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Mainframe Computer क्या है? – Mainframe Computer In Hindi

आज की दुनिया में कंप्यूटर के उपयोग के अनुसार, हम कंप्यूटर को सुपर कंप्यूटर, मेनफ्रेम कंप्यूटर, मिनी कंप्यूटर और माइक्रो कंप्यूटर श्रेणियों में बाँट सकते हैं।

सुपर कंप्यूटर, मिनी कंप्यूटर और माइक्रो कंप्यूटर के बारे में हमने अपने पिछले आर्टिकल में बात कर ली है, और आज हम Mainframe Computer के बारे में बात करने वाले है। 

आज हम विस्तार से जानेंगे कि मेनफ्रेम कंप्यूटर क्या है?(What is Mainframe Computer In Hindi) इनका क्या उपयोग है और इनके क्या फायदे व क्या नुकसान है? (Advantages and Disadvantages of Mainframe Computer In Hindi)

तो आइये अब बिना समय गवाए जानते है कि Mainframe Computer Kya Hai

मेनफ्रेम कंप्यूटर क्या है? (What is Mainframe Computer In Hindi)
Contents
  1. मेनफ्रेम कंप्यूटर क्या है? (What is Mainframe Computer In Hindi)
  2. मेनफ्रेम कंप्यूटर का इतिहास (History of Mainframe Computer In Hindi) 
  3. मेनफ्रेम कंप्यूटर का उपयोग कौन करता है?
  4. मेनफ्रेम कंप्यूटर का उपयोग क्यों किया जाता है?
  5. मेनफ्रेम कंप्यूटर सुपरकंप्यूटर से किस प्रकार भिन्न हैं?
  6. Components of Mainframe computer 
  7. विभिन्न प्रकार के मेनफ्रेम कंप्यूटर (Different Types of Mainframe computer)
  8. मेनफ्रेम कंप्यूटर की विशेषताएं (Features & Characteristics of Mainframe Computer In Hindi)
  9. मेनफ्रेम कंप्यूटर के उदाहरण (Examples of Mainframe Computer) 
  10. मेनफ्रेम कंप्यूटर के फायदे (Advantages of Mainframe Computer In Hindi)
  11. मेनफ्रेम कंप्यूटर के नुकसान (Disadvantages of Mainframe Computer In Hindi
  12. Conclusion

मेनफ्रेम कंप्यूटर क्या है? (What is Mainframe Computer In Hindi)

Definition -: मेनफ्रेम कंप्यूटर बड़े आकार के कंप्यूटर होते है। इनकी प्रोसेसिंग स्पीड और परफॉरमेंस बाकि नार्मल कंप्यूटर की तुलना में काफी ज्यादा होती है। बड़ी बड़ी कम्पनियाँ इसका उपयोग ऐसे कार्यो में करती है जिनमे काफी बड़ी मात्रा में स्टोरेज की आवश्कयता होती है।

मेनफ्रेम कंप्यूटर, एक ऐसा कंप्यूटर हैं, जो डेटा को तेजी से प्रोसेस करने के लिए बनाया गया है। transaction प्रोसेस के लिए मुख्य रूप से मेनफ्रेम कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है। 

मेनफ्रेम कंप्यूटर की प्रोसेसिंग पावर सर्वर और माइक्रो कंप्यूटर (जैसे- लैपटॉप, पीसी, आदि…) की तुलना में काफी अधिक होती है । 

इनका उपयोग मुख्य रूप से बैंकिंग सेक्टर, कॉर्पोरेट सेक्टर और सरकारी एजेंसियों में किए जाते हैं क्योंकि इनमे हमेशा एक secure system की आवश्यकता होती है ताकि लेनदेन सुरक्षित तरीके से किया जा सके, और डेटा को बाहरी दुनिया से सुरक्षित रखा जा सके। 

मेनफ्रेम कंप्यूटर, मिनी और माइक्रो कंप्यूटर से अधिक शक्तिशाली होता है। जटिल और लंबी गणनाओं को निष्पादित करने के लिए मेनफ्रेम कंप्यूटर, सुपर कंप्यूटर के बाद सबसे तेज कंप्यूटर माने जाते है। 

मेनफ्रेम कंप्यूटर, मल्टीयूज़र, मल्टीप्रोग्राममिंग और उच्च प्रदर्शन वाले कंप्यूटर हैं। जो आमतौर पर centralized database में उपयोग किए जाते हैं। 

मेनफ्रेम कंप्यूटर ऐसे बड़े और शक्तिशाली सिस्टम हैं जो बहुत तेज गति से कार्यो को प्रोसेस करने में सक्षम है।

मेनफ्रेम कंप्यूटर का उपयोग बैंकों या बड़ी कंपनियों में किया जाता है, जहां कई लोगों को एक ही डेटा को लगातार एक्सेस करने की आवश्यकता होती है। 

मेनफ्रेम कंप्यूटर, मेमोरी (रैम) और कई प्रोसेसर का एक संयोजन है। यह कई वर्कस्टेशनों और इससे जुड़े टर्मिनलों के लिए एक central processing unit के रूप में कार्य करता है। 

मेनफ्रेम कंप्यूटर का उपयोग बड़ी मात्रा में डेटा को प्रोसेस करने के लिए किया जाता है। यह हजारों यूजर्स को कंट्रोल कर सकता है। 

मेनफ्रेम कंप्यूटर e-business में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जहां real time में सैकड़ों से हजारों लोग एक सर्वर से जुड़ते हैं। 

मेनफ्रेम कंप्यूटर को स्पेशल तकनीशियनों द्वारा संचालित किया जाता है। सभी मेनफ्रेम मल्टी-टास्किंग, मल्टी-यूजर मशीन हैं, जिसका अर्थ है कि इसमें एक ही समय में एक से ज्यादा लोग अपनी अलग-अलग समस्याओं पर कार्य कर सकते है।

मेनफ्रेम कंप्यूटर, सूचना भंडार और प्रोसेसर के रूप में कार्य करते हैं। कई सारे छोटे कंप्यूटर मेनफ्रेम से जुड़े होते है। ये छोटे कंप्यूटर एक ही कमरे में नहीं होते बल्कि वे दुनिया भर में फोन लाइनों के माध्यम से जुड़े हो सकते हैं। 

कंपनी में काम करने वाले लोग मेनफ़्रेम के साथ डायरेक्ट इंटरैक्ट नहीं कर सकते, वे एक terminal का उपयोग करके मेनफ़्रेम कंप्यूटर के साथ इंटरेक्शन करते हैं।

मेनफ्रेम कंप्यूटर को यूजर एक टर्मिनल के माध्यम से एक्सेस करता है, जो एक डंब टर्मिनल, एक इंटेलिजेंट टर्मिनल या एक पीसी हो सकता है। 

डंब और इंटेलिजेंट टर्मिनल, मेनफ्रेम कंप्यूटर की प्रोसेसिंग पावर और स्टोरेज सुविधा का उपयोग करते हैं। 

मेनफ्रेम कंप्यूटर का इतिहास (History of Mainframe Computer In Hindi) 

मेनफ्रेम कंप्यूटर, 1950 के दशक की शुरुआत में बनाया गया था। शुरुआत में, वैक्यूम ट्यूब के कारण मेनफ्रेम कंप्यूटर का आकार बहुत बड़ा था लेकिन ट्रांजिस्टर के आविष्कार के बाद मेन फ्रेम कंप्यूटर का आकार कम हो गया।

मेनफ्रेम कंप्यूटर UNIVAC I (UNIVersal Automatic Computer I) को 1951 में पहली बार संयुक्त राज्य अमेरिका में जे. प्रेस्पर एकर्ट और जॉन मौचली द्वारा विकसित किया गया था।

आईबीएम ने विभिन्न सीरियल नंबरों के साथ commercial, scientific और engineering उपयोग के लिए कई मेनफ्रेम कंप्यूटरों का निर्माण किया। आईबीएम ने वैक्यूम ट्यूब और ट्रांजिस्टर के उपयोग के साथ 700 और 7000 श्रृंखला मॉडल का निर्माण किया। 

सन 1964 में System/360 को commercial और scientific दोनों कार्यो के लिए निर्मित किया गया। S/360 माइक्रोकोड पेश करने वाला पहला कंप्यूटर था। माइक्रोकोड कंप्यूटर को बिना बदले सिस्टम को modifiable बनाती है।

सन 2000 में, IBM द्वारा Z-Series को पेश किया गया। Z-Series के कंप्यूटर, इंस्ट्रक्शन को प्रोसेस करने के लिहाज से काफी शक्तिशाली माने जाते थे।

Z ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग 64-बिट O/S के साथ विशेष रूप से IBM मेनफ्रेम कंप्यूटर में किया गया।

IBM, Hitachi, Amdahl, और Unisys मेनफ्रेम कंप्यूटर के leading global निर्माता हैं। एक मेनफ्रेम कंप्यूटर की कीमत आधा मिलियन या उससे अधिक तक हो सकती है।  मेनफ्रेम के कुछ उदाहरण हैं -: IBM ES000, Hitachi’s Z800, I Series System और CDC 6600 श्रृंखला आदि। 

मेनफ्रेम कंप्यूटर का उपयोग कौन करता है?

मेनफ्रेम कंप्यूटर हर सेकेंड millions of transactions करने के लिए सबसे अच्छा प्लेटफॉर्म है। इसलिए बड़े संगठन जैसे (Wallmart, Indial Railways, ICICI and HDFC banks, Vodafone, Coca Cola, RBI, FORD, NASDAQ, Tata, Travelport, आदि) में मेनफ्रेम कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है, क्योंकि उन्हें हर सेकेंड बड़े पैमाने पर डेटा को प्रोसेस करने की आवश्यकता होती है।

मेनफ्रेम कंप्यूटर का उपयोग क्यों किया जाता है?

मेनफ्रेम कंप्यूटर का उपयोग Reliability, Redundancy, और availability जैसे लक्ष्यों को फुलफिल करने के लिए किया जाता है। 

मेनफ़्रेम कंप्यूटर ऐसे कंप्यूटर है जो  ‘0’ डाउनटाइम सुनिश्चित करता है। प्रत्येक मेनफ्रेम सिस्टम में 160 तक I/O कार्ड हो सकते हैं। और साथ ही उन्हें तेजी से डेटा स्टोरेज और ट्रांसफर के लिए कुछ मात्रा में ROM (सॉलिड स्टेट ड्राइव्स) मिले होते हैं।

मेनफ्रेम में इतने सारे I/O कार्ड इसलिए हैं ताकि यदि एक कार्ड विफल हो जाता है, तो अन्य कार्ड उस कार्ड के कार्य-भार को तब तक संभाल सके जब तक कि कार्ड को बदल नहीं दिया जाता। इससे  ‘0’ डाउनटाइम सुनिश्चित हो जाता है। 

इसी तरह, यदि प्रोसेसर मॉड्यूल में कुछ समस्या है, तो कार्यभार को अन्य प्रोसेसर में स्थानांतरित कर दिया जाता है। इस तरह से मेनफ्रेम कंप्यूटर हाइली रिलाएबल कंप्यूटर है।

मेनफ्रेम कंप्यूटर सुपरकंप्यूटर से किस प्रकार भिन्न हैं?

Mainframes compute का उपयोग तेजी से प्रोसेसिंग या ‘throughput’ के लिए किया जाता है, जबकि सुपरकंप्यूटर का उपयोग नंबर क्रंचिंग के लिए किया जाता है, जहां वे मौसम की भविष्यवाणी करने, जटिल गणितीय मॉडल को हल करने, और मुख्य रूप से research में उपयोग किए जाते हैं।

Components of Mainframe computer 

मेनफ़्रेम कंप्यूटर के कुछ मुख्य कॉम्पोनेन्ट निम्नलिखित है जो मेनफ़्रेम कंप्यूटर को तेजी से डेटा प्रोसेस करने और बड़ी मात्रा में डेटा को स्टोर करेने की क्षमता प्रदान करते है। 

1) Processing Unit or CPU

CPU, चैनलों के लिए प्रोसेसर, मेमोरी, कंट्रोल सर्किट और इंटरफेस contain करते हैं।  चैनल, I/O डिवाइस और मेमोरी के बीच एक स्वतंत्र पथ है। इस पथ का उपयोग डेटा को स्थानांतरित करने और कंप्यूटर कॉम्पोनेन्ट को कण्ट्रोल करने के लिए किया जाता है।

2) Controller Unit or Controllers

चैनल (जो I/O डिवाइस और मेमोरी के बीच एक स्वतंत्र पथ है) का उपयोग विभिन्न  उपकरणों को Control unit से जोड़ने के लिए किया जाता है। इसे bus के रूप में भी जाना जाता है। मेनफ्रेम कंप्यूटर में विभिन्न उपकरणों जैसे टेप, डिस्क आदि के लिए कई buses होती हैं, और आगे यह स्टोरेज यूनिट से जुड़ी होती है।

3) Storage Unit

डेटा स्टोर करने, डेटा को पुनर्प्राप्त करने, और डेटा एक्सेस करने जैसे कई कार्यो के लिए Storing unit का उपयोग किया जाता है। स्टोरेज यूनिट में कई डिवाइसेस जैसे हार्ड ड्राइव, सॉलिड स्टेट ड्राइव (SSD) , टेप ड्राइव आदि होते हैं जो सीपीयू द्वारा नियंत्रित होते हैं। इन उपकरणों की capacity पीसी से दस लाख गुना अधिक तेज होती है।

4) Cluster Controller

क्लस्टर कंट्रोलर एक ऐसा डिवाइस है जो चैनल टर्मिनल को होस्ट सिस्टम से जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

क्लस्टर कंट्रोलर दो प्रकार के होते हैं 

Channel-attached cluster controllers और link-attached cluster controllers।

क्लस्टर कंट्रोलर प्रबंधन और निगरानी जैसी उन्नत सुविधाएँ प्रदान करते हैं।

5) Input/output Channels 

I/O कनेक्टिविटी के दौरान, हम IOCDS, ESCON, FICON, CHIPD का इस्तेमाल करते है जिनका अपना उद्देश्य और डेफिनिशन है 

ICODS – ICODS का अर्थ है -: I/O Control Data Set, यह I/O layer में एक control file है जो physical I/O address को device address में translate करने के लिए है। 

ESCON – ESCON  का अर्थ है -: Enterprise Systems Connection

FICON – FICON  का अर्थ है -: Fiber Connector

6) Multiprocessors

मल्टीप्रोसेसर, प्रोसेसर की संख्या को इंगित करता हैं।  इसमें बड़े पैमाने पर डेटा को प्रोसेस करने के लिए कई सारे प्रोसेसर होते हैं। 

मेनफ्रेम में दो तरह के प्रोसेसर होते हैं, पहला है मेन प्रोसेसर और दूसरा है सिस्टम असिस्टेंस प्रोसेसर या SAP। SAP प्रोसेसर किसी भी डेटा को प्रोसेस नहीं करते,  लेकिन डेटा को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जितनी जल्दी हो सके ले जाते हैं।

प्रत्येक प्रोसेसर में 7 से 10 कोर तक हो सकते हैं जिन्हें विशेष रूप से ‘उच्च थ्रूपुट’ के लिए डिज़ाइन किया गया है।

विभिन्न प्रकार के मेनफ्रेम कंप्यूटर (Different Types of Mainframe computer)

मेनफ्रेम कंप्यूटर कई प्रकार के हैं जो उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग किए जाते हैं।

1. ENIAC 

ENIAC का पुरा नाम Electric Numerical Integrator and Calculator है। इस मेनफ्रेम कंप्यूटर का उपयोग परमाणु बम को विकसित करने में किया गया था। ENIAC सिस्टम का वजन लगभग 30 टन था और इसमें 18000 वैक्यूम ट्यूब का उपयोग हुवा था | इसका आकर 20*40  वर्ग फीट था | 

2. UNIAC

UNIAC का पुरा नाम Universal Automatic Computer है। UNIAC मेनफ्रेम कंप्यूटर ENIAC मेनफ्रेम कंप्यूटर सिस्टम का successor था क्योंकि इस मेनफ्रेम कंप्यूटर में प्रोसेसिंग स्पीड में सुधार हुआ था और ENIAC मेनफ्रेम सिस्टम की तुलना में सिस्टम का आकार भी छोटा था। 

UNIAC सिस्टम का उपयोग इसकी सटीकता के कारण किया गया था UNIAC सिस्टम द्वारा दिए गए परिणाम बहुत सटीक थे।

3. ASCC 

ASCC का पूरा नाम Automatic Sequence Control Computer है। इस मेनफ्रेम कंप्यूटर को वर्ष 1944 में विकसित किया गया था। ASCC कंप्यूटर के विकास का प्रमुख उद्देश्य addition और multiplication जैसे समस्या को सेकंडों में हल करना था।

इन सब मेनफ़्रेम कंप्यूटर के आलावा मार्किट में और भी कई सारे मेनफ़्रेम कंप्यूटर मौजूद है। तो आइये जानते है उन मेनफ़्रेम कंप्यूटर के बारे में। 

मेनफ्रेम कंप्यूटर की विशेषताएं (Features & Characteristics of Mainframe Computer In Hindi)

मेनफ्रेम कंप्यूटर एक ऐसा कंप्यूटर है जो आम तौर पर अपने बड़े आकार, उच्च भंडारण क्षमता, और उच्च प्रोसेसिंग स्पीड के लिए जाना जाता है। 

ये आमतौर पर बड़े संगठनों द्वारा mission-critical applications (जिनमे बड़ी मात्रा में स्टोरेज और प्रोसेसिंग स्पीड की आवश्यकता होती है)  के लिए उपयोग किए जाते हैं। 

सभी मेनफ्रेम में ये कुछ विशेषताएं सामान्यतः होती हैं  :  

  • लगभग सभी मेनफ्रेम कंप्यूटर में कई ऑपरेटिंग सिस्टम चलाने (या होस्ट) करने की क्षमता होती है। 
  • मेनफ्रेम कंप्यूटर बिना किसी व्यवधान के स्वैप सिस्टम क्षमता को जोड़ या गर्म कर सकते हैं। 
  • मेनफ्रेम कंप्यूटर को बहुत अधिक मात्रा में इनपुट और आउटपुट (I/O) को संभालने और थ्रूपुट कंप्यूटिंग पर जोर देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। 
  • एक एकल मेनफ्रेम कंप्यूटर दर्जनों या सैकड़ों छोटे सर्वरों को भी बदल सकता है।

मेनफ्रेम कंप्यूटर के उदाहरण (Examples of Mainframe Computer) 

मेनफ्रेम कंप्यूटर के उदाहरण है :

  • IBM S/390
  • IBM S/709
  • ICL 39
  • System z9
  • System z10 servers
  • Hitachi’s Z800
  • I Series System
  • IBM z15
  • IBM z14
  • IBM System z13
  • IBM z Enterprise System
  • Etc….. 

पिछले 50 वर्षों से, आकार, प्रोसेसिंग स्पीड, डेटा ट्रांसफर स्पीड, और सुरक्षा जैसे सभी क्षेत्रों में मेनफ्रेम कंप्यूटर में क्रांतिकारी विकास हुवा है। मगर मेनफ्रेम कंप्यूटर के कुछ फायदे और कुछ नुकसान भी हैं जो की नीचे दिए गए है।

मेनफ्रेम कंप्यूटर के फायदे (Advantages of Mainframe Computer In Hindi)

मेनफ्रेम कंप्यूटर के फायदे निम्नलिखित है -:

1) अल्ट्रा कंप्यूटिंग पावर (Ultra Computing Power)

मेनफ्रेम कंप्यूटर, बड़ी मात्रा में डेटा को प्रोसेस करने में सक्षम है साथ ही यह अल्ट्रा कंप्यूटिंग स्पीड के साथ काम्प्लेक्स applications को भी चला सकते है।

मेनफ्रेम कंप्यूटर हजारों उपयोगकर्ताओं के साथ उनके निर्देशों को एक साथ execute करने में सक्षम है साथ ही यह एक ही समय में कई इनपुट को हैंडल कर सकते हैं।

2) स्केल-क्षमता (Scale-ability)

कंप्यूटर पर चल रहे प्रोसेस को बाधित किए बिना एक साथ विशाल डेटा को प्रोसेस करने की आवश्यकता होने पर, हम अतिरिक्त स्टोरेज, प्रोसेसर या मेमोरी जोड़ सकते हैं और इसकी क्षमता बढ़ा सकते हैं।

3) विश्वसनीयता (Reliability)

मेनफ्रेम कंप्यूटर आज के दौर में काफी विश्वसनीय कंप्यूटर हैं क्योंकि इस प्रकार के कंप्यूटर में बग और खतरों को आसानी से पहचाना जा सकता है और ये किसी भी एम्बेडेड संसाधनों का उपयोग किए बिना स्वयं को रिकवर कर सकते है। 

आज, आधुनिक मेनफ्रेम कंप्यूटर इतने विश्वसनीय हैं कि वे बिना किसी रखरखाव की आवश्यकता  के व त्रुटि के 40 से 50 वर्षों तक चलाया जा सकता है।

4) स्व-सेवाक्षमता (Self-Serviceability)

यदि मेनफ्रेम कंप्यूटर को प्रोसेसिंग के दौरान त्रुटियां मिलती हैं तो यह अपने प्रदर्शन को खराब किए बिना काफी कम अवधि में उन्हें ठीक करने में सक्षम है।

5) सुरक्षा (Protection)

अधिकतर, मेनफ्रेम कंप्यूटर का उपयोग बड़े बड़े आर्गेनाइजेशन द्वारा किया जाता है क्योंकि उन्हें अपने गोपनीय डेटा को सुरक्षित करने की आवश्यकता होती है।

मेनफ्रेम कंप्यूटर वायरस, वार्म, स्पाईवेयर, मैलवेयर के खिलाफ कड़ी सुरक्षा प्रदान करता है। फ़ाइल एन्क्रिप्शन, नेटवर्क एन्क्रिप्शन, डेटा सेट और क्लस्टरिंग एन्क्रिप्शन जैसी एन्क्रिप्शन सुरक्षा को मजबूत बनाती है।

6) लचीला अनुकूलन (Flexible Customization)

मेनफ्रेम कंप्यूटर एक ही समय में कई ऑपरेटिंग सिस्टम को सपोर्ट कर सकता है। मेनफ्रेम कंप्यूटर लाखों उपयोगकर्ताओं और एप्लीकेशन को एक साथ नियंत्रित कर सकता है।

मेनफ्रेम कंप्यूटर सभी प्रकार के सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के अनुकूल होते हैं। क्योंकि अलग-अलग यूजर अपने सिस्टम पर अलग-अलग हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के साथ सर्वर से कनेक्ट होते हैं। वे बिना किसी रुकावट के सर्वर-साइड से आसानी से communicate कर सकते हैं।

मेनफ्रेम कंप्यूटर अपने लंबे समय तक चलने वाले प्रदर्शन के कारण अधिक लोकप्रिय हैं। 

7) वर्चुअलाइजेशन सिस्टम (Virtualization System) 

मेनफ्रेम कंप्यूटर वर्चुअलाइजेशन के कांसेप्ट का उपयोग करते हैं। इसमें पूरे सिस्टम को छोटे logical segments में विभाजित किया जाता है ताकि मेमोरी लिमिटेशन समस्या को हल किया जा सके और मेनफ्रेम कंप्यूटर की कंप्यूटिंग स्पीड को बढ़ाया जा सके।

मेनफ्रेम कंप्यूटर के नुकसान (Disadvantages of Mainframe Computer In Hindi

मेनफ्रेम कंप्यूटर के कई फायदे होने के बावजूद इनमे अभी भी कुछ खामियां मौजूद हैं। जो की निम्नलिखित है -:

  • मेनफ्रेम सिस्टम बहुत महंगे होते हैं। 
  • मेनफ्रेम का आकार साधरण कंप्यूटर से काफी बड़ा होता है। 
  • इस प्रकार के कंप्यूटर का उपयोग घर में नहीं किया जा सकता। 
  • इसकी प्रोसेसिंग पावर अधिक होने के कारण, इनका उपयोग केवल बड़े कंपनियों, बैंकों और अन्य सरकारी एजेंसियों द्वारा किया जाता है।
  • मेनफ्रेम सिस्टम में कस्टम ऑपरेटिंग सिस्टम और हार्डवेयर का उपयोग क्लाइंट की आवश्यकता के अनुसार किया जाता है, और वे अधिक महंगे होते हैं।
  • मेनफ्रेम कंप्यूटर को अधिक स्थान और कम तापमान की आवश्यकता होती है।
  • यदि, बड़े पैमाने पर कार्य करते समय कोई त्रुटि या बग होती है, तो त्रुटियों को दूर करने के लिए अच्छी तरह से प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता होती है।
  • मेनफ्रेम कंप्यूटर संसाधनों की खपत अधिक करते है।
  • माइक्रो कंप्यूटर की तुलना में मेनफ्रेम कंप्यूटर खरीदना आसान नहीं है। 
  • सुपर कंप्यूटर की तरह जटिल समस्याओं की गणना या समाधान नहीं कर सकता।
  • अगर कोई कंपोनेंट डाउन हो जाता है तो पूरा सिस्टम डाउन हो जाता है जो मेनफ्रेम कंप्यूटर की सबसे बड़ी खामी है।
  • सामान्य कंप्यूटर की तुलना में अधिक स्पेस की आवश्यकता होती है। 

Conclusion

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमनें Mainframe Computer के बारे में बात की और जाना कि मेनफ्रेम कंप्यूटर क्या है?(What is Mainframe Computer In Hindi) इनका क्या उपयोग है और इनके क्या फायदे व क्या नुकसान है? (Advantages and Disadvantages of Mainframe Computer In Hindi)

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One Comment

  1. Pushpa singh says:

    Aapne bahut hi badiya jankari sheyar ki hai

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