिंग विज्ञान में डेटा की गोपनीयता बरक़रार रखने के लिए Cryptography या Encryption काफी महत्वपूर्ण है। 

Encryption का उद्देश्य डेटा की गोपनीयता को बरकरार रखना है। एन्क्रिप्शन में un-encrypted डेटा को plaintext के रूप में भी जाना जाता है, और एन्क्रिप्टेड डेटा को ciphertext कहा जाता है।

तो दोस्तों यह थी Encryption की एक बेसिक सी जानकारी, यदि आप इसके बारे में Detail में जानना चाहते है तो आप इस आर्टिकल को आगे पढ़ते रहे क्योकि आज के इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे कि Encryption Kya Hai? एन्क्रिप्शन कितने प्रकार के होते है? और एन्क्रिप्शन कैसे कार्य करता है?

तो आइये अब बिना समय गवाए जानते है कि एन्क्रिप्शन क्या है? (What is Encryption In Hindi)

Encryption

एन्क्रिप्शन क्या है? (Encryption Meaning In Hindi) 

Definiton -: Encryption एक ऐसा तरीका है जिसके जरिये Data को unreadable text या code में बदला जाता है. इस code को हर कोई पढ़ नहीं सकता. इसे सिर्फ वही समझ या पढ़ सकता है जिसके पास इस डाटा को decrypt करने के लिए key होगा, यहाँ Key एक संख्या (या संख्याओं का एक सेट) है जिसका उपयोग डेटा के encryption और decryption के समय किया जाता है। 

Encryption से हमारा डाटा काफी सुरक्षित रहता है और साथ ही ये डाटा हैक होने से भी बचाता है।  

Encryption में संदेशों को एन्कोड और डीकोड करने के लिए उपयोग किए जाने वाले formulas को Encryption Algorithm कहा जाता है।

अगर Encryption के बारे में थोड़ा टेक्निकल शब्दों में बात करे तो, किसी भी डाटा को plaintext से ciphertext मे बदलने की प्रक्रिया encryption कहलाता है. इस प्रोसेस मे key का इस्तेमाल होता है, जो sender और receiver दोनों के पास रहता है. इसी key के जरिए data को decrypt और encrypt किया जाता है. यह हमारी सभी जरुरी जानकारी को हैकर से बचाता है साथ ही डाटा secure रखने मे मदद करता है।

Encryption के प्रकार (Types of Encryption In Hindi)

Encryption मुख्यता दो प्रकार के होते है: Symmetric Encryption और Asymmetric Encryption

1) Symmetric Encryption

Symmetric Encryption मे डाटा को encrypt और decrypt करने के लिए सिर्फ एक key का इस्तेमाल होता है. इसमें जब डाटा का अदान प्रदान होता है, तो इसके साथ उसे एक key भी शेयर पड़ता है जिससे receiver प्राप्त डाटा को key के जरिए decrypt करके समझ सके। 

Symmetric encryption मे सबसे बड़ा ख़तरा key sharing के दौरान रहता है क्योंकि अगर यह key कोई और प्राप्त कर लेता है तो वह आसानी से आपके डाटा को decrypt करके पढ़ सकता है. इस encryption में 3DES और AES algorithm का इस्तेमाल होता है। 

2) Asymmetric Encryption

Asymmetric को public key encryption भी कहा जाता है। Asymmetric Encryption में दो keys का इस्तेमाल होता है: Public Key और Private Key

इसमें public key डाटा को encrypt करने में जबकि प्राइवेट key उस डाटा को decrypt करने मे उपयोग होता है. इसमें दोनों keys एक algorithm पर ही कार्य करते है. public key सभी के लिए उपलब्ध होता है जबकि प्राइवेट key को गुप्त रखा जाता है।  

जब कोई sender डाटा भेजता है तो वह पब्लिक key का इस्तेमाल करता है डाटा को encrypt करने के लिए और जब receiver को encrypted डाटा मिलता है तो वह इस data को decrypt करने के लिए Private key का इस्तेमाल करता है। 

HTTPS, FTPS, इत्यादि प्रोटोकॉल मे यूजर की जानकारी secure रखने के लिए Asymmetric cryptography का इस्तेमाल होता है।

Encryption का इतिहास (History of Encryption In Hindi)

ये “Encryption” शब्द ग्रीक का एक शब्द “Cryptos” से लिया गया है, जिसका मतलब गुप्ता रखना होता है।

इसका उपयोग बहुत पहले से होता आ रहा है लेकिन सन् 1970 मे इस शब्द का प्रचलन बढ़ता गया, पहले लोग चित्रालिपी के जरिए encryption का इस्तेमाल करते थे. इसके बाद B. Whitefield और Martin Helman दोनों ने मिलकर 1977 में Cryptography paper विकसित किया और encryption और decryption की जानकारी लोगो को बताया।

Encryption को पहले जमाने में सिर्फ सरकारी संस्थाओं और सेना द्वारा इस्तेमाल होता है लेकिन टेक्नोलॉजी के इस दौर में encryption काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है।

Encryption का उपयोग कहां होता है? (Use of Encryption In Hindi)

इंटरनेट उपयोगकर्ता की संख्या लगातार बढ़ रही है जिसके साथ डाटा को secure रखना अनिवार्य हो गया है. डाटा कि सुरक्षा करने के लिए encryption का उपयोग किया जाता है। 

Encryption का उपयोग निम्न जगहों में होता है -:

वेबसाइट -: आपने कई वेबसाइट के URL में https देखा होगा, जिसका मतलब उस वेबसाइट में डाटा का ट्रांसफर encrypted और सिक्योर है।

सोशल मीडिया एप्प्स – : Encryption सिर्फ वेबसाइट में ही नहीं बल्कि कई सोशल मीडिया एप्प्स जिसमें व्हाट्सप्प और फेसबुक आदि शामिल है में Encryption का उपयोग किया जाता है. ये सभी प्लेटफॉर्म अपने यूजर के मैसेज और डाटा की सुरक्षा के लिए encryption इस्तेमाल करते है।

ATM -: बैंको और ATM से पैसे निकालते या जमा करते वक़्त हमारा डाटा एक से दूसरे स्थान में ट्रांसफर होता है. इसे secure बनाने के लिए ताकि कोई डाटा की चोरी न कर सके, encryption का उपयोग होता है।

Encryption के फायदे (Advantage of Encryption In Hindi)

  • डाटा की जानकारी सुरक्षित रूप से एक से दूसरे स्थान पर ट्रांसफर encryption के जरिए होता है।
  • इसमें डाटा की privacy मे ख़तरा काफी हद तक कम हो जाता है।
  • Encryption मे आपके मेसेज को सिर्फ वही पढ़ सकता है जिसे आप भेजते है इसके अलावा कोई और नहीं।
  • लोगो को अपने डाटा चोरी होने का ख़तरा नहीं होता है क्योंकि सभी डाटा encrypted रूप में होते है।
  • अगर कोई आपका डाटा हासिल कर लेता है तो बिना key के वह समझ नहीं सकता है कि उसमें क्या लिखा गया है।

Encryption से जुड़ी कुछ जरूरी शब्दों की जानकारी 

1) Algorithm -: Algorithm एक तरह का कंप्यूटर प्रोग्राम है जो की डाटा encrypt करने के लिए नियम, निर्देश और Mathematical calculation निर्धारित करता है. Encryption मे कई algorithm उपयोग होते है, जिसमें DES, RSA और AES काफी प्रसिद्ध है।

2) Plaintext -: वह डाटा जिसे आसानी से पढ़ा जा सके, उसे plain text कहते है।

3) Ciphertext -: Encryption प्रक्रिया में जब plain text को कोड में बदला जाता है तो यह कोड cipher text कहलाता है। 

4) Key -: यह डाटा को encrypt और decrypt करने की एक प्रकार की चाभी है।

Encryption का क्या महत्व है? (Importance of Encryption In Hindi)

ऑनलाइन माध्यमों के जरिये डाटा शेयरिंग को सुरक्षित बनाने में encryption बहुत महत्वपूर्ण है. इससे हमारी जानकारी सुरक्षित और हैकर की नज़रो से दूर रहती है।

1) Data Security

आजकल कई ऑनलाइन फ्रॉड और स्कैम होते है. जो एक चिंता का विषय है। इसे दूर करने और डाटा को और अधिक सिक्योर करने के लिए encryption उपयोग किया जाता है। यदि कोई आपका encrypted डाटा हासिल कर लेता है, तो बिना decryption key के वह डाटा को न ही access कर सकेगा और न ही पढ़ पाएगा।

2) Data Privacy

Encryption के ज़रिए data की privacy मजबूत होती है क्योंकि इसमें encrypted डाटा सिर्फ वही पढ़ सकता है जिसके पास key होता है।

Decryption क्या है? (What is Decryption In Hindi)

Decryption वह प्रक्रिया है, जो encrypted डाटा को plain text में बदल देता है. इस text को आसानी से समझा और पढ़ा भी जा सकता है. इस प्रक्रिया मे यूजर के पास encryption key होना अनिवार्य है जिससे डाटा decrypt कर सके।

End to End Encryption का क्या मतलब है? (End to End Encryption In Hindi)

इस encryption का उपयोग अधिकतर WhatsApp में होता है. इसमें sender और receiver इन दोनों के अलावा कोई अन्य तीसरा व्यक्ति आपके मैसेज को नहीं पढ़ सकता। WhatsApp में मैसेज, ऑडियो, वीडियो, फोटो, इत्यादि सभी में encryption के जरिए डाटा सुरक्षित रहता है।

उदाहरण के लिए – जब आप अपने किसी दोस्त को WhatsApp मे मैसेज करते है तो यह मैसेज encrypted होता है जो सिर्फ आपका दोस्त ही पढ़ सकता है।

निष्कर्ष

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमनें Encryption के बारे में बात की और जाना कि एन्क्रिप्शन क्या है? (What is Encryption In Hindi) एन्क्रिप्शन कितने प्रकार का होता है? (Types of Encryption In Hindi) और एन्क्रिप्शन कैसे कार्य करता है?

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अगर आपको अभी भी एन्क्रिप्शन (Encryption Meaning In Hindiसे संबंधित कोई भी प्रश्न या Doubt है तो आप कमेंट्स के जरिए हमसे पुछ सकते है। मैं आपके सभी सवालों का जवाब दूँगा और ज्यादा जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते है |

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