माइक्रो कंप्यूटर क्या है? – What is Micro Computer In Hindi

हेलो फ्रेंड्स, आज के इस आर्टिकल में हम Micro Computer के बारे में बात करने वाले है।

आज हम विस्तार से जानेंगे कि माइक्रो कंप्यूटर क्या है? (What is Micro Computer In Hindi) माइक्रो कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है? (Types of Microcomputer In Hindi) और इनका क्या उपयोग है?

तो आइये अब बिना समय गवाए जानते है कि Micro Computer Kya Hai?

Micro Computer

माइक्रो कंप्यूटर क्या है? (What is Micro Computer In Hindi)

Definition of Micro Computer – माइक्रो कंप्यूटर, एक छोटे आकार के कंप्यूटर होते है जिनमे माइक्रोप्रोसेसर, सीपीयू के रूप में लगा होता है। 

माइक्रोप्रोसेसर एक multipurpose, programmable लॉजिक डिवाइस है जो स्टोरेज डिवाइस (मेमोरी) से बाइनरी instructions को पढ़ता है और उन instructions के अनुसार डेटा को प्रोसेस करता है और फिर रिजल्ट को आउटपुट के रूप में प्रदान करता है।

Micro Computer को एक सिंगल व्यक्ति बड़ी आसानी से चला सकता है । इसे इसलिए डिज़ाइन किया गया था ताकि इसे कोई भी individual आसानी से चला सके। इसे एक समय में एक व्यक्ति द्वारा उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है। 

आमतौर पर, आज के दौर में माइक्रो कंप्यूटर शब्द का प्रयोग उतना नहीं किया जाता जितना कि 1970-1980 के दशक के दौरान किया जाता था। अब हम माइक्रो कंप्यूटर को कंप्यूटर या पर्सनल कंप्यूटर (PC) के रूप में जानते है। माइक्रो कंप्यूटर को अब डेस्कटॉप या personal computer कहा जाता है। 

कंप्यूटर टर्मिनल कॉर्पोरेशन (CTC) द्वारा बनाये गए Datapoint 220 को पहला माइक्रो कंप्यूटर के रूप में जाना जाता है। 

Micro Computer में keyboards, monitors, printers का उपयोग इनपुट/आउटपुट डिवाइस के रूप में किया जाता है। 

माइक्रो कंप्यूटर में CPU (कंप्यूटर का दिमाग) , Random Access Memory (RAM), Read Only Memory (ROM), इनपुट/आउटपुट (I/O) पोर्ट, इंटरकनेक्टिंग वायर सभी एक सिंगल यूनिट में रखे जाते हैं जिसे मदरबोर्ड कहा जाता है। 

Micro Computer, मेनफ्रेम और मिनी कंप्यूटर की तुलना में काफी छोटे होते हैं। 

तकनीकी रूप में Micro Computer का अर्थ Micro Controller होता है। इसका उपयोग घरेलू उपकरणों जैसे माइक्रोवेव, टीवी, रेफ्रिजरेटर, और बहुत से चीजों में किया जाता है। 

Micro Computer का मुख्य उद्देश्य कार्यों को प्रोसेस करना और लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना है।

सुपर और मेनफ्रेम कंप्यूटर की तुलना में माइक्रो कंप्यूटर का आकार, डिजाइन और स्टोरेज क्षमता सीमित होती है।

Micro Computer में कई भाग होते हैं जैसे इनपुट डिवाइस, आउटपुट डिवाइस, सॉफ्टवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम, और नेटवर्क आदि।

आज हम अपने आस-पास के कई माइक्रो कंप्यूटर को एक कॉमन डिवाइस की तरह इस्तेमाल करते हैं। एक माइक्रो कंप्यूटर की विशेषताएं एक पर्सनल कंप्यूटर, लैपटॉप या पूरी तरह से उन्नत टैबलेट के समान होता हैं।

आज के दिन ज्यादा से ज्यादा कंप्यूटर जो हम जनरल परपस के लिए यूज करते है वो सब एक Micro-computer है | Micro-computer के उदाहरण – IBM PCs, Apple Mac,IBM PS/2 आदि है ये बहुत ही लोकप्रिय कंप्यूटर है जिसे घर में बड़ी ही आसानी से हायर लेवल के एप्लीकेशन को यूज करने के लिए उपयोग करते है | 

माइक्रो कंप्यूटर का इतिहास (History of Micro Computer)

“Micro Computer” यह जो शब्द है वो 1970 के दशक का है। 1971 में Intel 4004 माइक्रोप्रोसेसर के आगमन और बाद में क्रमशः 1972 और 1974 में Intel 8008 और Intel 8080 माइक्रोप्रोसेसर ने माइक्रो कंप्यूटर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।

पहला माइक्रोकंप्यूटर माइक्रल था, जो की Intel 8008  माइक्रोप्रोसेसर पर आधारित था। यह Intel 8008 माइक्रोप्रोसेसर पर आधारित पर पहला non-kit कंप्यूटर था,  जिसे 1973 में R2E (Réalisation d’Études Électroniques) द्वारा जारी किया गया था।

Micro Computer Machines Inc. (जिसे बाद में MCM कंप्यूटर के रूप में जाना गया) द्वारा 1974 में, Intel 8008-आधारित MCM/70 माइक्रो कंप्यूटर को जारी किया गया था। हालांकि माइक्रोल और MCM/70 के बाद जारी किया गया, अल्टेयर 8800 को अक्सर पहला सफल व्यावसायिक माइक्रो कंप्यूटर माना जाता है। 

अल्टेयर, Intel 8080 माइक्रोप्रोसेसर पर आधारित था और इसे 1974 में माइक्रो इंस्ट्रुमेंटेशन टेलीमेट्री सिस्टम्स (MITS) द्वारा डिज़ाइन किया गया था। 

जैसे-जैसे माइक्रोप्रोसेसर चिप का डिज़ाइन परिपक़्व होता गया, वैसे-वैसे माइक्रो कंप्यूटर की प्रोसेसिंग क्षमता भी बढ़ती गई। 

1980 के दशक तक, माइक्रो कंप्यूटर का उपयोग गेम और कंप्यूटर-आधारित मनोरंजन के आलावा और दूसरे चीजो के लिए किया जाने लगा। 

1990 के दशक तक, माइक्रो कंप्यूटर को पॉकेट-साइज़ पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट (PDA) के रूप में तैयार किया गया , और बाद में सेलफोन और पोर्टेबल म्यूजिक प्लेयर के रूप में आया।

मिनी कंप्यूटरों की तरह, शुरुआती माइक्रो कंप्यूटरों में भंडारण और डेटा-हैंडलिंग क्षमताएं अपेक्षाकृत सीमित थीं, लेकिन समय के साथ हुए विकास के परिणाम स्वरूप भण्डारण क्षमता व डेटा हैंडलिंग क्षमता में बढ़ोतरी हुए। 

माइक्रो कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है? (Types of Microcomputer In Hindi)

माइक्रो कंप्यूटर निम्नलिखित प्रकार के होते है -:

  1. Desktop 
  2. Laptop
  3. Notebook 
  4. Smartpone
  5. Tablet 
  6. Workstation 
  7. PDA
  8. Server 
  9. Mini tower microcomputer
  10. Full tower microcomputer

Components of Microcomputer

मार्केट में विभिन्न प्रकार के माइक्रो कंप्यूटर उपलब्ध है मगर हर माइक्रो कंप्यूटर में ये कुछ बेसिक कम्पोनेंट होते ही है -:

  1. माइक्रोप्रोसेसर (Microprocessor or CPU)
  2. मेमोरी यूनिट (Memory Unit)
  3. इनपुट यूनिट (Input Unit)
  4. आउटपुट यूनिट (Output Unit)

1) माइक्रोप्रोसेसर या सीपीयू (Microprocessor or CPU)

माइक्रो प्रोसेसर, प्रोसेसर या सीपीयू, कंप्यूटर का मुख्य भाग होता है। इसे कंप्यूटर का मस्तिष्क भी कहा जाता है  क्योकि कंप्यूटर में होने वाले सभी कैलकुलेशन को इसी प्रोसेसर द्वारा प्रोसेस किया जाता है। यह कंप्यूटर में होने वाले प्रोसेसेस को कण्ट्रोल करता है 

प्रोसेसर के अंदर अरिथमेटिक लॉजिकल यूनिट होता है जो जोड़, घटाव, गुणा, भाग के साथ साथ और भी दूसरे ऑपरेशन्स को अंजाम देता है।  ALU इन सब ऑपरेशन्स को करने के लिए registers, multiplexer, adder, half adder or flags का इस्तेमाल करता है । 

इसके अंदर एक कण्ट्रोल यूनिट भी होता हो जो CPU में होने वाले प्रोसेसर को कण्ट्रोल करता है यह डिवाइस से इंस्ट्रक्शन को लेता है और फिर उसे डिकोड करके ALU को वो इंस्ट्रक्शन परफॉर्म करने के लिए देता है।  यह buses, registers, mux and circuits को कण्ट्रोल करता है।  

2) मेमोरी यूनिट (Memory Unit)

मेमोरी यूनिट कई मेमोरी प्रबंधन तकनीकों जैसे FIFO, LIFO, OPR, LRU आदि का उपयोग करके मेमोरी में डेटा के inflow और outflow को कण्ट्रोल करता है।

माइक्रो कंप्यूटर में हमारे पास दो प्रकार की मेमोरी होती है 1) वोलेटाइल मेमोरी और 2) नॉन वोलेटाइल मेमोरी।

वोलेटाइल मेमोरी: ऐसी मेमोरी जो करेंट सप्लाई होने तक या सिस्टम का स्विच ऑन होने तक थोड़े समय के लिए डेटा स्टोर करती है वोलेटाइल मेमोरी कहलाती है। जैसे ही सिस्टम ऑफ होता है इनमे स्टोर डेटा भी नस्ट हो जाता है। RAM (Random Access Memory) वोलेटाइल मेमोरी का एक अच्छा उदाहरण है। 

नॉन वोलेटाइल मेमोरी: ऐसी मेमोरी जो डेटा को स्थायी रूप से संग्रहीत करती है, नॉन वोलेटाइल मेमोरी कहलाती है। इनमे स्टोर डेटा सिस्टम ऑफ होने के बाद भी मेमोरी में स्टोर रहता है। ROM (Read Only Memory) नॉन वोलेटाइल मेमोरी का एक अच्छा उदाहरण है। 

3) इनपुट यूनिट (Input Unit)

इसके अंदर ऐसे डिवाइस आते है जिनकी मदद से हम कंप्यूटर में कोई डेटा दर्ज कर पाते है। जब भी हमे कोई डेटा कंप्यूटर में एंटर करना होता है तब हम इनपुट डिवाइस का उपयोग करते है।  कीबोर्ड और माउस इनपुट डिवाइस का एक अच्छा उदाहरण है। 

4) आउटपुट यूनिट (Output Unit)

इसके अंदर ऐसे डिवाइस आते है जिनकी मदद से हम कंप्यूटर से डेटा प्राप्त कर पाते है। मॉनिटर, वीडियो डिस्प्ले, प्रिंटर और स्पीकर आउटपुट डिवाइस का एक अच्छा उदाहरण हैं।

माइक्रो कंप्यूटर के लाभ (Advantages of Microcomputer In Hindi)

माइक्रो कंप्यूटर के लाभ निम्नलिखित है -:

1. लागत (Cost)

कीमत के मामले में माइक्रो कंप्यूटर काफी सस्ते होते हैं। सामान्य उपयोग के लिए डिज़ाइन किए गए माइक्रो कंप्यूटर इस हद तक सस्ते होते हैं कि इन्हे हर कोई वहन कर सकता है। हालांकि, माइक्रो कंप्यूटर के सभी मॉडल सस्ते नहीं होते हैं इनके कुछ मॉडल ऐसे होते है जो कुछ उच्च विशिष्टताओं के साथ आते हैं जिन्हें खरीदने के लिए users को कई हजार रूपये खर्च करने पड़ते हैं।

2. रखरखाव (Maintenance)

माइक्रो कंप्यूटर का रखरखाव काफी आसान है। हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों को संभालना और संचालित करना आसान है।। यदि कोई हार्डवेयर खराब हो जाता है, तो उपयोगकर्ता उन्हें नए हार्डवेयर कॉम्पोनेन्ट से बड़ी आसानी से बदल सकता है। 

3. सूचना (Information)

एक माइक्रो कंप्यूटर जो इंटरनेट से जुड़ा होता है, विभिन्न विषयों की विस्तृत जानकारी प्रदान करता है। छात्र माइक्रो कंप्यूटर का उपयोग करके अपने ज्ञान का विस्तार कर रहे हैं। चाहे वह शोध कार्य के लिए हो या फिर सामान्य ज्ञान के लिए, सभी जानकारी इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध है।

4. कनेक्टिविटी (Connectivity)

माइक्रो कंप्यूटर इंटरनेट की मदद से उपयोगकर्ताओं को दुनिया भर के अन्य लोगों के साथ जुड़ने की अनुमति प्रदान करता है। इसके लिए वीडियो/वॉयस कॉल, चैटिंग एप्लिकेशन और ईमेल आदि विभिन्न विकल्प उपलब्ध हैं।

5. आकार (Size)

माइक्रो कंप्यूटर अन्य कंप्यूटर जैसे मेनफ्रेम और सुपर कंप्यूटर की तुलना में छोटे आकार के होते हैं।

6. पोर्टेबिलिटी (Portability)

माइक्रो कंप्यूटर अपने छोटे आकार के कारण काफी पोर्टेबल होते हैं। एक माइक्रो कंप्यूटर को आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सकता है।

7. लचीलापन (Flexibility)

Micro computer मल्टीटास्किंग सुविधा प्रदान करता है।  उदाहरण के लिए इंटरनेट पर सर्फिंग, टिकट आरक्षण, मूवी देखना और गेम बनाना आदि। 

माइक्रो कंप्यूटर के नुकसान (Disadvantages of Microcomputer In Hindi)

माइक्रो कंप्यूटर के नुकसान निम्नलिखित है -:

1. Performance

माइक्रो कंप्यूटर की परफॉरमेंस सुपर कंप्यूटर और मेनफ्रेम कंप्यूटर की तुलना में कम होता है क्योकि अधिकांश माइक्रो कंप्यूटर कम पावर वाले प्रोसेसर से लैस होते हैं। उदाहरण के लिए, आप इनमे हाई एंड गेम नहीं खेल सकते हैं या फिर ऐसे एप्लिकेशन नहीं चला सकते हैं जिनमे हाई कम्प्यूटेशन पावर की आवश्यकता हो। 

2. Security

माइक्रो कम्प्यूटर की सिक्योरिटी थोड़ी कम होती है। यह मजबूत सुरक्षा प्रदान नहीं करता है। कोई भी हैकर या घुसपैठिया आपके कंप्यूटर तक आसानी से पहुंच सकता है और जानकारी चुरा सकता है। या फिर एक वायरस इंटरनेट के जरिये आपके कंप्यूटर में पहुंच कर आपके महत्वपूर्ण फाइलों को नुकसान पहुंचा सकता है।

3. Storage Capacity

माइक्रो कम्प्यूटर की स्टोरेज क्षमता डिफ़ॉल्ट रूप से कम होती हैं। इसलिए यूजर को अपने कंप्यूटर की स्टोरेज क्षमता का विस्तार करने की आवश्यकता होती है।  यूजर बहरी स्टोरेज डिवाइस की मदद से अपने कंप्यूटर की स्टोरेज क्षमता बढ़ा सकता है। 

4. Addiction

माइक्रो कंप्यूटर में मौजूद मनोरंजन के विकल्प ( जैसे कंप्यूटर गेम, इंटरनेट ब्राउजिंग और सोशल नेटवर्किंग साइट्स आदि) इसे और अधिक व्यसनी बना देते हैं। घर में माइक्रो कंप्यूटर होने से लत और भी खराब हो सकती है। विशेष रूप से, छात्र अपने academics पर ध्यान केंद्रित करने में विफल रहने पर अपनी पढ़ाई से विचलित हो सकते हैं।

5. Health concerns

माइक्रो कंप्यूटर का लंबे समय तक उपयोग विभिन्न शारीरिक समस्याओं जैसे पीठ दर्द, गर्दन में दर्द, कंधे में दर्द और सिरदर्द दे सकता है। और चूँकि हमेशा कुर्सी पर बैठने से शारीरिक गतिविधियों की उपेक्षा की जाती है, इसलिए अक्सर यह मोटापे का कारण भी बन सकता है। इसके अलावा, अधिकांश उपयोगकर्ता हर समय कंप्यूटर स्क्रीन पर घूरने से आंखों में खिंचाव से पीड़ित होते हैं।


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Conclusion

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमनें Micro Computer के बारे में बात की और जाना कि माइक्रो कंप्यूटर क्या है? (What is Micro Computer In Hindi) माइक्रो कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है? (Types of Micro Computer In Hindi) और माइक्रो कंप्यूटर उपयोग करने के क्या फायदे और क्या नुकसान है? (Advantages and Disadvantages of Micro Computer)

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अगर आपको अभी भी Micro Computer in Hindi से संबंधित कोई भी प्रश्न या Doubt है तो आप कमेंट्स के जरिए हमसे पुछ सकते है। मैं आपके सभी सवालों का जवाब दूँगा और ज्यादा जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते है |

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Jeetu Sahu is A Web Developer | Computer Engineer | Passionate about Coding, Competitive Programming and Blogging

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